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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जनवरी 2018

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नोटबंदी के बाद आयकर दाताओं की संख्या में 26% से अधिक की बढ़ोतरी हुई: कैप्टन अभिमन्यु

8 नवम्बर को देश भर में 'एंटी ब्लैक मनी डे' मनाया गया. आज ही के दिन एक साल पहले भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ एक बड़ी मुहीम के तहत नोटबंदी की गई थी जिसे देश वासियों से पुरजोर समर्थन दिया.


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8 नवंबर 2017

नया हरियाणा

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि पिछले तीन महीनों के आकड़ों के अनुसार हरियाणा का एसजीएसटी संग्रहण पंजाब से ढाई गुणा ज्यादा रहा है और कर संग्रहण के मामले में हरियाणा देश के बड़े राज्यों में पहले नंबर पर है। कैप्टन अभिमन्यु 500 और 1000 रुपये के नोटों के चलन से बाहर होने की वर्षगांठ पर आज यहां हरियाणा निवास में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के प्रभारी राजीव जैन भी उपस्थित थे। 

उन्होंने कहा कि आज देश के आर्थिक इतिहास के एक क्रांतिकारी निर्णय की वर्षगांठ है। आज से ठीक एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक दुस्साहस का परिचय देते हुए काले धन पर प्रहार कर कुल जारी करंसी नोटों के 86 प्रतिशत हिस्से को बंद करते हुए अनौपचारिक अर्थव्यवस्था से औपचारिक अर्थव्यवस्था की तरफ एक कदम बढ़ाया था। यह निर्णय सुविचारित और पूर्णत: चरणबद्घ ढंग से लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार के इस निर्णय को 125 करोड़ देशवासियों ने स्वीकार किया और इससे भ्रष्टाचार, नक्सलवाद और आतंकवाद पर करारी चोट हुई है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश काला धन विरोधी दिवस मना रहा है लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस इसे काला दिवस के तौर पर मना रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस इस निर्णय से हुई तकलीफ और दर्द को छुपा नहीं पा रही है और उसकी कलई खुल गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अपनी ही पार्टी के दबाव में इतनी हल्की बयानबाजी पर उतरना पड़ा कि उन्होंने इसे नोटबंदी की आड़ में लूट करार दिया है। उन्होंने कहा कि क्या भ्रष्टाचार पर चोट करना लूट है या उनके कार्यकाल में टू जी, सीडब्ल्यूजी, कोलगेट स्कैम, अंतरिक्ष देवास स्कैम और दामाद द्वारा की जा रही लूट थीï? वे बताएं कि वे किस कारण आंख मूंदकर बैठे रहे। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वीरप्पा मोइली के एक लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि मोइली ने कहा है कि नोटबंदी से काला धन खत्म नहीं हुआ। इससे साफ जाहिर होता है कि वे देश में काले धन की मौजूदगी स्वीकार करते हैं और इससे यह भी जाहिर होता है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कालेधन को बढ़ावा दिया।  

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हम विपक्ष दल से उम्मीद करते हैं कि वे देशहित के  इस निर्णय में सरकार का सहयोग दें। इसके साथ-साथ हमें स्वस्थ्य और स्वच्छ आलोचना पर भी  ऐतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि जीएसटी को तैयारी के साथ नहीं लाया गया। इस संबंध में मेरा कहना है कि जीएसटी को देश की संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं में पारित कानून के फलस्वरूप लागू किया गया है। कांग्रेस शासित राज्य भी जीएसटी काउंसिल के सदस्य हैं और उन सबके सहयोग व समर्थन से ही यह लागू हुआ है।  इतना ही नहीं कांग्रेस शासित राज्यों ने भाजपा शासित राज्यों से पहले काूनन पारित किया। इससे जाहिर होता है कि राहुल गांधी को जीएसटी के प्रारूप की जानकारी नहीं दी गई। 

वित्त मंत्री ने कहा कि विमुद्रीकरण को एक साल पूरा हो गया और ऐसे में इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। मुझे खुशी है कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया में इसके सम्बन्ध में काफी- कुछ पढऩे को मिल रहा है और यह एक स्वस्थ लोकतंत्र का परिचायक है। उन्होंने कहा कि हर मामले में सबका अपना-अपना आकलन होता है। लेकिन यह कदम 125 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरा है। इस कदम ने देश में विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। काले धन की चर्चाएं तो देश में पहले भी होती थी लेकिन पिछली सरकारें जनता को हौंसला नहीं दे पाई। पहली बार जनता की आवाज सुनते हुए प्रभावी कदम उठाया गया। पिछले एक साल से देश की दैवीय शक्तियों को बल मिला है और हर जगह काले धन व भ्रष्टाचार पर चर्चा हो रही है। 

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि नोटबंदी के फलस्वरूप देश में आयकरदाताओं की संख्या में 26 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है तथा एक से सवा करोड़ लोग ईएसआई व पीएफ के लाभार्थी बने हैं। उन्होंने कहा कि 86 प्रतिशत करंसी को बैकिंग प्रक्रिया से गुजरा गया और यह रिपोर्टिड अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनी। बैंकिंग व्यवस्था में जो पैसा जमा हुआ वह बहुत जरूरी था । इससे पहले जन-धन खातों, आधार और मोबाइल की योजना क्रियान्वित की जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जन-धन खातों का मजाक उड़ाते थे लेकिन नोटबंदी के दौरान 70 हजार करोड़ रुपये जन-धन खातों में जमा हुए।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बहुत सारे कारपोरेट्स को गैर-जिम्मेदाराना ढंग से लोन दिए गए जिससे बैंकिंग व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। ऐसे में बैंकिंग प्रणाली में विश्वास पैदा करना बहुत जरूरी था और नोटबंदी ने यह काम बखूबी अंजाम दिया। इसके फलस्वरूप ब्याज दर नीचे आई है जोकि अर्थ व्यवस्था की मजबूती का संकेत है। इससे मुद्रास्फीति में कमी आई है, नकस्लवाद और कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है, जोकि विमुद्रीकरण के व्यापक लाभ की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल की गत 6 अक्तूबर की बैठक में छोटे व्यापारियों को रियायतेें दी गई थी। इसके अलावा, इसमें सुधार के कार्य जारी है और आगामी 10 नवंबर को इस पर फिर चर्चा होगी।


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