Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

गुरूवार, 20 सितंबर 2018

पहला पन्‍ना English लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

कांग्रेस में खुल सकता है कुलदीप बिश्नोई का राजयोग!

हरियाणा की राजनीति में समीकरण पल-पल बदल रहे हैं.

Haryana Congress, Kuldeep Bishnoi, Bhupendra Hooda, Ashok Tanwar, Randeep Surjewala, Kiran Chaudhary, Kumari Selja,, naya haryana, नया हरियाणा

23 जून 2018

नया हरियाणा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर नियुक्तियां की है। हरियाणा की वरिष्ठ नेत्री एवं राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा को राजस्थान में स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन नियुक्त किया है।
 पिछले कई दिनों से शैलजा का नाम हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी चल रहा है। कुछ माह से शैलजा ने हरियाणा में अपनी सक्रियता बढ़ाई हुई है। शैलजा की नियुक्ति से उनका राजनीतिक कद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। यही नहीं राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़के को महाराष्ट्र का प्रभारी नियुक्त किया है।

ऐसे में हरियाणा की राजनीति के समीकरण बदलने की संभावनाओं को पर लग गए हैं। हरियाणा कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच के मनमुटाव किसी से छिपे नहीं हैं। बल्कि मौके-दर-मौके पब्लिक स्पेस में ही भीड़ गए हैं। ऐसे में क्या कांग्रेस कुलदीप बिश्नोई को हरियाणा का मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर सकती है या चुनाव में कुलदीप, तंवर, किरण चौधरी, रणदीप सुरजेवाला और हुड्डा आदि सभी के कन्फ्यूजन के साथ उतरना पसंद करेगी. गैर जाट और ओबीसी वोटरों को भाजपा की ताकत माना जा रहा है. ऐसे में भाजपा की इस मजबूती में कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई ही सेंध लगा सकते हैं. हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस का वोट प्रतिशत और सीट लगातार कम होती गई हैं. भूपेंद्र हुड्डा की राजनीति रोहतक, सोनीपत और झ्ज्जर तक सीमित होकर रह गई है. इसीलिए भूपेंद्र हुड्डा की रथयात्रा के केंद्र में जीटी रोड बेल्ट और दक्षिण हरियाणा मुख्य रूप से हैं. जहां वो अपना जनाधार दिखाकर पार्टी के भीतर और बाहर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका यह शक्ति प्रदर्शन पार्टी हाईकमान को कितना कन्वींस कर पाता है, यह समय ही बताएगा.

कहते हैं इतिहास अपने आप को दोहराता है. क्या जैसा खेल भजनलाल के साथ हुड्डा ने किया था, कहीं वैसा ही खेल कुलदीप बिश्नोई हुड्डा के साथ न कर दें. पल-पल सारी पार्टियों के अंतर्विरोध राजनीति को रोचक बनाए रखते हैं. इसी तरह के अंतर्विरोध भाजपा औऱ इनेलो में भी उभरते रहे हैं.


बाकी समाचार