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नया हरियाणा

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

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यशपाल मलिक का जाट कहीं बक्कल न उतार दें : संगीता दहिया

यशपाल पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने चंदे के पैसे का दूसरी जगह इस्तेमाल किया है.

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2 जून 2018



संगीता दहिया

आज जाट महा सम्मेलन है रोहतक में और इसे देखते हुए सरकार ने धारा 144 लगाई है. यशपाल मलिक(ठगपाल) ने कहकर लगवाई होगी. कहीं जाट बक्कल न उतार दे. क्योंकि इतना चुना लगाने के बाद कहीं ना कहीं डर तो लगता है दिल में. वर्ना साधारण से सम्मेलन में धारा 144 का क्या मतलब?
दरअसल यशपाल मलिक गुट पर चंदा का हिसाब जब-जब मांगा गया, उन्होंने हिसाब देने के बजाय हिसाब मांगने वालों पर ही भद्दे कमेंट किए और उन्हें सरकारी तक कहा. दूसरी तरफ यशपाल मलिक गुट पर यह भी आरोप है कि जो पैसा जेल गए लोगों की पैरवी के लिए इकट्ठा किया गया था. उसे उन पर न लगाकर संस्थान पर लगाने का क्या औचित्य बनता है?
खैर ये सम्मेलन जाटों का नहीं, भाजपा में समर्पित जाटों का है और उन लोगों का है, जिन्होंने 29 बच्चों की लाशों पे अपने घरों की इमारते बनाई हैं.
खैर, जाट समाज का पतन तो पहले हो चुका है, रही कसर इन जाट नेताओं ने कर दी. आज जाट समाज सामाजिक, राजनीतिक पिछड़े हुए हैं. कुछ चंद लोगो की वजह से समाज की हालत इतनी खराब है और इमेज ऐसी बना दी जैसे आतंकवादी हो. आखिर समाज को सोचना होगा कि समाज की इस बुरी दशा को कैसे सुधारा जाए और एकजुट होकर आगे बढ़ा जाए. जो आरक्षण की मांग है, उसे समझबूझ के साथ पाया जाए. अन्यथा रोज-रोज के बंद और धरनों से युवाओं का भविष्य, जाट समाज का सम्मान व संपदा आदि सभी का नुकसान होना तय है.
खैर, अब समझाने के दौर गए. बस इतना कह सकते हैं कि थोड़ी बहुत शर्म है तो सुधर जाओ और जिस जनता को अब भी समझ नहीं आता तो, उन्हें आरक्षण मिलने के बाद भी समझ नहीं आएगा।

 

संगीता दहिया - हरियाणा में सामाजिक कार्यकर्ता संगीता दहिया अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं और जाट समाज से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर अपने विचार रखने के लिए सोशल मीडिया पर भी छाई रहती हैं.


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