Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

बुधवार, 15 अगस्त 2018

पहला पन्‍ना English लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

भूपेंद्र हुड्डा ने मनोहर सरकार पर दागे धड़ाधड़ सवाल, दें पाएंगे जवाब मनोहर लाल!

उन्होंने दोनों सरकारों के कामों की तुलना करते हुए मनोहर सरकार को फेल बताया.

Bhupinder Hooda,  Manohar Government,  Manohar Lal, naya haryana, नया हरियाणा

12 जून 2018

नया हरियाणा

पूर्व सीएम हुड्डा ने मनोहर सरकार से कुछ सवाल पूछे हैं-
आज हरियाणा पर 1 लाख 60 हजार करोड़ का कर्ज है ये कर्ज कहाँ लगाया गया, कहाँ पैसा लगाया, कौन सा बड़ा प्रोजेक्ट ले कर आये, कोई रेलवे लाइन, कोई मेट्रो प्रोजेक्ट कोई नया आईएमटी सरकार बताये? 
आज किसान परेशान है. सरसों की खरीद पर टोकन दे दिए पर आज तक खरीद नहीं हुई किसान टोकन लेकर घूम रहे है, 747 करोड़ रुपये गन्ना किसान की पेमेंट अभी बाकी पड़ी है? 
संवैधानिक बॉडीज जो है वहां हेड ऑफ स्टेट क्यों दखल दे रहे हैं, उनके पास कोई अधिकार नही है कि वो इन बॉडीज के चेयरमैन से सवाल कर सके?
मेम्बर इर्रिगेशन बीबीएमबी में होता था अब वहां ऐसी शर्ते लगा दी है कि हरियाणा में उन शर्तो को पूरा नही कर सकता , तो अब बीबीएमबी में हरियाणा का मेंबर नही होगा ,जिन्हें BBMB चेयरमैन लगाया गया है उसके लिए क्या मंजूरी ली गयी थी? 
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि  मेरी जनक्रांति यात्रा में हर वर्ग के लोगो का हुजूम उमड़ रहा है. हमने एलान किया है कि कांग्रेस की सरकार आने पर किसानों का कर्ज माफ करेंगे. सरकार आने पर बुढापा पेंशन 3 हज़ार रुपये पहले दिन से ही कर दी जाएगी.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से पूछे कई सवाल
प्रदेश का कर्ज 70 हज़ार करोड था लेकिन अब 1 लाख 60 हज़ार करोड हो गया है
सरकार बताए कि क्या नया प्रोजेक्ट लेकर आई है कहाँ खर्च किया इतना पैसा ?
मस्टर्ड की फसल की खरीद के लिए सरकार ने टोकन दे दिए है. लेकिन किसानों की फसल की खरीद नहीं कर रही है. सरकार किसानों के गन्ने का 747 करोड रुपया बकाया है ?
डीजल आज हरियाणा का दिल्ली से भी महंगा है सरकार को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए और हमारी सरकार आयी तो हम जीएसटी के दायरे में लाएंगे.
बीबीएमबी में हरियाणा का भी मेंबर होता था लेकिन अब ऐसी शर्ते लगाई है जिससे हमारा मेंबर नही होगा और चेयरमैन लगाने में भी हरियाणा से कोई विचार विमर्श नही किया गया?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल पर  निशाना साधते हुए कहा कि एचसीएस का रिजल्ट आउट करने के लिए क्यों एचपीएससी के चेयरमैन से बात की. इसका मतलब मुख्यमंत्री की गलत करने की मंशा थी. एचपीएससी स्वतंत्र आयोग है. उसमें मुख्यमंत्री क्यों दखल अंदाज़ी कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट पर बोले कि हमने किसानों का क्रॉप इंटरेस्ट 4 प्रतिशत किया था. हमने कई सिफारिशों को लागू किया था. कर्मचारियों के मामले में हमने ठीक फैसला किया था पक्का करने का लेकिन सरकार ने कोर्ट में पैरवी ठीक से नही की क्योंकि सरकार की नीयत ठीक नहीं है. सरकार कर्मचारियों का भला चाहती है तो अध्यादेश लाये सरकार.


बाकी समाचार