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नया हरियाणा

शुक्रवार, 20 जुलाई 2018

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HSSC की परीक्षा में 'विवादित सवाल' को लेकर कैप्टन अभिमन्यु ने चेयरमैन को लिखा पत्र, मामले की जाँच की मांग की

उन्होंने कहा कि बिना देरी के पूरी गंभीरता से एक उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी व्यक्ति / व्यक्तियों को दण्डित किया जाये.

Captain Abhimanyu, the letter written to the chairman, demanded a probe, into the disputed questio,n in the HSSC examination, naya haryana, नया हरियाणा

16 मई 2018

नया हरियाणा

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण भारती को पत्र लिखकर आयोग की एक परीक्षा में एक जाति विशेष के बारे में की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया है. वित्त मंत्री ने अपने पत्र में अध्यक्ष से मांग की है की मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी तुरंत उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों को दण्डित किया जाये.
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को लिखे गये कैप्टन अभिमन्यु के पत्र का सार-

भारत भूषण भारती जी,
पिछले कुछ दिनों से समाचारपत्रों, समाचार चैनलों, सोशल मीडिया और आपसी संवाद के माध्यम से हृदय को ठेस पहुंचाने वाली  जानकारी मिली कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा जेई (सिविल) परीक्षा में एक जाति विशेष और महिलाओं के संबंध में बहुत ही आपत्तिजनक प्रश्न पूछा गया. यह मामला अति संवेदनशील है और इसकी गहन जाँच होनी चाहिए.
जेई (सिविल) की परीक्षा में पूछे गये इस प्रश्न से सिर्फ एक वर्ग ही आहत नहीं हुआ है, बल्कि इससे सर्व समाज आहत हुआ है. यह प्रश्न हरियाणा की सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना के पूर्णत: विरुद्ध है. सर्वविदित है कि किसी भी परीक्षा का प्रश्न पत्र बनाने में सिर्फ एक व्यक्ति की भूमिका नहीं होती बल्कि इस प्रक्रिया में कई व्यक्ति शामिल होते हैं. ऐसे में यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि किसी ने भी इस प्रश्न की तरफ ध्यान नहीं दिया. ऐसे मामलों में समाज का हर संवेदनशील व्यक्ति यह अपेक्षा करता है कि इस तरह का जहर समाज में न फैले और अगर कोई बुरी नीयत के चलते इसे फैलाने की कोशिश करे तो उसे तुरंत रोका जाये. ऐसा कुकृत्य करने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए अन्यथा समाज में इसका बुरा असर होने की संभावना बढ़ जाती है. दूसरी तरफ समाज को तोड़ने वाले असामाजिक तत्त्वों को मौका मिल जाता है. 
आखिर हमारा समाज कैसे एक सकारात्मक दिशा में बढ़ पाएगा जब समाज के एक सम्माननीय वर्ग के प्रति इस तरह की दुर्भावनाओं का प्रदर्शन एक सरकारी संस्था के परीक्षा पत्र में किया जाएगा. आयोग की प्रवेश परीक्षा में इस तरह का सवाल पूछा जाना अत्यंत दूषित मानसिकता का परिचायक है, जिसे किसी भी हालत में सहन नहीं किया जा सकता. ऐसे मामलों में हम सभी का दायित्व बनता है कि समय रहते इन्हें रोका जाए, ताकि समाज में समरसता बनी रहे. यह समरसता हरियाणवी संस्कृति की धरोहर है जिसे निरंतर आगे लेकर चलने का दायित्व समाज के सभी वर्गों खासकर बुद्धिजीवी वर्ग पर है. इस तरह के विषय समाज में दकियानूसी और रूढ़िवादी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं, जो कि किसी भी समाज में असहनीय कृत्य ही माना जायेगा.
इस मामले से मैं बहुत उद्विग्न और चिंतित हूँ. एक वर्ग जिसे विद्या का साधक, विद्वान और श्रेष्ठ माना जाता है और जो सर्व समाज का एक अहम् हिस्सा होने की वजह से बहुत ही महत्तवपूर्ण भूमिका निभाता है उसके बारे में ऐसा प्रश्न पूछा जाना घोर निंदनीय है. यह ना केवल समाज विरोधी है बल्कि महिला और नस्लविरोधी भी है. जैसा आपको जानकारी है कि हमारी पहचान ‘सामाजिक समरसता’, ‘सबका साथ सबका - विकास’ और ‘हरियाणा एक - हरियाणवी एक’ है. यह प्रश्न किसी भी तरीके से हमारी सरकार की सोच से मेल नहीं खाता. अत: मेरा आपसे आग्रह है कि इस कुकृत्य की बिना देरी के पूरी गंभीरता से एक उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी व्यक्ति / व्यक्तियों को दण्डित किया जाये. ऐसा होने से समाज में एक अच्छा सन्देश जाएगा और साथ ही इस तरह की समाज व कानून विरोधी हरकत करने वालों को सबक मिलेगा जो समय की जरुरत भी है.

धन्यवाद सहित, 
कैप्टन अभिमन्यु, 
वित्त मंत्री, हरियाणा सरकार.


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