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मंगलवार, 20 नवंबर 2018

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एनुअल चार्ज वसूलने वाले स्कूलों की मान्यता होगी रद्द : हाईकोर्ट के आदेश

एनुअल चार्ज वसूलने वाले निजी स्कूलों की मान्यता होगी रद्द, हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूलों ने राशि लौटाई

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20 अप्रैल 2018

नया हरियाणा

नियम 134ए के तहत कोई भी निजी स्कूल अगर फीस या एनुअल चार्ज वसूलता है तो उस स्कूल की मान्यता रद्द होगी। पंजाब व हरियाणा कोर्ट ने इस बारे में निर्देश दिए हैं कि अगर कोई स्कूल 134 ए के तहत किसी भी विद्यार्थी से एनुअल चार्ज के नाम पर अवैध वसूली करता है तो स्कूल की एनओसी रद्द करके मान्यता रद्द की जा सकती है। 

हाईकोर्ट ने शहर के एक निजी स्कूल द्वारा 2016 में एनुअल चार्ज वसूलने पर 134ए के तहत फिर से गाइडलाइन शिक्षा निदेशालय काे भेजी है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर विद्यार्थियों से वसूली गई एनुअल चार्ज की राशि को भी वापस कराया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 134ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है। इसके लिए सरकार की ओर से प्रत्येक स्कूल में सीटें निर्धारित की गई हैं। सेशन 2018-19 के लिए अभी 134ए की प्रक्रिया चल रही है। 

दाखिले के नियम 

134ए के तहत प्रत्येक स्कूल की प्रत्येक कक्षा में सीटों की संख्या 10 प्रतिशत। 

134ए में विद्यार्थियों से फीस या एनुअल चार्ज नहीं वसूल सकते। 

नियम के तहत सिर्फ बस चार्ज लिया जा सकता है। 

134 ए के तहत स्कूलों को सीटों की जानकारी देना जरूरी होता है। 

नियम के तहत निजी स्कूलों में दूसरी से 12वीं कक्षा के लिए प्रवेश दिया जाता है। 

134ए के तहत अगर सीटों की जानकारी नहीं देते हैं तो पिछले साल की दाखिले जीरो मान लिए जाते हैं ओर प्रत्येक कक्षा में 60 बच्चे मानकर 6 बच्चों की सीट हर कक्षा में अलॉट की जा सकती है। 

यह भी पढ़ें: निजी स्कूलों में 134 ए के तहत होंगे आज से निशुल्क दाखिले

कोर्ट के आदेश के बाद निजी स्कूल ने की फीस वापस 

134ए के तहत विद्यार्थियों से एनुअल चार्ज के नाम पर राशि वसूलने पर शहर के राजगढ़ रोड स्थित एक निजी स्कूल को हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे। इसके बाद स्कूल ने इन विद्यार्थियों से दो साल पहले ली गई राशि को वापस किया है। भारत नगर वासी एक व्यक्ति ने अपने बेटे को 2016 में तीसरी कक्षा में ठाकुर दास भार्गव सीनियर सेकंडरी स्कूल में दाखिला दिलवाया था। इसके लिए उससे एनुअल चार्ज के रूप में 3420 रुपए चार्ज लिया गया। इसके बाद 2017 में चौथी कक्षा के लिए भी एनुअल चार्ज के लिए 4400 रुपए वसूले गए। इसी दौरान उसने अपनी बेटी का छठी कक्षा में दाखिला करवाया तो 5840 रुपए वसूले गए। इसके बाद अभिभावक ने स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन को इस बारे में सूचित किया। इसके बाद संगठन के जिला प्रधान पुनीत ने इस मामले में 2017 में पंजाब व हरियाणा कोर्ट में याचिका डाली थी। इसके बाद 16 अप्रैल को कोर्ट ने फीस रिफंड करने के आदेश दिए। ऑर्डर के अनुसार 10 दिन में यह राशि अगर नहीं दी गई तो स्कूल पर जुर्माना लगाया जाएगा। 

नियमों के उल्लंघन पर मान्यता होती है रद्द : सहरावत 

134ए के तहत निजी स्कूल किसी तरह का चार्ज नहीं ले सकते। सीटों की भी पूरी जानकारी उन्हें देनी होती है। अगर नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। बलजीत सहरावत, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।


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