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नया हरियाणा

रविवार, 25 अगस्त 2019

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अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति ने किया है गांव बंद का एलान

देश भर में किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने , किसानो का कर्ज माफ़ी , फसलों के लाभकारी मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर 1 जून से 10 जून तक हड़ताल पर रहेंगे |

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29 मई 2018



नया हरियाणा

1 जून से 10 जून तक किसानों की होने वाली देशव्यापी हड़ताल को लेकर किसान संगठन गांव-गांव जाकर किसानों और ग्रामीणों को इस आंदोलन में जुड़ने के लिए बैठक कर रहे हैं। सिरसा में अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के सदस्य गांव गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।

दरअसल देश भर में किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने , किसानो का कर्ज माफ़ी , फसलों के लाभकारी मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर 1 जून से 10 जून तक हड़ताल पर रहेंगे | इस हड़ताल के दौरान गांव के किसान शहरो में दूध , सब्जी की सप्लाई नहीं करेंगे और न ही शहर से सामान की खरीदारी करेंगे | वही  अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति विकल पचार ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर शांति पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे. इस आंदोलन को लेकर सिरसा जिला, फतेहाबाद, हिसार तक किसान संगठन किसानों से संपर्क कर रहे हैं और इस आंदोलन को सभी पंचायतों का समर्थन भी मिल रहा है.

गांव बंद के माध्यम से ये समिति किसानों की मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि किसानों को उनका वाजिब हक दिलवाया जा सके. दूसरी तरफ सरकार ने अपने घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसान को उसकी फसलों की कीमत देने का वायदा किया था. सरकार दर सरकार किसान अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष ही कर रहा है, परंतु उसकी मांगों को मानने के लिए कोई सरकार तैयार नहीं है. यह हड़ताल सरकार की आंखें खोल पाएगी या नहीं, यह वक्त ही बताएगा.

गांव बंद की इस मुहिम में सब्जी लगाने वाले किसानों को नुकसान होने की संभावना है, क्योंकि सब्जी के किसानों के लिए यही पीक सीजन होता है. बरसात के बाद सब्जी वैसे ही खराब होनी शुरू हो जाती हैं. 


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