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नया हरियाणा

बुधवार, 22 मई 2019

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खेदड़ थर्मल प्लांट हादसा: मृतकों के परिवारों से बातचीत हुई असफल

राजीव गांधी थर्मल प्लांट में दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

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10 मई 2018



नया हरियाणा

कई घण्टे चला बातचीत का दौर नहीं बनी बात। आज दुबारा होगी बातचीत, इसकी उम्मीद जताई जा रही है। खेदड़ थर्मल हादसा, जिसमें जिला प्रशासन ने माना लापरवाही बरती गई है। एसई सहित अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज, 3 सदस्यीय हायर कमेटी करेगी घटना की जांच करेगी। गांव खेदड़ में स्थित राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट के बॉयलर के बॉटम से ऐश निकाल रहे मजदूरों पर क्लिंकर गिरने से झुलसे 6 मजदूरों में से खेदड़ निवासी विक्रम और अमित की उपचार के दौरान मौत हो गई। जैसे ही दोनों की मौत का समाचार थर्मल के आस-पास के गांव में पहुंचा इसके बाद भारी संख्या में महिलाओं सहित ग्रामीण थर्मल प्लांट के गेट पर पहुंच गए।

इससे पहले ग्रामीण बुधवार सुबह 8 बजे से ही थर्मल के गेट पर धरना लगा कर बैठे थे। लेकिन जब मृतकों के शवों का हिसार से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शवों को लेकर ग्रामीण व परिजन दोपहर करीबन ढाई बजे थर्मल के मुख्य गेट के सामने पहुंच गए। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक मामले को लेकर थर्मल के चीफ विनोद सेठी, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर इकबाल सिंह तथा अन्य मुख्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पीडि़त परिवारों को 50-50 लाख का मुआवजा और परिवार के 2-2 सदस्यों को सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग की।

ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से वार्तालाप के लिए 21 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन भी किया। समिति में खेदड़ गांव के जोगीराम खेदड़, कलीराम खेदड़, ताराचंद नैन, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, इनेलो जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, विधायक अनूप धानक, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन बृजलाल बहबलपुर, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, ब्लॉक समिति चेयरमैन पवन खेदड़, राजू सोनी, जिला पार्षद राजवीर खेदड़ धर्मवीर गोयत, राजेश संदलाना, आशा खेदड़, संदीप सहारण आदि शामिल हैं। जोगीराम खेदड व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब से थर्मल का निर्माण हुआ है तब से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। हालात यह है कि अब तक 30 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसके अलावा कई अपंग भी हो चुके हैं। लेकिन फिर भी सरकार की ओर से आज तक थर्मल के मुख्य अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई और ना ही हादसों की जांच करवाई गई है।

