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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जनवरी 2018

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यशपाल मलिक के विरोध में खड़ी हुई रोहतक की सरपंच एसोसिएशन

सभी सरपंचों ने इनके द्वारा लिए गए फैसलों पर शंका जाहिर की। सब ने अपने विचार रखते हुए बताया कि किस तरह से रोज-रोज की रैलियों से समाज में दरार डाली जा रही है।


The Sarpanch Association of Rohtak stood up against Yashpal Malik, naya haryana

3 नवंबर 2017

सरपंच रोहतक खण्ड

रोहतक के सभी सरपंचों की एक आवश्यक मीटिंग रोहतक ब्लॉक ऑफिस में रखी गई। मीटिंग का मुद्दा था जाट आरक्षण समिति यशपाल मलिक द्वारा किए गए आंदोलन का मुख्य मुद्दों से भटकाव, हरियाणा में बार-बार होने वाली रैलियाँ और 36 बिरादरी द्वारा दिए गए चंदे का दुरुपयोग करते हुए स्वघोषित संस्थान के लिए जमीन खरीदना। इन बिंदुओं पर विचार करते हुए सभी सरपंचों ने इनके द्वारा लिए गए फैसलों पर शंका जाहिर की। सब ने अपने विचार रखते हुए बताया कि किस तरह से रोज-रोज की रैलियों से समाज में दरार डाली जा रही है। पिछले 1.5 साल से ये सिलसिला लगातार जारी है कि एक तरफ राजकुमार सैनी रैली करता है और दूसरी तरफ यशपाल मलिक। अब ये समझ से परे नहीं है कि कैसे यशपाल मलिक टीम ने जेल में पड़े बच्चों के नाम पे, शहीदों के नाम पे, आरक्षण के नाम पे और समाज मे जहर घोलने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही के नाम पे 36 बिरादरी के आमजन से मोटा चंदा वसूल किया। न्याय की लड़ाई को भूला के अब सेवा संघ बनाकर शिक्षण संस्थान खोलने की तैयारी दर्शाती है कि अब ये निज स्वार्थ में उपरोक्त असल मुद्दों से भटक गए हैं। पिछले 2 वर्ष में हर गाँव में से लगभग 6-7 बार चंदा इक्कट्ठा किया जा चुका है तो पुनः आरक्षण समिति का फैसला कि "शिक्षण संस्थान के लिए हर गाँव दे कम से कम 4 लाख रुपये" किसी तुगलकी फरमान से कम नहीं है। ऐसे में सब इसका बहिष्कार करते हैं।
क्योंकि महापुरुष किसी एक जात बिरादरी के नहीं होते तो किसी भी महापुरुष के नाम का इस्तेमाल करके उसे एक जाति या बिरादरी तक सीमित करने की इनकी नीतियों की हम भर्त्सना करते हैं। सभी ने एक स्वर से निर्णय लिया कि हम इन के गलत फैसलों का पुरजोर विरोध करते हैं और जब तक मूल मुद्दों पे कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आता तब तक इन पैसों का कहीं ओर उपयोग ना किया जाए ।।

सवाल

1- आरक्षण की लड़ाई, सब को न्याय, जेल में बंद बच्चों की रिहाई, उनके केसों की पैरवी को छोड़कर जाट सेवा संघ के शिक्षण संस्थान की जरुरत क्यों आ पड़ी ?

2- बार बार हरियाणे में हर दूसरे-तीसरे महीने में की जाने वाली रैलियों का क्या औचित्य है ?

3- राजकुमार सैनी - यशपाल मलिक की रैली हर बार एक साथ, एक दिन क्यों ?

4- राजकुमार सैनी - रोशनलाल समेत जिन्होंने हरियाणे में जातीय तनाव बढ़ाया, 35-1 का नारा दिया, दूसरी बिरादरी को गालियाँ दी उनके खिलाफ क्या कार्यवाही हुई ?

5- जो बच्चे जमानत पर बाहर हैं और हर महीने 2-3 चक्कर C.B.I. कोर्ट पंचकुला के काट रहे हैं क्या आरक्षण समिति यशपाल मलिक उन्हें आने-जाने का किराया-भाड़ा उपलब्ध करवा रहे हैं ?

6- जो सवाल करता है उसे जवाब देने की बजाय उल्टा उसे ही चोर, गद्दार, सरकारी की उपमा किस आधार पे दे देते हैं ?

7- जेल से जमानत पर आए बच्चों को भी यशपाल मलिक & टीम द्वारा सरकार से सैटिंग करने वाला बता दिया जाता है ऐसा क्यों ?

8- हर बार जसिया में धरना और पूरे हरियाणा का केंद्र जसिया को बनाने के बावजुद जसिया के ही जेल में पड़े भाई मनोज दुहन के ऊपर जो अनर्गल व घटिया आरोप आरक्षण समिति द्वारा लगाए गए वे क्या साबित करते हैं ?

9- राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जाट समेत 6 जातियों को आरक्षण के लिए सर्वे किया जा रहा है। उसपे ध्यान ना देके रैलियों पे जोर देना और भूमि पूजन कहाँ तक जायज है ?

उपरोक्त सवालों का जवाब माँगते हुए सब ने ये निर्णय भी लिया है कि आरक्षण समिति इस बारे उचित निर्णय लेके सकारात्मक कदम उठाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम इस का जिला स्तर व प्रदेश स्तर पे आवाज उठा के बहिष्कार करेंगे ।।

 


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