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नया हरियाणा

सोमवार , 16 सितंबर 2019

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महाभारत की तैयारी, भाजपा का शिखंडी बिगाड़ रहा है भाईचारा : यशपाल मलिक

जाट आरक्षण आंदोलन को सैनी और मलिक ने अपनी राजनीति और स्वार्थ का अखाड़ा बना लिया है.

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12 जून 2018



नया हरियाणा

हरियाणा की राजनीति को महाभारत में बदलने वाले दो किरदारों ने नामकरण भी अब महाभारत के आधार पर करने शुरू कर दिए हैं. मामला यूं हुआ कि मोखरा गांव में राजकुमार सैनी का अभिनंदन समारोह था. जिसका विरोध यशपाल मलिक गुट के लोगों ने किया और राजकुमार सैनी को बैरंग लौटना पड़ा. क्योंकि प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी. तनाव को रोकने के लिए प्रशासन ने जनता के हित में फैसला लिया.

दूसरी तरफ यशपाल ने कहा कि भाजपा का शिखंडी बिगाड़ रहा है भाईचारा. दरअसल इन दोनों के बयानों को जनता ने इन दोनों को ही भाईचारे का सबसे बड़ा दुश्मन घोषित किया हुआ है. साथ में सरकार का निकम्मापन ही है कि इन दोनों के जहर उगलने पर भी इन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती. इसलिए जनता में यह मैसेज जा रहा है कि ये दोनों ही भाजपा के मोहरे हैं. जो वोटों के ध्रुवीकरण करने का काम कर रहे हैं.

अब बात करते हैं शिखड़ी किरदार की. दरअसल महाभारत की कथा में भीष्म को मारने के लिए अर्जुन ने अपने रथ पर शिखंडी को बैठा लिया था, जिसके कारण भीष्म ने हथियार डाल दिए थे और अर्जुन ने उसको तीर मार दिए थे. ऐसे में अब यशपाल मलिक के इस बयान को देखा जाए तो यशपाल मलिक हुए भीष्म, और जाट हुए कौरव. मनोहरलाल हुए अर्जुन और भाजपा हुई पांडव.

कुल मिलाकर इस पूरे तांडव का यही निष्कर्ष निकलता है कि जनता को एक ओर महाभारत न झेलनी पड़ जाए. इससे पहले जनता एक गृहयुद्ध झेल चुकी है. मीडिया और हम सब चुपाचाप बैठे देखने के लिए अभिशप्त हैं.

जाट आरक्षण  आंदोलन को सैनी और मलिक ने अपनी राजनीति और स्वार्थ का अखाड़ा बना लिया है. आरक्षण का मुद्दा कहीं पीछे रह गया है. अब सैनी को अपनी राजनीति चमकाने से मतलब है और यशपाल मलिक को अपने चंदे से प्यार है. जनता इन दोनों के उन दांव पेंचों को देखने के लिए अभिशप्त है. सरकार धृतराष्ट्र की तरह अंधी और गूंगी बनी देखती रहती है.


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