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नया हरियाणा

मंगलवार, 25 जून 2019

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गन्ने की पेराई में हरियाणा की शुगर मिलों ने तोड़े रिकॉर्ड!

चीनी की रिकवरी में पड़ोसी राज्यों को पछाड़ा, करीब 80 फ़ीसदी किसानों की पेमेंट पहुंची खाते में

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7 जून 2018



नया हरियाणा

राज्य सरकार के 11 शुगर मिलों ने साल 2017 - 18 के सत्र में ऐतिहासिक 497. 96 लाख क्विंटल पिराई करके नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। सीधे किसानों की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े गन्ने के मामले में हरियाणा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब को शुगर रिकवरी प्रतिशत में भी पीछे छोड़ दिया है। वही, करीब 80 फ़ीसदी किसानों की पेमेंट सीधे उनके खाते में डाल दी गई है। इसकी पुष्टि प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने की है। 

मंत्री ग्रोवर के मुताबिक जैसे केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आर्थिक व्यवस्था मजबूत करते हुए 2022 तक डबल इनकम का लक्ष्य निर्धारित किया है , ठीक वैसे ही राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने गन्ने की पैदावार करने वाले किसानों की आर्थिक दशा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं । राज्य में सर्वाधिक ₹330  प्रति क्विंटल  गन्ने का रेट किसानों को दिया जा रहा है। उन्हीं कदमों का नतीजा है कि इस बार रिकॉर्ड 497.96 लाख क्विंटल पिराई हो चुकी है। जबकि साल 2016 - 17 में 398. 97 लाख क्विंटल पेराई दर्ज की गई थी। इस बार चीनी का उत्पादन 49. 26 लाख क्विंटल हुआ है। जबकि साल 2016 - 17 में 39 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। मंत्री ग्रोवर बताते हैं कि वही शुगर मिल हैं। वही, कर्मचारी और अधिकारी हैं  लेकिन  राज्य सरकार की नियत साफ है। इस बार किसानों की बेहतरी के लिए शुगर मिल समय से पहले चलाए गए थे ताकि प्रत्येक किसान भाई का गन्ना खरीदा जा सके। शुगर मिल में पहुंचकर  सीधे  कर्मचारियों और किसानों से रूबरू होते हुए उनके साथ मंथन किया था । सभी  की मेहनत का नतीजा है कि  आज प्रदेश के शुगर मिलों ने  बेहतरीन परफॉर्मेंस दिखाई है। इसके लिए  संबंधित मिल्स के कर्मचारी, अधिकारी और किसान बधाई के पात्र हैं। आगामी पेराई सत्र में  हर संभव कोशिश रहेगी कि  किसान भाइयों को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो।  शुगर मिल नियमित रूप से चलें।  बता दे कि हरियाणा में 10 शुगर मिल सहकारिता और एक शुगर मिल हैफेड द्वारा संचालित की जा रही है। 

रिकवरी में हरियाणा रहा बेहतर
 मंत्री ग्रोवर के मुताबिक शुगर रिकवरी में हरियाणा पड़ोसी राज्यों से बेहतर रहा। हरियाणा राज्य की रिकवरी औसतन 10. 01 प्रतिशत रही जबकि पंजाब की 9.79 और उत्तर प्रदेश की 9. 80 दर्ज हुई है। राज्य की न्यूनतम रिकवरी 9. 50 और अधिकतम 10.60 प्रतिशत रही।

बिजली उत्पादन में भी इजाफा
प्रदेश के रोहतक, शाहाबाद,  गोहाना, असंध शुगर मिल ने बिजली उत्पादन में भी इजाफा दर्ज किया है । सॉल 2016 - 17 के पेराई सत्र में करीब 7 करोड़ 60 लाख 82 हजार 435 यूनिट बिजली पैदा हुई थी जबकि मौजूदा पेराई सत्र में यह आंकड़ा 9 करोड़ को पार कर गया है। 

भविष्य में बढ़ाएंगे मिलों की क्षमता
मंत्री ग्रोवर ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के करनाल, पानीपत, गोहाना, सोनीपत समेत दूसरे मिलो की पिराई क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए विभाग के अधिकारी योजना तैयार करने में जुटे हैं। इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। सरकार की मंशा है कि किसान भाइयों को बेहतर से बेहतर लाभ मिले। इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।


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