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नया हरियाणा

मंगलवार, 20 नवंबर 2018

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फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए फार्मूला तय होने से आया किसानों की आर्थिक आजादी का दिन

 कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ गुरुवार को गोहाना में सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में किसानों तथा भाजपा किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

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5 जुलाई 2018

नया हरियाणा

 

हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए फार्मूला निर्धारण का स्वागत करते हुए कहा कि आज किसानों की आर्थिक आजादी का दिन है। अब कोई भी सरकार अपनी मनमर्जी से फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं कर सकेगी। इसकेे लिए उन्हें निर्धारित फार्मूला अपनाना होगा, जिससे किसानों को फसलों का अच्छा दाम मिलेगा। 
  कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ गुरुवार को गोहाना में सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में किसानों तथा भाजपा किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। किसानों को बधाई देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि मोदी से बढक़र किसानों-गरीबों को सच्चा हितैषी कोई दूसरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में भाजपा किसान मोर्चा ने स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। लंबी पदयात्राएं की थी और चंडीगढ़ में कुर्ता उतार प्रदर्शन भी किया था। तब कांग्रेसी व लोकदल के सदस्य उनका मजाक उड़ाते थे कि ओमप्रकाश धनखड़ ने सलमान खान की तरह कुर्ता उतार दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि सलमान खान का कुर्ता उतरने पर 100 करोड़ मिलते हैं लेकिन उनके कुर्ता उतारने पर किसानों को 33500 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। ऐसा हर वष होगा। पहली बार फसलों के मूल्य में ऐसी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, जिसमें हरियाणा को किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपये मिलेंगे। 
  कृषि मंत्री धनखड़ ने मूल्य निर्धारण फार्मूले को विस्तार से समझाते हुए कहा कि अब फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 प्रतिशत मुनाफे के साथ देना होगा। किसानों के लिए ऐसा काम कभी सर छोटूराम ने किया था। प्रधानमंत्री के इस कार्य को आने वाली पीढिय़ां भी याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि अन्य फसलों की भांति मोटे अनाज की फसलों के लिए भी समान रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा ताकि सभी किसानों की जेबों में बराबर पैसे हों। सरकार अब हर फसल की खरीद करेगी। यह ऐतिहासिक कदम है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की खुले दिल से तारीफ करनी चाहिए, जिन्होंने बेहद कठिन फैसला लिया है। यदि ऐसा करना आसान होता तो कांगे्रस भी यह निर्णय ले लेती, किंतु पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तो स्वामीनाथन रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। चुनाव निकट आने पर स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने के लिए वर्ष 2010 में एक कमेटी गठित करके किसानों को बरगलाने का कार्य किया, जिस कमेटी के चेयरमैन स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे। उन्होंने कहा कि हुड्डा अपनी कमेटी की रिपोर्ट ही लागू नहीं करवा सके तो उनसे बढक़र कमजोर मुख्यमंत्री कौन होगा। 
 कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि अब कांग्रेस व लोकदल को अपने अंदर झांकने की जरूरत है। इन दोनों दलों ने झूठे वायदों के अलावा धरातल पर कुछ नहीं किया। इनका जनाधार खिसक चुका है। सरकार के इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर है। इससे किसानों की आमदनी में खासी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि पहले जहां किसान को प्रति एकड़ 11 हजार रुपये लाभ मिलता था अब उसे प्रति एकड़ 22 हजार से 32 हजार रुपये प्रति एकड़ फायदा होगा। साथ ही फसल विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि किसानों की हर प्रकार की फसल सरकार खरीदेगी। भाजपा ने किसानों के हित में बेहतरीन कदम उठाये हैं। मुआवजा देने के मामले में भी भाजपा ने सबको पीछे छोड़ दिया है। हरियाणा में प्रति एकड़ 12 हजार रुपये मुआवजा देने का काम भाजपा सरकार ने किया है। जबकि पूर्व सरकार मुआवजा देने के नाम पर किसानों के साथ मजाक करती थी। 
   


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