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नया हरियाणा

रविवार, 22 जुलाई 2018

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ग्रामीणों को 24 घंटे व सस्ती बिजली देने को प्रयासरत है हरियाणा सरकार

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिजली के बिल फाड़ने पर नहीं 24 घंटे बिजली देने के लिए प्रयासरत है.

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29 जून 2018

नया हरियाणा

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई म्हारा गांव-जगमग गांव योजना एक बेहतरीन प्रयोग है जिसने परंपरागत राजनैतिक सांस्कृति को बदलने का कार्य किया है। इससे पूर्व सत्ता में आने की इच्छा रखने वाले सभी राजनेता लोगों को बिजली के बिल फाडऩे के लिए प्रेरित करते थे और सत्ता में आने के पश्चात उन पर गोलियां चलवाते थे। वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लोगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की  शुरूआत की है।
    यह बात वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आज विद्युत सदन में आयोजित बैठक कक्ष में आयोजित विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग एक वाणिज्यिक संस्था के रूप में लोगों को बिजली की सेवाएं उपलब्ध करवाता है। हमने लोगों को उनके घर-द्वार पर जाकर समझाया कि यदि सेवा चाहिए तो उन्हें इसके लिए मूल्य भी चुकाना होगा। उसी का परिणाम है कि आज हरियाणा के पांच जिले जगमग योजना से रोशन हो चुके हैं तथा छठे जिले फतेहाबाद में आगामी एक जुलाई से 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। अब हम इस योजना के तहत नारनौंद विधानसभा क्षेत्र को रोशन करने की योजना बना रहे हैं। 
    इसके लिए उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जागरूकता कैंप लगाकर लोगों को इस योजना के बारे में बताने को कहा ताकि वे इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ-साथ इन शिविरों में ढाणियों में बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सौभाग्य योजना की भी जानकारी लोगों को देने के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए।
    वित्त मंत्री ने कहा कि नारनौंद क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने से शिक्षा, स्वास्थ्य व आम आदमी के जीवन स्तर में बेहतर सुधार आएगा। 24 घंटे बिजली आपूर्ति से इस क्षेत्र में आर्थिक  संभावनाएं बढ़ेंगी। जिस क्षेत्र में 24 घंटे बिजली रहती है वहां लघु व कुटीर उद्योग के साथ-साथ बड़े उद्योग भी आकर्षित होते हैं और औद्योगिक क्षेत्र रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। इस तरह दुरूस्त बिजली आपूर्ति क्षेत्र के आर्थिक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि विभाग को यह कोशिश करनी है कि क्षेत्र का हर गांव जगमग योजना से कैसे जुड़े। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर भी इस योजना को सफल बनाने के लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह भ्रांतियां है कि यदि वे इस योजना में शामिल हो जाएंगे तो उनके बिजली बिल ज्यादा आएंगे जबकि वास्तविकता यह है कि इस योजना के सफल होने पर बिजली बिलों में अपेक्षाकृत कमी आएगी। यहीं धारणा बदलने के लिए विभाग के साथ-साथ सरकार भी प्रयासरत् है।
    वित्तमंत्री ने कहा कि जून-2005 के बाद जिन लोगों ने अपना बिल नहीं भरा है ऐसे गांव बिल भरने के लिए स्वयं आगे आकर अपनी मूल बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं। इसके तहत जिन घरों का लोड एक किलोवाट है वे 1440 रुपये प्रति वर्ष की दर से एकमुश्त अदायगी कर अपने बकाया का निपटान करवा सकते हैं। इसी तरह यदि किसी का लोड दो किलोवाट है तो वे प्रतिवर्ष 2880 रुपये की दर से अपना बकाया निपटा सकते हैं। इसके लिए वे मूल राशि को भी किस्तों में जमा करवा सकते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार बिजली कनेक्शन कटने उपरांत यदि छह माह के भीतर दोबारा कनेक्शन करवाना चाहते हैं तो उनसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
    वित्त मंत्री ने विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र के सभी 17 फीडरों बारे विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी फीडरों पर लाइन लॉस कम करवाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ फीडरों पर लाइन लॉस 20 प्रतिशत से कम कर लिया जाता है तो ये क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए एक मिसाल होंगे। इससे लोगों को इस योजना में शामिल हुए फीडरों से होने वाले फायदों का पता चलेगा।
    उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र में 54 ऐसी ढाणियां है जिनमें न तो आर.डी.एस. फीडर से और न ही कृषि फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसी ढाणियों को सौभाग्य योजना के तहत बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विभाग द्वारा 113 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इन ढाणियों में ऑफ ग्रिड मैथ्ड अपनाते हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली मुहैया करवाई जाए।
    कैप्टन अभिमन्यु ने इस मौके पर अधिकारियों के साथ नारनौंद क्षेत्र की समस्याओं पर भी विचार किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिसाय क्षेत्र में स्टाफ की कमी को रेशनलाइजेशन नीति के तहत दूर करवाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों ने तत्काल योजना के तहत बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है उनको आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर हर हालत में कनेक्शन मुहैया करवाया जाए। यदि तत्काल कनेक्शन 30 दिन के भीतर उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेवारी तय की जाए।
    उन्होंने अधिकारियों से सिंधड गांव से सिंगवा को सीधी लाइन से जोडऩे के निर्देश दिए तथा जिन घरों के ऊपर से बिजली की तारें गुजरने से लोगों के लिए खतरा हैं उनको वरीयता के आधार पर हटाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ-साथ उन्होंने कमजोर तारों व खराब ट्रांसफार्मरों को भी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सिसाय गांव में कार्यरत स्वास्थ्य केंद्र में हॉट लाइन से कनेक्ट किया जाए तथा खेड़ी चौपटा के स्वास्थ्य केंद्र को 15 दिन के भीतर बिजली कनेक्शन दिया जाए।
    वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग के लिए तो अधिकारी/कर्मचारी है परंतु अन्य विभागों के लिए वह एक उपभोक्ता भी है। इसलिए जनहित में वह अपने उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं तथा उन्हें संतुष्टिजनक सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करें।
    इस अवसर पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रोजेक्ट निदेशक प्रोजेक्ट आर.के.बतरा ने वित्त मंत्री को विश्वास दिलाया कि निगम द्वारा उनके सुझावों पर शत-प्रतिशत अमल किया जाएगा तथा उपभोक्ता संतुष्टि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के ऑपरेशन निदेशक एस.के.बंसल, चीफ इंजीनियर आर.के.जैन, एस.के.सोढ़ा और डी.एल. हंसू, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. साहिब राम गोदारा, जिला राजस्व अधिकारी राजेन्द्र कुमार, डी.टी.सी. सतबीर सिवाच, अजय सिंधु, प्रो. मंदीप मलिक, सत्यपाल श्योराण, सतपाल मल्हान, शशी ढाका व बलराज लोहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


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