Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

पहला पन्‍ना English लोकप्रिय हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप

सरकारी डॉक्टरों में नहीं है 'गब्बर सिंह' का खौफ

सरकारी डॉक्टर लूट रहे हैं जनता को प्राइवेट प्रैक्टिस से

government doctors in haryana, Health Minister Anil Vij, bahadurgarh government hospital, private clinic, naya haryana, नया हरियाणा

21 मई 2018

नया हरियाणा

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भले ही सस्पेंड के नाम से जाते हों, परंतु उनके ही विभाग के सरकारी डॉक्टर उनसे नहीं डरते हैं।  आलम यह है कि सरकारी डॉक्टरों की लूट सरेआम जारी है। 

प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दम भरते नहीं थकती। लेकिन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर आए दिन सरकार के इन दावों को ठेंगा दिखा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में देखने को मिला है। बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में डॉक्टर सामान्य अस्पताल की बजाय प्राइवेट क्लीनिक में मरीजों को बुलाकर इलाज करते हैं और उनसे फीस भी वसूलते हैं। 

यह भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इनेलो और हुड्डा पर बोला हमला

दरअसल बहादुरगढ़ के महावीर पार्क में रहने वाले कपिल के 1 साल के बेटे को गले में दर्द था। वह उसे इलाज के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल आया । जहां पर बच्चे का इलाज करने के लिए उन्हें डॉक्टर ही नहीं मिला। नर्स के बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर साहब ने अस्पताल आना उचित नहीं समझा और कई बार फोन करने के बाद मरीज को अपने प्राइवेट क्लीनिक पर ही बुला लिया। 
हम आपको बता दें कि यह डॉक्टर साहब ललित गुप्ता है। जो सरकारी अस्पताल में ऑन कॉल ड्यूटी पर तैनात है। डाक्टर ललित अस्पताल से महज 50मीटर की दूरी पर ही अपना क्लीनिक चलाते है। कपिल और उसकी पत्नी ने डॉक्टर साहब को कई बार अस्पताल बुलाया लेकिन अस्पताल में उनके 1 साल के बेटे को इलाज ही नहीं मिला। बार-बार फोन करने पर डॉक्टर साहब ने बच्चे को अपने प्राइवेट क्लीनिक पर दिखाने के लिए कहा और उनसे 280 रुपये फीस भी वसूली जबकि कपिल अपने बच्चे का इलाज सरकारी अस्पताल में करवाने आया था। लेकिन उसे वह इलाज नहीं मिल सका। पीड़ित ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को लिखित में शिकायत दी है और प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर ललित गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं मैडिकल सुप्रीडेंट मंजू कादयान ने मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई करने की बात कही है। ऐसे में आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं की सरकारी अस्पतालों में मरीजों को किस तरह से परेशानी उठानी पड़ रही है।


बाकी समाचार