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नया हरियाणा

मंगलवार, 13 नवंबर 2018

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विपक्ष के पास नहीं है सरकार के विरुद्ध कोई मुद्दा : कैप्टन अभिमन्यु

उन्होंने कहा कि जनहितैषी नीतियों की बदौलत पुनः देश-प्रदेश में सत्ता पर काबिज होगी भाजपा.

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17 जुलाई 2018

नया हरियाणा

हरियाणा के वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने दावा किया है की नरेंद्र मोदी देश के इतिहास के सबसे बड़े किसान हितैषी प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने गत चार वर्षों में किसान के हित में अनेक निर्णय लिए हैं और वे 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की योजना पर कार्य कर रहे हैं. हाल ही में धान, दालों और कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में एतिहासिक बढौतरी करके नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया की उन्हें किसान की चिंता है और वे किसान के दर्द को समझते हैं. केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार के किसानों के लिए गये फैसलों और विपक्ष के सवालों पर कैप्टन अभिमन्यु से पंजाब केसरी ने ख़ास बातचीत की. पेश हैं उसके अंश:

सवाल- केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी में की गई बढौतरी को आप कैसे देखते हैं?
नरेंद्र मोदी एक आम परिवार में पैदा हुए. उन्होंने गरीबी और तंगी देखी है. वे किसानों की परेशानियों से भली भांति वाकिफ हैं. जिस दिन से वो देश के प्रधानमंत्री बने हैं तभी से किसान हित में निर्णय ले रहे हैं. उन्होंने किसानों की आय बढाने के लिए फसलों के एमएसपी में लगातार वृद्धि की है. 2014 के मुकाबले अब देश के किसानों को उनकी फसलों के ज्यादा दाम मिल रहे हैं. हाल ही में किसानों को फसल की लागत का कम से कम डेढ़ गुना दाम दिलाने का वादा पूरा करने की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है. धान की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन में 349, मूंग में 1,400 रुपये की बढौतरी की गई है. इसी तरह से कपास की एमएसपी में 1100 रूपये से अधिक की बढौतरी हुई है. इस बढौतरी से किसानों को बड़ा लाभ होगा.

केंद्र सरकार की वे कौन सी योजनायें हैं जिनसे किसान को लाभ होगा?
केंद्र सरकार ने ऐसी अनेक योजनायें शुरू की हैं जिनसे किसान को भारी लाभ होगा. सॉयल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन जैसी अनेक योजनायें किसानों को लाभ देने के लिए शुरू की गई हैं और इनके बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं. सरकार का मकसद किसान के घर में खुशहाली लाना है और इसी दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं.

क्या आपको लगता है की 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो पाएगी?
किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सामने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. देश में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने किसानों की समग्र भलाई के लिए इस तरह का कोई लक्य्  देशवासियों के सामने रखा. 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि मंत्रालय योजनाबद्ध तरीके से 7 सूत्री कार्य योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई की सही व्यवस्था, फसलों के सही दाम., गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती, फसलों में नुक्सान कम करने जैसे विषय शामिल हैं. जिस मनोयोग से पूरी सरकार किसानों की भलाई के लिए निरंतर प्रयासरत है उससे मुझे पूरा भरोसा है की प्रधानमंत्री का यह सपना जरुर पूरा होगा.

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए क्या किया है?
हरियाणा की भाजपा सरकार किसान हितैषी सरकार है. हमारी सरकार हर सुख दुःख में प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी रही हैं. जहाँ एक ओर किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम दिए और खाद्यान की खरीद सुनिश्चित की वहीँ वहीं आपदा की स्थिति में किसानों को मुआवजे के तौर पर 3 हजार करोड़ से आर्थिक अधिक की मदद भी दी जिसमें पिछली सरकार द्वारा छोड़ा गया 269 करोड़ रूपये का मुआवजा भी शामिल है. हमने प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों की मुआवजा राशि 10 हज़ार रू से बढ़ाकर 12 हजार रु. प्रति एकड़ की तो कम से कम नुकसान की स्थिति में किसानों के लिए न्यूनतम 500 रु. मुआवजा सुनिश्चित किया. जिन क्षेत्रों में फसलें 50% से अधिक खराब हुई, वहां एक वर्ष के लिए किसानों के कृषि के बिल शत-प्रतिशत माफ किये गये. जिन क्षेत्रों में फसलें 25% से लेकर 50% तक खराब हुई, वहां किसानों के टयूबवेल के बिल 50% माफ किये. राज्य सरकार ने प्रति एकड़ मुआवजा दर बढ़ाने के साथ-साथ बाढ़, जलभराव, अग्नि, बिजली की चिंगारी, भारी वर्षा, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और सफेद मक्खी के प्रकोप आदि के कारण क्षतिग्रस्त फसलों को मुआवज़ा देने का दायरा भी बढ़ाया. प्रदेश सरकार द्वारा समय पर कर्ज की अदायगी करने वाले किसानो को बिना व्याज पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है. ई-दिशा के माध्यम से राज्य की सभी तहसीलों व उप-तहसीलों में 3 फरवरी, 2015 से नई रजिस्ट्रेशन प्रणाली शुरू की गई जिसके तहत यदि आवेदक चाहे तो वह रजिस्ट्री डाक द्वारा तीन दिन के अन्दर प्राप्त कर सकता है. प्रदेश सरकार ने 2 मई, 2015 से ई-स्टैम्प प्रणाली लागू की गई और प्रत्येक माह की 12 व 26 तारीख (कार्य दिवस) इंतकाल शून्य करने के लिए निर्धारित की गई. 

