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नया हरियाणा

बुधवार, 19 सितंबर 2018

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राहुल गांधी के लिए ‘गले की फांस’ बनते हरियाणा के कांग्रेसी नेता

इनेलो-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है

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23 अप्रैल 2018

नया हरियाणा

हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस आपसी फूट के कारण सत्ता के खेल से बाहर होती जा रही है। कांग्रेस हाईकमान पर दोहरा दबाव साफ दिख रहा है। एक तरफ वो हुड्डा के माध्यम से जाट वोटरों पर नजरे गड़ाए हुए है तो दूसरी तरफ अपने पारंपरिक वोटरों को खोने से बचाने के लिए तंवर आदि पर दांव लगा रही है. जाट वोटों पर सेंध लगाने में इनेलो सफल होती हुई दिख रही है. ऐसे में कांग्रेस की दुविधा बढ़ती जा रही है. इनेलो-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है.

हरियाणा कांग्रेस में पगड़ी विवाद पार्टी के लिए फिर संकट बनता जा रहा है। पिछले अनुभवों को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने निर्देश दिए हैं कि 29 अप्रैल को दिल्ली रैली में किसी भी प्रकार की लाल- गुलाबी या नीली पगड़ी पहन कर आने वालों और हूटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । उनका इशारा किस तरफ है ये किसी से छिपा नहीं है । 

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दरअसल, 2014 में हुड्डा ने चलते-चलते जिस तरह जाटों को आरक्षण दिया और फरवरी 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान उनके समर्थकों पर उंगलियां उठीं, उसके बाद से हरियाणा कांग्रेस में बड़ी विचित्र स्थिति पैदा हो गयी है। पार्टी हाईकमान हुड्डा को अहमियत देता है तो कांग्रेस के परंपरागत वोट के और दूर जाने  का खतरा है और उनकी अनदेखी करता है तो रोहतक, सोनीपत, झज्जर के जाट समुदाय के नाराज होने का डर है। ये दो बिन्दु ऐसे हैं जिन्होंने पिछले दो साल से हरियाणा कांग्रेस की राजनीति को असमंजस में डाल रखा है।

इस दौरान की राजनीति पर नजर डालें तो स्पष्ट है कि हुड्डा भी पार्टी में अपनी स्थिति को लेकर भली भांति परिचित हैं। इसलिए उन्होंने भौगोलिक स्थिति और रोहतक, सोनीपत, झज्जर के लोगों में अपने राजनीतिक प्रभाव का भरपूर फायदा उठाया है। दरअसल कांग्रेस के दिल्ली में जो भी कार्यक्रम होते हैं, नजदीक होने के कारण उनमें ज्यादातर भीड़ रोहतक, सोनीपत, झज्जर की ही होती है। हुड्डा खेमा उनमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए गुलाबी पगड़ी का इस्तेमाल करता रहा है। कई बार तो हुड्डा समर्थकों ने आवेश में आकर दूसरे नेताओं की हूटिंग  तक की है। मगर चाहते हुए भी हाईकमान कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया ।

वैसे तो गुटबाजी कांग्रेस का प्रिय खेल रहा है । लेकिन पगड़ी विवाद ने पार्टी के भीतर फिर से एक अजीब तरह की जंग छेड़ दी है । 25 अप्रैल को हुड्डा ने अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है । देखते हैं उन्हें वे क्या निर्देश देते हैं ?

राजनीति के जानकारों का मानना है कि कांग्रेस पर दबाव बनाने के लिए हुड्डा रैली को फ्लॉप करवाने की कोशिश करेंगे. ताकि पार्टी हाईकमान पर  दबाव बनाया जा सके.


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