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नया हरियाणा

बुधवार, 15 अगस्त 2018

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हरियाणा की फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी में किए बदलाव, किसानों और उद्यमियों को मिलेगा लाभ

मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इस नीति में हरियाणा में फूड-प्रोसैसिंग-इंडस्ट्री के क्षेत्र में व्यक्तिगत इकाई लगाने वाले उद्यमियों को कई वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे है।

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6 जून 2018

नया हरियाणा

हरियाणा सरकार ने ‘हरियाणा एग्री-बिजनेस एंड फूड प्रोसैसिंग पोलिसी-2018’ को अधिसूचित कर दिया है। इससे अब जहां कृषि एवं बागवानी क्षेत्र की चीजों को खराब होने से बचाने में बहुत मदद मिलेगी वहीं किसानों की आमदनी में बढ़ौतरी होगी। यही नहीं पोलिसी में जिस ढ़ंग से मार्केट फीस आदि में छूट दी गई है उससे कृषि से संबंधित वस्तुओं की पैदावार करने वाले कृषक संगठनों को प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के काफी अवसर पैदा होंगे।
    हरियाणा के उद्योग मंत्री  विपुल गोयल ने आशा व्यक्त की कि हरियाणा सरकार की यह पोलिसी राज्य में फूड-प्रोसैसिंग-इंडस्ट्री को आवश्यक प्रोत्साहन देने में अहम भूमिका निभाएगी, इससे हरियाणा को फूड प्रोसैसिंग के सैक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस पोलिसी में ऐसा सरल प्रावधान किया गया है कि जिससे उत्पादक किसान से लेकर खरीददार तक ऐसा जुड़ाव स्थापित होगा जिससे फूड-वैल्यू-चेन में बहुत बड़ी संख्या में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी , साथ ही कृषि व ग्रामीण समृद्घि को भी बढ़ावा मिलेगा।
    मंत्री गोयल ने बताया कि यह पोलिसी क्षेत्र के सर्वांगिण विकास के लिए कौशल युक्त मैन-पॉवर, मजबूत आधारभूत संरचना और व्यापार के अनुकूल वातावरण प्रदान करने पर समान रूप से बल देती है। उन्होंने बताया कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए जिन आधारभूत चीजों की जरूरत पड़ती है उन सबका पोलिसी में प्रावधान किया गया है। पोलिसी में मार्केट फीस में छूट, मिनी फूड पार्क स्थापित करने, कोल्ड-चेन और मूल्य वर्धित बुनियादी ढांचे का विकास, कृषि एवं बागवानी क्षेत्र की वस्तुओं के उत्पादक किसान-संगठनों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। कृषि और खाद्य सहकारी समितियों को विशेष मदद करने के अलावा एग्रो-बिजनेस में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने जैसी पहल की गई हैं जिसका सीधा फायदा इससे जुड़े लोगों को मिलेगा।
    उद्योग मंत्री ने इस पोलिसी को रोजगार की चाह रखने वाले युवाओं के लिए लाभदायक बताते कहा कि इससे राज्य में करीब 3500 करोड़ रूपए के निवेश से करीब 20 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस पोलिसी का प्राथमिक लक्ष्य फल, सब्जी, डेयरी व मछली पालन के क्षेत्र में आगामी 5 वर्षों में प्रोसैसिंग के स्तर को 10 प्रतिशत तक बढ़ाना है। क्योंकि उक्त चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं इसलिए सरकार की इस पोलिसी से बहुत फायदा होगा।
 उन्होंने बताया कि इस नीति में हरियाणा में फूड-प्रोसैसिंग-इंडस्ट्री के क्षेत्र में व्यक्तिगत इकाई लगाने वाले उद्यमियों को कई वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे है। रेगूलेटरी को आसान किया जा रहा है। कौशल विकास के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पोलिसी पिछड़े इलाकों में मिनी-फूड-पार्कों को प्रोत्साहित करके आधारभूत ढ़ांचे को मजबूती मिलेगी। 


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