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नया हरियाणा

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

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परशुराम जयंती पर राजकुमार सैनी के आने का ग्रामीण कर रहे हैं विरोध

ब्राह्मण समाज को भी यह समझना होगा कि आपसी भाईचारा खत्म करने से किसी का भली नहीं होने वाला.

Rajkumar Saini's visit to Parshuram Jayanti, beri jhajjar, , naya haryana, नया हरियाणा

23 मई 2018

नया हरियाणा

झज्जर जिले के बेरी में सांसद राजकुमार सैनी के आगमन पर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं. मामला यह है कि बेरी दूबलधन माजरा में 27 मई को मनाए जाने वाले भगवान परशुराम जयंती समारोह में कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी के आने पर ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में बुधवार को बेरी गऊशाला के प्रांगण में प्रधान बिल्लु पहलवान की अध्यक्षता में कार्यकारी सचिव तेजबीर बाघपुर द्वारा कादयान खाप की पंचायत बुलाई। जिसमें खाप के गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। पंचायत में आरोप लगाया गया कि सांसद सैनी ने भाईचारा बिगाड़ने का काम किया है। हरियाणा प्रदेश को जलाने व जात-पात का जहर घोलने में राजकुमार सैनी का सबसे बड़ा योगदान है। वह किसी भी कीमत पर सांसद राजकुमार सैनी को अपने गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। 
राजकुमार सैनी को रोकने के लिए 25 मई शुक्रवार को गऊशाला में बड़ी पंचायत बुलाई जाऐगीं उसमें रणनीति बनाई जाएगी। यदि प्रशासन व सरकार समय रहते राजकुमार सैनी को दुबलधन आने से नहीं रोकती है तो पंचायत ये बड़ा फैसला अपने दम पर लेगी और कादयान खाप के किसी भी गांव में राजकुमार सैनी को घुसने नही दिया जाएगा। 
सोमवार को जिला प्रशासन को सांसद सैनी को जनसभा करने से रोकने के लिए दुबलधन की तीनों पंचायतों ने ज्ञापन सौंपा था। बेरी दूबलधन माजरा में 27 मई को मनाए जाने वाले भगवान परशुराम जयंती समारोह में कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी के आने पर दूबलधन के ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
गौरतलब है कि भाजपा के कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी जाट समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के लिए विवादों में बने रहे हैं और उनके बयानों के कारण समाज में जाति के आधार पर भेदभाव व मनमुटाव बढ़ें हैं. ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि किसी भी ऐसे व्यक्ति या जनप्रतिनिधित्व के प्रति कड़ा से कड़ा एक्शन लेना चाहिए, जो समाज को तोड़ने का काम करता है. फिर वह नेता चाहे पक्ष का हो या विपक्ष का. दूसरी तरफ ब्राह्मण समाज को भी यह समझना चाहिए कि विवादों को हवा देने से या आपसी भाईचारा खत्म करने से जनता का भला कभी नहीं हो सकता, इससे केवल राजनीति का भला हो सकता है.
 


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