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नया हरियाणा

शुक्रवार, 20 जुलाई 2018

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भाजपा के राव इंद्रजीत होंगे इनेलो में शामिल!

हरियाणा में चुनाव को भले काफी समय हो, पर राजनीतिक हलचल अभी से शुरू हो गयी हैं।

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6 मई 2018

प्रदीप डबास

इतवार का दिन सूबे की राजनीति के हिसाब से कई सारे संकेत लेकर आ सकता है। इनेलो-बसपा गठबंधन के बाद क्या इतवार को कोई और समिकरण भी बन सकते हैं? क्या अहीवाल की राजनीति इतवार से एक नई दिशा की ओर चलेगी? क्या रामपुरा हाऊस बीजेपी और कांग्रेस के मिशन 2019 के बीच दीवार बन सकता है? क्या गुरुग्राम से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने भी 19 के लिए अपनी ढाई चाल चल दी है? और कौन-कौन दिग्गज इस मिशन में राव के साथ होंगे? इन सभी सवालों का जवाब महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा गांव से मिल सकते हैं। दरअस राव इंद्रजीत की ओर से पिछले चुनावों से पहले बनाया गया इंसाफ मंच इस बार चुनावों से पहले फिर से सक्रिय हो गया है। राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव इस मंच के बैनर तले इतवार को महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा गांव में एक रैली करने जा रही हैं। राव इंद्रजीत इस रैली के मुख्यअतिथि रहेंगे। इस रैली के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि राव इंद्रजीत मंच के माध्यम से कोई बड़ी घोषणा कर दें जिससे अहीरवाल की सियासत में भूचाल आ जाये।
सियासी भूचाल की अटकलें इसलिए लगाई जा रही हैं क्योंकि आरती राव की रैली में राव इंद्रजीत को मुख्यअतिथि बुलाया गया है लेकिन बेजीपी सरकार में मंत्री होने के बावजूद मंच की ओर से पार्टी का कहीं कोई नाम नहीं लिया गया है। ना पोस्टर, बैनरों में और ना ही जनसंपर्क के दौरान...इसके अलावा बीजेपी के भिवानी महेंद्रगढ़ सीट से सांसद धर्मवीर सिंह भी इस रैली में पहुंच रहे हैं.....सियासी पंडित इस मेल को एक नये समीकरण के तौर भी देख रहे हैं, क्योंकि धर्मवीर पहले ही लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं.....मतलब दौगड़ा में लोगों का मन टटौला जाएगा। 
रैली को लेकर आरती राव की ओर की से जब जनसंपर्क किया जा रहा था तो उनके इन बयानों को जरा ध्यान से सुने तो लगता है कि अपने एजेंडे को लेकर बिगुल फूंक दिया गया है...आरती राव इलाके में पानी की समस्या को प्रमुखता के साथ उठा रही हैं....पानी की समस्या के बहाने राज परिवार ने बताने की कोशिश की है चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस उन्हें अनदेखा करने की कोशिश ना की जाये।
कांग्रेस सरकार के दौरान भी राव इंद्रजीत लगातार क्षेत्रवाद का मुद्दा उठाते रहे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें सही मान सम्मान और अहीरवाल के विकास की उम्मीद थी लेकिन उनके साथ साथ कांग्रेस को अलविद कह बीजेपी का दामन थामने वाले चौधरी बीरेंद्र को पार्टी ने ज्यादा दिया। कितनी टीस होती है ना जब ज्यादा विधायक जिताने के बावजूद अनदेखी का शिकार होना पड़े।
इंसाफ मंच के चुनाव से करीब एक डेढ़ साल पहले सक्रिय हो जाने का एक मतलब ये भी हो सकता है राव इंद्रजीत अपनी बेटी आरती राव की सूबे की राजनीति में विधिवत शुरुआत करवाने चाहते हैं। ये तो तय है कि बीजेपी में एक ही परिवार के दो लोगों को टिकट नहीं मिलेगी....ऐसे में आरती राव के लिए इंसाफ मंच ही एक मात्र विकल्प बचता है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या राव इंद्रजीत इंसाफ मंच को पार्टी का रूप दे सकते हैं। अगर इंसाफ मंच को पार्टी का रूप दिया तो निश्चित तौर पर राव इंद्रजीत बीजेपी या कांग्रेस की बजाये मंच से गुरुग्राम के उम्मीदवार होंगे फिर आरती राव को अपनी परंपरागत सीट अटेली से विधायक बनवाया जा सकता है।


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