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नया हरियाणा

सोमवार , 22 अक्टूबर 2018

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सरकार ने बनाया ग्राम पंचायतों को सक्षम-धनखड़

उन्होंने कहा कि दीनबंधु सर छोटूराम ग्रामोदय योजना से होगा गांवों का विकास.

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26 मई 2018

नया हरियाणा

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने घोषणा की कि किसान और गांव को दीनबंधु सर छोटूराम ग्रामोदय योजना में शामिल करके 6 करोड़ रूपये की राशि के विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
    कृषि मंत्री आज गांव काहनौर में ग्राम सभा द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि काहनौर की पंचायत बधाई की पात्र है, जिसे दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार तथा नानाजी देशमुख राष्ट्रीय पुरस्कार गौरव से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण लोगों से बातचीत करके गांव के विकास हेतु योजना तैयार कर रही है। इस तरह गांव की सच्चाईयों का  पता चलता है और ग्रामीण लोग अपनी इच्छानुसार मांग रखते हैं। वास्तव में ऐसे कार्यों का लाभ ग्रामीणों को सीधे रूप में मिलता है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से लोगों को उनकी जरूरत अनुसार विकास कार्य मिलते हैं और सरकार समय पर पैसा देकर उनको पूरा कराती है। कृषि मंत्री ने कहा कि पहले योजनाओं की समीक्षा के लिए झज्जर में राज्य स्तर की बैठक लगाई गई थी, अब रोहतक के गांव काहनौर में लगाई जा रही है। 
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पंचायतों को हाथ फैलाने वाली न बनाकर सक्षम बनाने के लिए कार्य किया है। अब ग्राम पंचायतों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेना आ गया है। पढ़ी लिखी पंचायतें योजनाओं का सही क्रियान्वयन करके जनता को उसका भरपूर फायदा दे रही है। उन्होंने इनेलो नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे पंचायतों से पहले एमएलए, एमपी को शिक्षित होने की बात कर रहे हैं, यह संभव नहीं है। एमएलए,एमपी के साथ उच्च स्तर के अधिकारी कार्यों को अंजाम देते हैं लेकिन अनपढ़ सरपंच के साथ केवल ग्राम सचिव ही पढ़ा लिखा व्यक्ति होता है। इसलिए पैसे के लेन देन का हिसाब रखने वाले को शिक्षित होना अनिवार्य था। तभी हमारी सरकार ने पंचायतों को शिक्षित करने की बीड़ा उठाया है। 
उन्होंने कहा कि जब 32-33 साल का युवा सरपंच उनके समक्ष मांगपत्र लेकर आता है तो यह लगता है कि वह शादी करवाने की बात कहेगा। लेकिन जब वह ज्ञापन देता है तब उन्हें पता लगता है कि यह तो सरपंच है। उन्होंने कहा कि सरकार और गऊशाला चलाना समान कार्य है। सरकार टैैक्स से चलती है तथा गऊशाला चंदे पर। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात  है कि पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकारों के साथ चलते हैं और स्कीमों का लाभ लेने में पीछे नहीं रहते। उन्होंने कहा कि शहर जैसा विकास गांव में करवाएंगे क्योंकि वास्तव में गांव में आत्मा निवास करती है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति गांव में किसी का भी नाम पूछेगा तो वह उसे अपने साधन पर बैठाकर उसे अपने स्थान तक छोडक़र आएगा। शहरों में अपने सामने वाले का नाम भी नहीं पता होता।
    ग्रामीणों ने कृषि मंत्री का ढोल नगाड़ों व फूलमालाओं से स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें स्वागत में राबडी खिलाई। उन्होंने कहा कि गांव के विकास हेतु शेष मांगे अधिकारियों से विचार विमर्श के बाद पूरी की जाएंगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री के संघर्ष की गौरव गाथा तथा गांव के विकास पर फिल्म भी दिखाई गई। कृषि मंत्री ने गांव के विकास में अनुकरणीय कार्य करने वाले पंचायत को स्मृति चिह्न भेंट किया। 

 


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