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नया हरियाणा

शनिवार, 22 सितंबर 2018

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इमरजेंसी के 43 साल : देश के दिग्गज नेता थे रोहतक की जेल में

25 जून 1975 को लगाई थी इमरजेंसी.

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25 जून 2018

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43 साल पहले की ‘इमरजेंसी’ घोर राष्ट्रीय विपदा थी, जिसे इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए लगवाया था। वैसे तो उसकी कोई जरूरत नहीं थी, अगर उनकी तानाशाही को कांग्रेस रोक पाती। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी माना है कि वह टालने योग्य घटना थी। वह घटना थी या दुर्घटना। इसके बारे में अलग-अलग मत हैं।जबकि इमरजेंसी के बारे में सारे तथ्य हमारे सामने हैं तब उसके हर स्याह-सफेद पक्ष से नई पीढ़ी को अवगत कराया जा सकता है। पहली बात जो बतायी जानी चाहिए वह यह है कि इंदिरा गांधी ने संविधान की प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर इमरजेंसी लगाई थी। दो काम किए थे। पहला कि राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद को गहरी नींद से आधी रात में जगाया गया। 

तारीख थी 25 जून, 1975 उनसे जबरन दस्तखत करवाए गए। दूसरा कि मंत्रियों को अगले दिन सुबह नींद से जगा-जगा कर बुलाया गया। मंत्रिमंडल की जैसे तैसे बैठक हुई। उसमें इमरजेंसी लगा दिए जाने की सूचना दी गई। किसी मंत्री ने कोई सवाल नहीं पूछा। सब बहुत भयभीत थे। तब विपक्ष असावधान था। असंगठित था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नेतृत्व को वह अपने लिए और लोकतंत्र के लिए रामबाण समझता था। जानकारों का कहना है कि इंदिरा ने मंत्रिमंडल की कोई बैठक नहीं की। न ही अपने कानून मंत्री से सलाह की। बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेसी नेता सिद्धार्थ शंकर रे  के कहने पर  सीधा राष्ट्रपति को भेजकर कर दिया। रे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देशबंधु चित्तरंजन दास के पोते थे।

इमरजेंसी के दौरान देश के दिग्गज विपक्षी नेताओं को हरियाणा की जेलों में रखा गया था। दरअसल, हरियाणा के तब के एक दिग्गज कांग्रेसी नेता चौ. बंसीलाल को भी संजय गांधी से नजदीकियों के चलते इमरजेंसी के लिए जिम्मेदार रहे नेताओं में गिना जाता था। हरियाणा से दिल्ली सटा हुआ है और यहां उस समय इंदिरा-संजय के बेहद विश्वसनीय सीएम (कुछ समय बंसीलाल और रेल मंत्री बनाए जाने पर उनके ही `यसमैन सीएम रहे` बनारसी दास गुप्ता) थे। रोहतक जेल की बात करें तो यहां कांग्रेस से बागी होकर अलग हुए उस समय के युवा तुर्क जो बाद में पीएम बने चंद्रशेखर को भी रखा गया था। लोकदल के हरियाणा के दिग्गज नेता चौ. देवीलाल को भी दो बार रोहतक जेल लाया गया था। उड़ीसा के एक्स सीएम बीजू पटनायक, पूर्व उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी, समाजवादी नेता मधु दंडवते, पाकिस्तान के एक्स पीएम जुल्फिक्कार भुट्टो के करीबी दोस्त और स्वतंत्र पार्टी के नेता पीलू मोदी, लेफ्ट के बड़े लीडर मेजर जयपाल सिंह, जनसंघ के नेता सिकंदर बख्त, स्वामी इंद्रवेश आदि को भी रोहतक जेल में रखा गया था। जनसंघ-बीजेपी के हरियाणा के बड़े नेता मंगलसेन, सीपीआईएम के रघुबीर सिंह हुड्डा आदि भी रोहतक जेल में थे। वेस्ट बंगाल के एक्स सीएम ज्योति बसु, इमरजेंसी के दिनों में बेहद चर्चित रहे राजनारायण, एक्स सीएम ओमप्रकाश चौटाला, सीपीआईएम की केंद्रीय कमिटी के सदस्य इंद्रजीत सिंह आदि को हिसार जेल में रखा गया था।


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