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मंगलवार, 23 जनवरी 2018

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स्वामीनाथन आयोग नहीं 'रामफल आयोग' करेगा किसानों का भला

किसान कंपनी के शेयर खरीदने के लिए आपको एक फॉर्म भरना पड़ेगा। प्रति शेयर की कीमत 10रु है। यदि आप 100शेयर खरीदते हैं तो इसकी कीमत 1000रु होगी.


Swaminathan Commission will not do Ramphal Commission, good for farmers, naya haryana

8 नवंबर 2017

कमलजीत

हरियाणा के तरावड़ी में किसान कंपनी है, जिसका नाम है प्रोग्रोवेर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड। लखीमपुर खीरी उत्तरप्रदेश से आज एक किसानों का दल प्रोग्रोवेर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड तरवाड़ी के दफ्तर पर जानकारी लेने के लिए पधारा। मेरे पास फ़ोन आया के लखीमपुर खीरी से किसानों का दल कंपनी के कार्यालय पर आया हुआ है। बस गाड़ी का हैंडल घूमा और अगले कुछ पलों में हम किसान कंपनी के दफ्तर में थे।
लखीमपुर से आये हुए किसान चाहते थे के वो ऐसी ही एक कंपनी लखीमपुर में बनाये। मेरे दिमाग में उनकी बात सुन कर भसड़ मच गई कि कितनी कम्पनियां बनाएंगे। दिमाग में मोटी बात यह थी कि जब अम्बानी मुंबई में बैठ कर पूरे देश में कंपनी चला सकता है तो रामफल क्यूँ नहीं चला सकता। कॉर्पोरेट गवर्नेंस ही तो इसकी कुंजी है, फिर रामफल महकमा कॉरपोरेट गवर्नेंस के प्रयोग से दूर दराज के इलाकों में किसान कंपनी के जरिये बिजनेस नही क्यों नहीं कर सकता है। मैंने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से निवेदन किया के लखीमपुर के किसानों को प्रोग्रोवेर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड के ही शेयर होल्डर बनाया जाए और कंपनी का एक कार्यालय लखीमपुर खीरी में खोला जाए ताकि ROC कंप्लायंस, इनकम टैक्स कंप्लायंस और GST कंप्लायंस सब एक ही जगह से निपट जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसान कंपनी के शेयर खरीदने के लिए आपको एक फॉर्म भरना पड़ेगा। प्रति शेयर की कीमत 10रु है। यदि आप 100शेयर खरीदते हैं तो इसकी कीमत 1000रु होगी. किसान कंपनी किसान और उपभोक्ता(खरीदने वाला) के बीच की दूरी को खत्म करती है।
ये शरारती विचार दसअसल किसान कंपनियों को बड़ा बनाएगा। लखीमपुर खीरी में किसान सीधे अपने घर जा कर कंपनी का बोर्ड बनवायें टांगे और दफ्तर खोल दें, कितना मजा आएगा। स्वामीनाथन आयोग किसानों का पूरा नही पाड़ सकता, रामफल आयोग ही अपना भला खुद कर सकता है। एक बार कार्यशैली का डिज़ाइन ठीक हो गया तो रेट अपने आप मिल जाएगा।
धरे रहो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को, रामफल आयोग अपना काम खुद कर लेगा।

(कमलजीत की फेसबुक पोस्ट )


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