Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

बुधवार, 20 नवंबर 2019

पहला पन्‍ना सर्वे लोकप्रिय 90 विधान सभा हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप English

इनेलो ने किया था सीएलयू कांड का पर्दाफाश, धीमी जांच ने उठाए मनोहर सरकार पर सवाल!

हुड्डा सरकार के समय इनेलो ने सीएलयू कांड को सीडी के माध्यम से उठाया था.

abhay singh chautala, clu cd kand, bhupinder singh hooda, manohar lal, naya haryana, नया हरियाणा

2 जुलाई 2018



नया हरियाणा

सीएलयू(चेंज ऑफ लैंड यूज) सीडी कांड पर आखिर कांग्रेस के नेताओं, अफसरों और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा को बचाने में क्यों लगी है मनोहर सरकार. आपको बता दें कि हरियाणा के चर्चित सीएलयू कांड की जांच अभी तक चल रही है. हिसार विजिलेंस के पास यह केस है. इसकी जांच डीएसपी कर रहे हैं. इसमें अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है. इस मामले को करीब पांच सार पहले इनेलो ने सीडी जारी करके उठाया था. इनेलो ने सीडी जारी करके तत्कालीन हुड्डा सरकार में रहे मंत्री सीपीएस, विधायकों और पूर्व विधायक पर सीएलयू कराने और सर्व शिक्षा अभियान के तहत फाइल क्लियर कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे. ऐसे मनोहर सरकार की ईमानदारी का शक के घेरे में आना लाजिमी है. इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला इस सीएलयू कांड के कारण ही हुड्डा सरकार को सीएलयू सरकार कहते थे. आखिर इस धीमी जांच के माध्यम किसे बचाने की कोशिश की जा रही है.

गौरतलब है कि हरियाणा के चर्चित सीएलयू (चेंज लैंड यूज) कांड मामले में लोकायुक्त जस्टिस प्रीतमपाल सिंह ने बुधवार को 5 पूर्व कांग्रेसी विधायकों पर केस दर्ज करने की सिफारिश की है। लोकायुक्त ने सरकार को मामले की जांच किसी ईमानदार, और उच्च रैंक के अधिकारी से कराने को कहा है। इन लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी तीन माह में देने के आदेश दिए हैं। भाजपा सरकार में लोकायुक्त की यह बड़ी कार्रवाई है। इनेलो ने सीडी जारी कर तत्कालीन हुड्डा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे राव नरेंद्र सिंह, सीपीएस विनोद भ्याना, रामनिवास घोड़ेला, पूर्व विधायक जरनैल सिंह और नरेश सेलवाल पर सीएलयू कराने और सर्व शिक्षा अभियान के तहत फाइल क्लियर कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। इसके बाद लोकायुक्त के सामने सभी पर अलग-अलग शिकायतें पेश की थीं। एफएसएल जांच में स्टिंग करने वालों की आवाज के सैंपल मैच कर गए।
लोकायुक्त ने स्टेट विजिलेंस के एडीजीपी वी. कामराज से मामले की जांच कराई। एडीजीपी ने आरोपियों और स्टिंग करने वालों को अावाज व फोटो के नमूने देने को बुलाया। आरोपी पूर्व विधायक नहीं आए। स्टिंग करने वाले हिसार के धर्मेंद्र कुहाड़ व हांसी के भीम सिंह ने एफिडेविट और नमूने दे दिए। नमूनों की हैदराबाद व चंडीगढ़ एफएसएल से जांच कराई गई। इसमें नमूने सीडी से मैच कर गए। एडीजीपी ने माना कि जब स्टिंग करने वाले की आवाज मैच कर रही है तो आरोपियों की आवाज व तस्वीरें अलग कैसे हो सकती है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज करने को स्वीकृति दी है।7 सितंबर 2013 को इनेलो ने एक सीडी जारी की थी। इसमें पूर्व मुख्य संसदीय सचिव समेत कांग्रेस के कुछ विधायक व कार्यकर्ता सीएलयू कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहे हैं। इसके अगले दिन दूसरी सीडी जारी की। इसमें उपर्युक्त सभी आरोपी रिश्वत मांग रहे हैं। लोकायुक्त ने रामनिवास व अन्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। फौजी ने फैसले को हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी थी कि सीडी को टैंपर किया गया। कोर्ट ने केस दर्ज करने पर रोक लगा दी। बीते मंगलवार को कोर्ट ने केस दर्ज करने को मंजूरी दे दी। इसके बाद बुधवार को लोकायुक्त ने दूसरे मामले में आरोपियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश कर दी।
सरकार आरोपियों पर केस दर्ज कर सकती है। आरोपियों के पास भी हाईकोर्ट में जाने का विकल्प है। उधर, हाईकोई की मंजूरी के बाद रामकिशन फौजी सहित अन्य के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है। आरोपियों पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी। जिनके दम पर आरोपी पूर्व विधायक सौदेबाजी कर रहे थे, उस व्यक्ति पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री विधायकों के पास एक्जीक्यूटिव पावर नहीं होती। सभी काम नियमों के तहत किए थे। पार्टी का नहीं, व्यक्तिगत मसला है। कांग्रेस राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी। -अशोक तंवर, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस.सीएलयू का विभाग सीधे सीएम के अधीन होता है। इसलिए कांग्रेस के तत्कालीन सीएम हुड्‌डा पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस फैसले से इन आरोपों की भी पुष्टि हुई है। -अशोक अरोड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, इनेलो


बाकी समाचार