Privacy Policy | About Us | Contact Us

नया हरियाणा

बुधवार, 23 मई 2018

पहला पन्‍ना English लोकप्रिय राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात समाज और संस्कृति समीक्षा Faking Views

हरियाणा में हुआ 2G घोटाले के तरह का ही छोटा (करोड़ों का) घोटाला

ई-नीलामी के लिए दो दिन का समय देना इसे सवालों के घेरे में डालता है.

huda, e auction, haryana government, state policy, manoharlal khattar, , naya haryana, नया हरियाणा

19 अप्रैल 2018

नया हरियाणा

हाल ही में 2G घोटाले पर अदालत का फ़ैसला आया है, आज हर कोई 2G घोटाले के बारे में बात कर रहा है, इस घोटाले का एक मुख्य बिंदु था की टेलिकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन करने के लिए 1658 करोड़ रुपये के demand ड्राफ्ट (DD) के साथ 10 जनवरी 2008 को उसी दिन 3:30 बजे से 04:30 बजे तक का समय दिया गया था, एक घंटे के समय में इतनी बड़ी रकम का DD केवल वही कंपनी दे पाई जिन्होंने ये पहले से ही बनवा रखा था (यानी उनको इस सब के बारे में पहले से ही जानकारी थी?) | 
सामान्यत HPSC/ HSSC किसी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए लगभग 1 महीने का समय देता है, कल्पना कीजिए अगर राज्य कर्मचारी चयन आयोग (HPSC / HSSC) अगर किसी मामले  में केवल कुछ घंटे या 1-2 दिन का समय ही दे तो क्या उसकी मंशा पर सवाल नहीं उठेंगे, क्या लोग अदालत नहीं जाएँगे? क्या ऐसा करने की पीछे किसी व्यक्ति/ समूह का लाभ पहुँचाने का मंतव्य नहीं रहेगा?
अब बात करते हैं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के मामले की, जहाँ e-auction में प्लॉट के लिए आवेदन करने के लिए 1-2 दिन का ही समय दिया गया और इन सब में बहुत कम अप्लिकेशन्स आई और सस्ते दाम पर ही प्लॉट नीलाम हो गये, अगर 1 महीने का समय दिया होता तो विभाग को करोड़ों का लाभ हो सकता था, मुझे विश्वास है HUDA में इस बारे में ज़रूर कोई पॉलिसी होगी जिसका पालन नहीं किया गया, और ये मामले 1 बार नहीं, कम से कम 2-3 या इस से भी अधिक बार हुआ है| आइए मुद्दे के डीटेल्स में जाते हैं|
1. वर्तमान प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार मिटाने और नौकरशाही में जवाबदेही लाने के लिए कई IT initiatives लिए हैं, HUDA द्वारा प्लॉट का e-auction करना इनमें से एक है, e-auction द्वारा competition करवा कर अधिक से अधिक मूल्य प्राप्त करना और हर किसी को खरीद का मौका दिया जा सकता है| लेकिन संबंधित विभाग/ अधिकारियों द्वारा e-auction में भी धाँधली के कारण प्रदेश सरकार के प्रयासों को धक्का लगा है|
2. HUDA की website https://huda.haryanaeprocurement.gov.in/indexes/tender_more_details 

पर 17 जून, 2017 को गुरुग्राम के सेक्टर 41 और 43 के प्लॉट की निलामी (e-auction) हुई थी जिसमें आवेदन करने के लिए केवल 2 दिन का समय दिया गया था|  विभाग की वेबसाइट पर ये टेंडर (Plot No. 1261-A, Sector 43,  Plot No. 34-E, Sector 41 and many others)  14 जून 2017 को प्रकाशित (upload) किया गया , जिसमें आवेदन के साथ 2% राशि जमा करवानी होती है, ऑनलाइन सेक्यूरिटी जमा करवा कर आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जून थी, लेकिन ऑफ-लाइन सेक्यूरिटी जमा करके आवेदन 15 जून तक ही किए जा सकते थे, इस तरह ऑफ-लाइन वालों के लिए 2 दिन और ऑनलाइन आवेदन करने के लिए 3 दिन का समय दिया गया| इसी निलामी में प्लॉट 34A, 34B, 34C,34D & 34E सेक्टर 41 में कम से कम 2 प्लॉट में ऐसा ही हुआ था| 17 जून की e-auction में और भी कई प्लॉट में ऐसा हुआ हो सकता है, ये जाँच का विषय होना चाहिए |

