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नया हरियाणा

शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

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कर्मचारियों के पक्ष में अध्यादेश लाने की तैयारी में है सरकार : कैप्टन अभिमन्यु

कच्चे कर्मचारियों को हाईकोर्ट से लगे झटके जल्द राहत दे सकती है हरियाणा सरकार.

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5 जुलाई 2018

नया हरियाणा

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हुड्डा सरकार की रेगुलराईजेशन पॉलिसी को रद्द करने के मामले सरकार कर्मचारियों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि इस विषय में कानूनी राय ली जा रही है। इसके अलावा जो पक्के कर्मचारी कच्चे हुए हैं, उनके लिए सरकार अध्यादेश लाने पर भी विचार कर रही है, ताकि उन कर्मचारियों पर प्रभाव न पड़ सके। कैप्टन अभिमन्यु ने आज यहां एक निजी चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिये गए निर्णय पर सरकार सोच-समझ और गहन विचार-विमर्श करके ही कोई कदम उठाएगी.
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा देश के भौगोलिक क्षेत्र का केवल 2 प्रतिशत है, इसके बावजूद हरियाणा का देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद आज हरियाणा देश में प्रति व्यक्ति जीएसटी कलेक्शन में नंबर वन है जो हरियाणा की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे और बजट प्रबंधन में भी हरियाणा बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य है।  उन्होंने कहा कि 2014 से पहले सरकारी कर्मचारियों को अपनी जरूरतों के लिए विभाग से कर्ज लेने के लिए पहले लाइनों में लगना पड़ता था, वित्त मंत्री के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनको कर्ज लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हमारी सरकार ने इस सिस्टम को बदलने के लिए का पॉलिसी बनाई की अब सरकारी कर्मचारी विभाग से कर्ज ने लेकर पजाब नेशनल बैंक से कर्ज लेंगे। कर्मचारियों को उसी ब्याज की दर से कर्ज मिलेगा जिस पर विभाग से मिलता था। अगर बैंक की ब्याज दर में कोई अंतर हुआ तो सरकार उस अंतर को खुद वहन करेगी, लेकिन कर्मचारी को बिना किसी परेशानी के पुरानी दरों पर ही लोन मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, जिससे कर्मचारियों को अब किसी कार्यालय के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं है। 
उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा में परिवारवाद, क्षेत्रवाद की राजनीति होती थी। इसलिए प्रदेश का मुखिया केवल अपने परिवार, सम्बन्धियों और अपने क्षेत्र का ही विकास करता था। वर्तमान सरकार ने इस प्रथा को समाप्त करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सबका साथ-सबका विकास पर चलते हुए पूरे प्रदेश का एक समान विकास किया  है। इसके साथ ही हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा देकर समाज को संदेश दिया कि पूरा प्रदेश एक है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में हरियाणा की बहुत नकारात्मक पहचान बन गई थी। वर्तमान सरकार के प्रयासों से आज हरियाणा का नाम देश और दुनिया में जाना जाने लगा है। आज हरियाणा की प्रगतिशील राज्य की पहचान बनी है। हरियाणा का गुरुग्राम जिला आज आर्थिक राजधानी कहा जाने लगा है। 50-60 देशों के लोग गुरुग्राम में रहते हैं और लगभग 200 बड़ी कंपनियों के हैडक्वार्टर और ऑफिस गुरुग्राम में हैं। उन्होंने कहा कि उद्यम नीति- 2015 बनने के बाद सरकार द्वारा प्रदेश में लगातार नए उद्योगों को लगाने के लिए बढ़ावा दिया गया और उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए सिंगल रूफ सिस्टम स्थापित किया ताकि उद्यमियों को सभी प्रकार की क्लीयरेंस एक छत के नीचे मिले। अब उद्यमियों को क्लीयरेंस के लिए कार्यालयों को चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में 2014 में 14वें नंबर पर रहा हरियाणा आज नंबर वन है। उन्होंने कहा कि उद्यम नीति- 2015 के अनुसार राज्य में लगभग 1 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2016 में गुरुग्राम में हुए पहले हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 6 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे और वर्तमान में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट विभिन्न कंपनियों द्वारा शुरू कर दिये गए हैं, जो उद्यम नीति- 2015 के तय लक्ष्य से अधिक है।     
