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नया हरियाणा

सोमवार , 22 अप्रैल 2019

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CBSE की तानाशाही, खराब परिणाम आने पर रि-चैकिंग का नहीं देते मौका

शिक्षा अधिकारी ने परिजनों को जवाब देते हुए कहा कि बच्चों का गुस्सा दो दिन में शांत हो जाएगा.

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29 मई 2018



नया हरियाणा

चंडीगढ़ सेक्टर-44 B के द ब्रिटिश स्कूल से पी.सुजान ने 12वीं की परीक्षा दी थी। पी. सुजान ने आईआईटी जेईई मेन्स और एनडीए की परीक्षा तो पास कर ली, किन्तु 12वीं की परीक्षा पास नहीं कर सका। शनिवार को सीबीएसई ने अपने बारवीं के परीक्षा के परिणाम घोषित किए। जिसमें हैरानी की बात तो यह सामने आई कि जिस विद्यार्थी ने आईआईटी जेईई और एनडीए जैसी कठिन परीक्षा क्वालिफाई कर ली उसे 12वीं में 4 विषयों में फेल कर दिया गया। मैथ्स में 0, फिजिक्स में 7 और केमिस्ट्री में 1 नम्बर दिया गया। जबकि पी. सुजान ने 10वीं की परीक्षा में 82 प्रतिशत नम्बर लिए थे।
ऐसे में जब पी.सुजान के पिता और अन्य विद्यार्थियों के पेरेंट्स ने सीबीएसई, सेक्टर-5 पंचकूला के ऑफिस में जाकर जमकर नारेबाजी व अपनी गुहार लगाई तब सीबीएसई के रीजनल ऑफिसर खांडेराव ने जो जवाब दिया वह बेहद चौकाने वाला था- उन्होंने बताया कि चेकिंग और रीवेल्यूएशन की प्रकिया पिछले वर्ष से ही बंद कर दी गई थी। ऐसे में अब कुछ नहीं हो सकता, बच्चों का गुस्सा दो दिन में शांत हो जाएगा।
अब यदि कोई विद्यार्थी कुछ गलत कदम उठाता है, तो उसके लिए जिम्मेदारी किसकी होगी? उन अभिवावकों की, जो सारी उम्र अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए जी तोड़ कोशिश करते हैं, उन बच्चों की, जो अपनी पूरी जी-जान लगाकर मेहनत करते हैं या उस व्यवस्था की, जो समय आने पर अपना पल्ला झाड़ देती हैं?


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