3. सिर्फ़ 2 दिन का समय देने के कारण बोलीदाताओं की संख्या कम रही, कम प्रतिस्पर्धा (competition) हुआ और सरकारी खजाने  को नुकसान का जोखिम हुआ| संभवत कुछ और लोगों को इन प्लॉट में दिलचस्पी हो सकती थी लेकिन विभिन्न औपचारिकताओं के कारण इन 2 दिनों की अवधि के भीतर आवेदन करने में सक्षम ना होने के कारण आवेदन कम हुए|

4. एक महीने बाद, 29 और 30 जुलाई 2017 को सेक्टर 38, गुरुग्राम की e-auction में एक बार फिर से ऐसा ही मामला सामने आया, इस बार 25 प्लॉट auction होने थे| टेंडर (निविदा) संख्या 52399 से 52412, 27 जुलाई (या 26 जुलाई शाम) को वेबसाइट पर अपलोड की गई, जबकि ऑफ़लाइन पेमेंट मोड से  आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 & 28 थी, यानी केवल 1-2 दिन का समय ही दिया गया | 

5. उपरोक्त 25 प्लॉट का कुल आरक्षित मूल्य (रिज़र्व प्राइस) लगभग 30 करोड़ था, अगर 1 महीने का समय देकर e-auction होती तो अनुमानत: 50 करोड़ रुपये तक में ये प्लॉट बिक सकते थे, केवल 1-2 दिन का समय देकर विभाग को 15-20 करोड़ तक का नुकसान का ख़तरा लिया गया | उदाहरण के लिए सेक्टर 9 में, 4 जुलाई को ई-नीलामी में 36 लाख की आरक्षित कीमत का प्लॉट 71 लाख में बिका था, जो रिज़र्व प्राइस का लगभग डबल है और इसी तरह सेक्टर 38 में स्थिति हो सकती थी| ये सभी प्लॉट Medanta Medicity हस्पताल के पास प्राइम लोकेशन पर हैं|

6. इन दो दिनों में 25 प्लॉट निलाम (auction) होने थे, लेकिन केवल 1-2 दिन का समय होने के कारण केवल 7 के लिए ही विभाग के पास आवेदन आए और 7 प्लॉट ही बिक पाए
Sector 38, size 8 Marla, auctioned on 29/07/2017:
Sr. No.  Site No. Dimension and area (Sq Mtr.) Reserved price for each site in Rs.  Security Amount @ 2 % for each site is  Rs. Sold at Price (Figure in crores) Premium %
1 488-P 176.4 13970880 279418 1.47  5.0
2 964-EP 180 14256000 285120 1.56 
 9.8
3 990-AP 171 13543200 270864 1.3843200
  2.21
4 1032-B 180 12960000 259200 13160000
 1.54

Sector 38, size 8 Marla, auctioned on 30/07/2017:
Sr. No.  Site No. Dimension and area (Sq Mtr.) Reserved price for each site in Rs.  Security Amount @ 2 % for each site is  Rs. Sold at Price (Figure in crores) Premium %
1 1032-D 180 12960000 259200 1.3660000 5.4
9 1032-L 180 12960000 259200 1.3060000
 0.77 
एक ही बोली (bid) होने के बावजूद अलॉटमेंट दे दिया गया|
13 316-P 171 13543200 270864 1.89 39

7. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार HUDA की पॉलिसी के अनुसार अगर केवल एक ही आवेदक, एक ही बोली (bid) हो तो उसको प्लॉट का अलॉटमेंट नही दिया जाता, लेकिन 30/07/2017 की निलामी में प्लॉट 1032-एल में केवल एक आवेदक थे और उनको अलॉटमेंट दे दिया गया |
8. HUDA गुरुग्राम द्वारा सेक्टर 9, 9A, 23 और 23A के प्लॉट की e-auction 1,2 और 4 जुलाई 2017 को करवाई गयी जिसमें आवेदन करने के लिए 1 महीने का समय दिया गया, जो की सरहाणीय है|
9. गुरुग्राम के सेक्टर 9 के प्लॉट की e-auction में लगभग 1 महीने का समय दिया गया था अप्लाइ करने के लिए, जिन में रिज़र्व प्राइस से  50-90% तक प्रीमियम मिला था, लेकिन उपरोक्त e-auction में औसतन 5% प्रीमियम ही मिला, जिसका मतलब हुआ की विभाग को काफ़ी नुकसान हुआ|




बाकी समाचार