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नया हरियाणा

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

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राष्ट्रीय व्यंजन खिचड़ी : ...अथ श्रीमती खिचड़ी कथा

कहते हैं... खिचड़ी के चार यार, दही, चोखा, पापड़, घी और अचार

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2 नवंबर 2017



मुकेश नेमा (हिंदी के व्यंग्यकार)

सबसे पहले ये बात साफ कर दी जाये कि मुझे खिचडी खाना बेहद पसंद है ! यह बताना इसलिये भी जरूरी है क्योकि अब भाई लोगो को खिचडी की शान मे कोई भी गुस्ताखी गवारा नही ! सो इसके पहले आप मुझे देशद्रोही की कैटेगिरी मे डाल दें ! यह बताना जरूरी है कि मै खुद खिचडी के कद्रदानो मे शामिल हूँ ! 
खिचडी है भी देशव्यापी चीज ! खिचडी कभी खाई ही हो ना किसी ने ऐसा आदमी आपको नाईजीरिया मे भले मिल जाये ,हिंदुस्तान मे तो हरगिज नही मिल सकता ! खिचडी की इज्जत करने वाले लोग भी बहुत है ,हमारे यहाँ तो भाई लोग खिचडी की इज्जत करते करते मकर सक्रांति को खिचडी कहने ही लगे हैं !
अब बात शुरू करें ! खिचडी का जिक्र आते ही सबसे पहले क्या खयाल आता है आपको ! यही कि बीमार हैं हम ! बिस्तर से लगे हुये हैं ! पेट जवाब दे गया है और अब खिचडी ही हमारी जान बचा सकती है ! कुल मिलाकर खिचडी भोजन कम दवा ज्यादा है हमारे यहाँ ! 
खिचडी को लेकर दूसरी लोकमान्यता ये है कि ये गरीबो का भोजन है ! खिचडी को थाली मे देखकर लोगो की भौंहे भी तन जाती है ! ये क्या बात हुई ! भूखे मर रहे है हम जो खिचडी खायें ! 
खिचडी आपकी अभिजात्यता को संदिग्ध कर देती है ! किसी फाईव स्टार होटल मे खिचडी की फरमाईश करके देखिये ! आर्डर लेने वाला थोडा हैरान जरूर होगा ! 
खिचडी आपके बैंक बैलेंस को ललकारती है ! आपकी थाली मे खिचडी की मौजूदगी आपको कमतरी का अहसास कराती है ! खिचडी आपकी फटेहाली का गाना है ! इसीलिये ये राग मेहमानो के सामने नही गाया जाता ! यदि आप खिचडी के इतने ही मुरीद हैं तो अपने दामाद को खिचडी खिलाकर दिखायें ! आपको खिचडी की और अपनी खुद की औकात पता चल जायेगी ! 
खिचडी प्रतीक है काम को गड्डमगड्ड कर देने का ! भात दाल मे ऐसे घुस जाता है कि उन्हे अलग करने की सोचना भी नामुमकिन सा ही है ! घी जब खिचडी मे चला जाता है तो उसे फिर ढूँढ पाना किसी के बस की बात नही ! काम बिगड जाये ! उसके फिर से सँवरने की उम्मीद ना हो तो उससे सब खिचडी हो चुका कहकर पीछा छुडाया जाता है ! 
घर मे खिचडी का बनना ऐलान है इस बात का कि आपकी बीबी आपसे नाराज है ! आप उसकी कोई फरमाईश पूरी करने से चूक गये हैं और अब आपकी खैर नही ! 
खिचडी शौक से खाये आदमी ! मन लगा कर खाये ! ऊंगलियाँ चाट कर खाये ऐसे इंसान बिरले ही मिलेगें आपको ! मेरा मानना है जिसकी बीबी खाने लायक खिचडी बना सकती है उसे बिना शक दुनिया के सबसे किस्मत वाले लोगो मे शामिल किया जा सकता है ! 
यदि आप ऐसे हैं तो सीना फुला सकते हैं अपना ! खिचडी अब राष्ट्रीय होने जा रही है !
 

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