मंगलवार को 6 मजदूरों के झुलसने मामले में भी थर्मल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। थर्मल के अधिकारियों ने खुद की लापरवाही को छुपाने के लिए मजदूरों की जान जोखिम में डाली। जिसके परिणाम सामने है। रोषित लोगों का कहना था पुलिस ने इस मामले में खानापूर्ति करते हुए केवल साइट इंचार्ज और कंपनी के ठेकेदार पर मामला दर्ज किया है। जबकि थर्मल के मुख्य अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। ऐसे में मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आपको बता दें कि एनेर्गो कंपनी के अंतर्गत काम करने वाले बरवाला के खेदड़ गांव निवासी अमित, जगदीप, विक्रम, पाबड़ा का सतवीर व यूपी के देवरिया निवासी छोटेलाल यादव और मनोज बॉयलर में क्लीनिंग के काम में मंगलवार को जुटे हुए थे। इस बीच वो क्लिंकर  गिरने से  झुलस गए थे। झुलसे लोगों में से 19 वर्षीय अमित और 20 वर्षीय विक्रम की मौत हो गयी।
3 बार किया नेशनल हाईवे जाम--
बात की जाए थर्मल के बाहर के माहौल की तो खेदड़ के रहने वाले अमित और विक्रम की मौत की सूचना आने के बाद थर्मल के पास के गांव सरसौद, बिचपड़ी, जेवरा, खेदड़, पाबड़ा इत्यादि के ग्रामीण थर्मल के नजदीक एकत्रित हो गए। दोपहर को दोनों के शवों को थर्मल गेट के सामने रख कर धरना लगा कर बैठ गए और अंतिम संस्कार तब तक ना किए जाने का ऐलान कर दिया जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती। प्रदर्शनकारियों ने इस बीच 15-15 मिनट के लिए तीन बार हिसार चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को भी बाधित किया। तीनों बार ग्रामीण एक दूसरे को समझाने और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हाईवे से हट गए। हालांकि जब जाम लगाया गया तब  यातायात व्यवस्था जरूर प्रभावित होती नजर आई।
वार्तालाप के लिए पहुंचे परिवहन मंत्री-
थर्मल में हुए हादसे के बाद हंगामे की सूचना मिलने के बाद बुधवार को प्रशासन की टीम ग्रामीणों और कर्मचारियों को समझाते नजर आई। खेदड़ थर्मल के अंदर बने रेस्ट हाउस में हिसार उपायुक्त अशोक मीणा, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम पृथ्वी सिंह और न्याय के लिए बनाई गई 21 सदस्य संघर्ष समिति के बीच वार्तालाप का दौर चला। लेकिन देर रात तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई। प्रशासन की तरफ से पीडि़त परिवारों को 15-15 लाख की सहायता देने की बात भी कही गई है। साथ ही पीडि़तों के इलाज के खर्च का वहन भी सरकार की तरफ से करवाने व परिवार के सदस्य को डीसी रेट या एडहॉक पर नौकरी देने का प्रस्ताव रखा गया। मुआवजे की राशी और अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने पर समझौते में पेंच फंसा रहा। इस बीच देर शाम को सरकार की तरफ से ग्रामीणों से वार्तालाप करने के लिए हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार भी बरवाला के किसान रेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां उन्होंने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं व अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई। शव लेकर बैठे ग्रामीणों से डीसी व एसपी की समझौते की बात नजदीक नहीं पहुंचने केचलते मंत्री यहीं डटे रहे।

2.50-2.50 लाख रुपए एचपीजीसीएल मुआवजा देगा मृतकों के परिजनों को-
पॉवर प्लांट के चीफ इंजीनियर विनोद सेठी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि एचपीजीसीएल की ओर से मृतकों के परिजनों को 2.50-2.50 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल हुए कर्मियों का उपचार संबंधित कंपनी करवा रही है। घायलों को मुआवजा राशी देने बारे उन्होंने कहा कि नियमानुसार घायलों को मुआवजा राशी दी जाएगी। सुरक्षा इंतजामों बारे उन्होंने कहा कि प्लांट में सभी तरह के नियमों का पालन किया जाता है। संबंधित अधिकारियों से परमिट लेकर ही काम किया जा रहा था। कंपनी के ब्लैक लिस्ट में होने बारे सेठी ने कहा कि इस बारे शिकायत आई थी लेकिन जांच करवाने पर ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था। कंपनी पूरे मापदंड पूरे कर रही थी ऐसे में उसे टेंडर दिया गया। प्लांट में लापरवाही बरती गई है-उपायुक्त उपायुक्त अशोक मीणा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पॉवर प्लांट में निश्चित तौर पर लापरवाही बरती गई है। यहां जो खामियां हैं उन्हें दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के मापदंड पूरे किए जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि कंपनियों के अधीन काम करने वाले कर्मियों को सेलरी पूरी मिले, किसी तरह की इसमें कोई कटौति ना हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। घटना स्थल पर देरी से पहुंचने बारे उन्होंने कहा कि वे पूरी स्थिति पर गंभीरता पूर्वक नजर रखे
हुए थे। 3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच।पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्य।


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