विपक्ष का आरोप है की एसवाइएल के निर्माण को लेकर सरकार गंभीर नहीं है?
विपक्षी दलों ने एसवाइएल पर सिर्फ राजनीति की और जनता को बरगलाने का काम किया. इनेलो और कांग्रेस ने अपने शासन काल में इस नहर के निर्माण के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया. 2014 में हमारी सरकार बनने के साथ ही हमने इस दिशा में महत्तवपूर्ण कदम उठाये गये. सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से मामले की पैरवी की गई जिसकी वजह से निर्णय हमारे पक्ष में आया. मुझे पूरा भरोसा है की इस नहर का निर्माण जल्द शुरू होगा और हमारी सरकार ही इस नहर में पानी लेकर आएगी. 

विपक्ष का आरोप है की भाजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है इस पर क्या कहेंगे.
विपक्ष के पास मुद्दे नहीं बचे हैं इसलिए विपक्षी नेता झूठ और तथ्यहीन बयानबाजी कर रहे हैं. हमारी सरकार ने किसानों के हित में जितने निर्णय साढ़े तीन वर्ष में लिए हैं उतने कांग्रेस ने दस साल और इनेलो ने 6 साल के शासन में नहीं लिए थे. हमारी सरकार के समय फसलों की एमएसपी में एतिहासिक बढौतरी की गई है. किसानों की जमीन को बिना उनकी इच्छा के सरकार एक्वायर नहीं करती जबकि पिछली सरकार ने किसानों की हज़ारों एकड़ जमीन उनसे छिनकर बिल्डरों को दे दी थी. अगर विपदा की बात करें तो हमने अब तक तीन हज़ार करोड़ से ज्यादा का मुआवजा किसान भाइयों को दिया है. इतना मुआवजा हरियाणा के इतिहास में कभी नहीं दिया गया. किसानों के लिए फसल बीमा योजना शुरू की गई. प्रधानमन्त्री जी ने किसानों के लिए अनेक योजनायें ना केवल शुरू की बल्कि उन पर पूरी नज़र भी रख रहे हैं ताकि योजनायें सही तरीके से लागू हों. विपक्ष को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए.

ऐसा लगता है की भाजपा नेताओं में अंतर्कलह बहुत ज्यादा है?
भाजपा एक परिवार है. यहाँ हम सभी एक परिवार की तरह कार्य करते हैं. जैसे कभी कभार परिवार के सदस्य किसी विषय पर एक दूसरे से असहमत हो जाते हैं वैसे ही यहाँ भी असहमति सामने आती है. यह एक स्वस्थ परम्परा है. इससे लोकतंत्र मजबूत होता है. हमारी पार्टी उन दलों की तरह नहीं है जहाँ किसी को भी कुछ बोलने की अनुमति नहीं है. विपक्षी दलों को अपने भीतर झांकना चाहिए और भाजपा के अंदरूनी लोकतन्त्र से सीख लेनी चाहिए.

विपक्ष दावा करता है की भाजपा सरकार ने विकास का कोई काम नहीं किया यह घोषणाओं और जुमलों की सरकार है.
जैसा मैंने पहले कहा की विपक्ष के पास ना कोई मुद्दा बचा है और ना ही उन्हें जनता की भावनाओं की समझ है. हमारी सरकार ने ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ के मन्त्र पर चलते हुए ‘सबका साथ - सबका विकास’ किया है. हमारी सरकार ने भाई भतीजावाद, क्षेत्रवाद और भ्रष्टाचार को समाप्त किया है. हमने नौकरियों की नाम पर चहेतों को बंटने वाली रेवड़ियों का सिस्टम बंद करके ईमानदारी से उन युवाओं को नौकरियां दी जिनका हक़ था. जनता का पूरा सहयोग हमारे साथ है और जनता के सहयोग और प्यार से ही 2019 में केंद्र और हरियाणा में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी. यह बात विपक्षी दल हज़म नहीं कर पा रहे हैं इसलिए बिना सर पैर की बयानबाजी कर रहे हैं.  

विपक्ष का यह भी आरोप है की आपकी सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित कर रही है?
भाजपा ने कभी इस प्रकार की राजनीति नहीं की. जो भी मामले हमारे सामने आये हैं उनमे कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है.  इतिहास इस बात का साक्षी है की किस तरह से कांग्रेस की सरकार ने देश में आपातकाल लगाकर राजनीतिक विरोधियों को जेलों में ठूंसा था. हरियाणा के लोग नहीं भूले किस तरह से ॐ प्रकाश चौटाला के कार्यकाल में राव नरबीर, तेजी मान, आनंद सिंह दांगी जैसे नेताओं को जेल जाना पड़ा. भूपेन्द्र हुड्डा की सरकार के समय ॐ प्रकाश चौटाला जेल गये. बाली पहलवान को जेल जाना पड़ा. इसे क्या कहा जाएगा? क्या इन्हें जेल भेजने में हुड्डा की भूमिका थी? उन्हें जवाब देना चाहिए. विपक्षी नेताओं को इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपना इतिहास जाँच लेना चाहिए. हमारा किसी से कोई द्वेष नहीं है. हम सिर्फ हरियाणा के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं और इसी वजह से सरकार जन जन में लोकप्रिय है. विपक्ष के साथियों को यही बात हजम नहीं हो रही है.

इस बात की चर्चाएँ हैं की 2019 में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए नए चेहरे मैदान में उतारे जायेंगे?
चुनाव को लेकर क्या रणनीति बनेगी अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता. कौन चुनाव लडेगा और कौन नहीं यह तय करने का कार्य पार्टी हाई कमान का है. जिसे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी वह उसे निभाएगा. हम सबका मकसद पार्टी को जीत दिलवाना रहेगा.

पंजाब केसरी से साभार


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