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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

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राजा महेन्द्र प्रताप के नाम पर रखा जाना चाहिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम: कैप्टन अभिमन्यु

आज समय की मांग है कि फ्री में जमीन देने वाली शख्शीयत राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम रखा जाना चाहिए

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13 मई 2018



नया हरियाणा

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि समाज के लोगों ने हर क्षेत्र में अपनी योग्यता को साबित किया है, परंतु अपनी समाज के लोगों द्वारा किए गए का्यों पर शोध नहीं कर पाए। समाज को उसके काम के अनुसार पहचान न मिलने का कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में आजादी के बाद इतिहास की किताबों में राजा नाहर सिंह, महेंद्र प्रताप, डॉ. रामधन जैसे महापुरुष लोगों के नाम दर्ज नहीं हो पाए। जिनके हुए उन्हें उग्रवादी व लूटरों के रूप में दिखाया गया। इससे दुखद क्या हो सकता है कि इसी समाज का हिस्सा रहे राजा महेंद्र प्रताप ने शिक्षा से देश की दशा व दिशा सुधारने की सोच के साथ अपनी भूमि जिस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए फ्री में दी, उस यूनिवर्सिटी में देश के टुकड़े करने वाले जिन्ना का फोटो तो लगा हुआ है, परंतु आज तक राजा महेंद्र प्रताप की मूर्ति नहीं लग पाई। आज समय की मांग है कि फ्री में जमीन देने वाली शख्शीयत राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम रखा जाना चाहिए तथा यह तभी संभव है। जब समाज एकजुट होकर इसकी डिमांड रखेगा। उन्होंने रविवार को सेक्टर-16 में जाट धर्मशाला के भूमि पूजन कार्यक्रम में समाज के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
     उन्होंने कहा कि पहले हम देश की आजादी के लिए लड़ते रहे तथा इस क्षेत्र ने कभी किसी की गुलामी नहीं की। आज के युग में एक नया रास्ता दिखाने की जरूरत है। राजा महेंद्र प्रताप, नाहर सिंह, सर छोटू राम, चौ. चरण सिंह व डॉ. रामधन हुड्डा जैसे महापुरुषों ने बंदूक व लाठी से नहीं, बल्कि अपनी शिक्षा व योग्यता से देश व समाज की दिशा व दशा बदलने का काम किया था। राजनीतिक कारणों से आज अपराधियों के साथ समाज का नाम जोड़ने का प्रयास किया जाता है। जिस कारण आज युवाओं को नया रास्ता दिखाने की जरूरत है, ताकि हमारी पहचान रहे शौर्य, साहस व धर्म प्रायण हमारे लिए हंसी का पात्र बनने की बजाय अपनी पहचान बने। इसके लिए हमें बच्चों को शिक्षा, सेवा, सभ्यता व संस्कार देने होंगे। त्याग व बलिदान हमेशा से समाज का गहना रहा है तथा इसे हम कभी छोड़ नहीं सकते, परंतु संविधान के दायरे में रहकर हमें हर क्षेत्र में काम करने का अधिकार मिलना चाहिए। हमारा समाज सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखने वाला समाज है तथा समाज ने हमेशा विश्व कुटबंकुम की धारण पर चला है। समाज के नाम पर सत्ता में आने के बाद कुछ लोग बाप-बेटों का राज तथा दादा परदादाओं के नाम की मूर्ति लगाकर व पार्क बनाते, परंतु महापुरुषोें को कभी याद नहीं करते। सत्ता से बाहर होने के बाद फिर से समाज के बीच में आकर समाज की बात करने लगते हैं। जब अपनी मेहनत के दम पर हमारे बच्चे शिक्षा व खेल के साथ हर प्रतियोगियोग (यूपीएससी व जेईई) परीक्षाओं में अपना लोहा मनवा रहे हैं तो फिर हमें किसी से भीग मांगने की क्या जरूरत है। जरूरत है केवल आगे बढ़ रहे अपने बच्चों को सही राह दिखाने की।


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