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर शासन-प्रशासन देने के लिए जीरो टोलरेंस नीति पर चलते हुए सरकार ने आईटी को बढ़ावा दिया। ई-सेवाओं के माध्यम से लोग आज घर बैठे सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटी के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। जो लोग सरकारी पदों पर होते हुए गलत तरीके से लाभ अर्जित करने की कोशिश करते थे, आईटी के प्रयोग से सब रास्ते ही बंद हो गए हैं। सबकुछ ऑनलाइन होने के कारण आज एक भ्रष्टाचार रहित सिस्टम कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक अच्छी व्यवस्था खड़ी की है और आगे भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा को पूर्णतः भ्रष्टाचार मुक्त करना हमारा लक्ष्य है और पर निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा को लिंगानुपात में लड़कियों की कम संख्या के लिए जाना जाता था आज उसी हरियाणा की बेटियां देश व दुनिया में विभन्न क्षेत्रों में नाम कमा कर परिवार व प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत के बाद हरियाणा के लोगों ने जिस प्रकार सहयोग किया वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति बेहद गंभीर है। इसके अलावा, समाज के नजरिये को भी बदलने की आवश्यकता है जो लंबा कार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती घोटालों पर कार्रवाई करते हुए लोगों को जेल में डाला, ताकि ऐसा संदेश जाए कि गलत काम करने का परिणाम गलत ही होगा और सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारें पहले घोटालों को उजागर ही नहीं करती थी , लेकिन हमारी सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। 
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से खराब होती फसलों के नुकसान से किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा  योजना के अंतर्गत कवर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने 3 साल के कार्यकाल में 1000 करोड़ रुपये सालाना किसानों को मुआवजा दिया है, जबकि पहले की सरकारों ने 35 करोड़ रुपये और 80 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से मुआवजा राशि वितरित की थी। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने सब्जी उगाने वाले किसानों को बड़ी राहत देते हुए भावान्तर भरपाई योजना की शुरुआत की जिसके अंतर्गत आलू, प्याज, टमाटर और गोभी के लिए समर्थन मूल्य तय किया । अगर किसानों की सब्जी तय समर्थन मूल्य से कम  मूल्य पर बिकेगी तो उस भाव के अन्तर को सरकार किसानों को देगी। इसके अलावा, सरकार ने किसानों को फसलों के विविधिकरण के प्रति प्रोत्साहित किया है। 
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं के सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हरियाणा में मैनुफैक्चर और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देना होगा ताकि रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो। उन्होंने कहा कि राज्य की 57 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। एक छात्र द्वारा जाट आंदोलन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि हिंसा किसी बात का हल नहीं है, आमजन को कानून को हाथ में लेने का कोई हक नहीं है। किसी अपराधी या दोष को सजा देना न्यायतंत्र का काम है। भीड़तंत्र से लोकतंत्र का खात्मा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का हक सबको है, लेकिन हिंसा करने का हक नहीं किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में बातें सामने आई हैं कि इसमें किसी न किसी की शरारत और साजिश अवश्य थी। इसलिए अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधी वर्ग को सामने रख कर बचने का प्रयास करता है, लेकिन यह समझना अवश्य है कि व्यक्ति अपराधी होता है, वर्ग अपराधी नहीं होता। 
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहले से लिए गये महंगे कर्ज को वापिस किया और नया कर्ज सस्ती दरों पर लिया, जिसका परिणाम हुआ कि सिर्फ बिजली कम्पनियों द्वारा लिए गये कर्ज पर के ब्याज पर ही सरकार को 800 करोड़ रुपये सालाना बचत हुई। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के करीब 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसका ब्याज 2650 करोड़ रुपये प्रति वर्ष था। बिजली कंपनियों के इस बोझ को कम करने के लिए सरकार ने उद्य योजना लागू की जिसके अंतर्गत 2650 करोड़ रुपये प्रति वर्ष ब्याज की दर का सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया, जिससे बिजली कंपनियों के कर्ज का बोझ कम हुआ और आज बिजली कंपनियां लाभ में चल रही है जो पहले कभी घाटे में चलती थी। इसके अलावा बजट में पूंजीगत व्यय को 26 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य पर भी रखा गया है ताकि बजट का बड़ा हिस्सा न केवल राजस्व व्यय पर जाए बल्कि पूंजीगत व्यय भी बढ़े।


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