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नया हरियाणा

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

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2029 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह!

आज नहीं तो कल इनेलो सुप्रीमो को पार्टी उत्तराधिकारी की घोषणा करनी ही पड़ेगी.

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14 जून 2018

नया हरियाणा

सोशल मीडिया पर इनेलो कार्यकर्ता और खुद इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहते हैं कि वो ही मुख्यमंत्री बनेंगे. जबकि वह खुद जानते हैं कि उनका चुनाव लड़ना और मुख्यमंत्री बनना किसी भी तरह संभव नहीं है. फिर भी कार्यकर्ताओं के हौसले के लिए उनका इस तरह के बयान देना वाजिब बनता है. दूसरी वजह ये भी है कि फिर उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित करना पड़ेगा. जैसे देवीलाल को करना पड़ा था-ओमप्रकाश चौटाला और रणजीत चौटाला में से. ऐसे ही सवाल आज नहीं तो कल ओमप्रकाश चौटाला के सामने खड़ा ही होगा. उन्हें तय करना ही पड़ेगा कि इनेलो की चौधर की पगड़ी वो किसके सिर पर रखना पसंद करेंगे-अभय सिंह या दुष्यंत चौटाला के.
सुप्रीम कोर्ट का 2013 का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा होती है तो ऐसे में उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2013 को अपने फैसले में कहा था की सजा की अवधि के बाद 6 साल के लिए जनप्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 8 (4) निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने वकील लिली थॉमस और गैरसरकारी संगठन लोक प्रहरी के सचिव एसएन शुक्ला की जनहित याचिका पर यह फैसला सुनाया था।
ओमप्रकाश चौटाला का 16 साल का राजनीतिक वनवास
हरियाणा की राजनीति में पांच बार के मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को अपनी सजा और उसके बाद 6 साल चुनाव न लड़ने की कानूनी बाध्यता के कारण 16 साल का बनवास झेलना पड़ेगा. 22 जनवरी 2013 को उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी. 2023 में उनकी सजा पूरी होगी और उसके बाद 6 साल तक वह चुनाव नहीं लड़ सकते. यानी 2029 तक. चुनाव नहीं लड़ सकते तो मुख्यमंत्री भी नहीं बन सकते.
हरियाणा में जेटीबी घोटाले के नाम से मशहूर केस में लंबी सुनवाई के बाद 22 जनवरी को रोहिणी की विशेष सीबीआई कोर्ट ने ओमप्रकाश और अजय चौटाला समेत नौ दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई। इस घोटाले में कोर्ट ने  एक आरोपी को 5 साल और बाकी सभी आरोपियों को 4 – 4 साल की सजा सुनाई है। शिक्षक भर्ती घोटाले में प्राथमिक शिक्षा के तत्कालीन निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के साथ विशेष सेवा पर तैनात पूर्व अधिकारी विद्याधर और चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी को भी 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
ओम प्रकाश चौटाला: हरियाणा के शिक्षक भर्ती घोटाले में ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला के बेटे अजय चौटाला भी उनके साथ सजायाफ्ता हैं। दोनों पिता-पुत्र को दिल्ली की रोहणी कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद वह चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। 1999-2000 में चौटाला के मुख्यमंत्री रहते हुए 3206 जूनियर बेसिक टीचरों की भर्ती हुई थी। जिसमें घोटाला हुआ था।
 


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