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नया हरियाणा

मंगलवार, 12 नवंबर 2019

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कर्म की रचनात्मक लकीर को मिटाया नहीं जा सकता

क्यों नहीं आप अपना दम दिखाते? क्यों नहीं आप उस रेखा से बड़ी रेखा खींच पा रहे जो आपको  दिक्कत दे रही है।

The creative streak of karma can not be erased, naya haryana, नया हरियाणा

27 अक्टूबर 2017



नया हरियाणा

कहते हैं सब खेल लकीरों का है। कोई हाथों की लकीरों पर विश्वास करता है तो किसी को माथे की लकीरों पर भरोसा होता है, लेकिन जीवन में एक लकीर और भी होती है और वो लकीर है कर्म की लकीर। इस लकीर के सामने बाकी सारी लकीरें महीन लगती हैं। ये सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली लकीर होती है। यही वजह है कि कुछ लोग इसे अपनी ताकत बना लेते हैं और कुछ लोग सामने वाले की ताकत को कम करने में जुट जाते हैं। होना तो ये चाहिए कि अगर किसी ने अपने कर्मों के बल पर एक लकीर खींच दी तो सामने वाला उस लकीर को छोटी करने के लिए दुगनी मेहनत करे और उससे बड़ी लकीर खींचे, लेकिन यहां तो लकीर छोटी करने का सबसे आसान तरीका अपनाया गया और उसे मिटाने की ही कोशिश की गई। 
टुच्ची, नीच और संक्रीण मानसिकता का परिचय लेकिन शायद उन लोगों ने रूस के पोल वाल्टर सर्गेई बुबका का नाम नहीं सुना। जिसने हर बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। मतलब क्या एक चीज को मिटाने की कोशिश या मिटा देने से वो खत्म हो जाएगी। जनाब गलत सोच के साथ आगे बढ़ने वाले ठोकर के अलावा कुछ नहीं पाते। क्योंकि रचना को खत्म किया जा सकता है लेकिन रचनात्मकता को खत्म संसार में कोई भी नहीं कर सकता। क्यों नहीं आप अपना दम दिखाते? क्यों नहीं आप उस रेखा से बड़ी रेखा खींच पा रहे जो आपको  दिक्कत दे रही है।  गलत नीयत से जो करना चाहते थे उसमें नाकाम रहने के बाद मुझे उम्मीद है ईश्वर आपको सद्बुद्धि देगा और तुम भी थोड़ा-सा सोचने और मंथन की प्रक्रिया से गुजरोगे। 

 


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