Hindi Online Test Privacy Policy | About Us | Contact

नया हरियाणा

बुधवार, 11 दिसंबर 2019

पहला पन्‍ना सर्वे लोकप्रिय 90 विधान सभा हरियाणा चुनाव राजनीति अपना हरियाणा देश शख्सियत वीडियो आपकी बात सोशल मीडिया मनोरंजन गपशप English

HCS भर्ती के साक्षात्कार में HPSC बना सरकार के हाथों की कठपुतली : रणदीप सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने लगाए आरोप।

रणदीप सुरजेवाला, hpsc, hcs, naya haryana, नया हरियाणा

15 नवंबर 2019



नया हरियाणा

हरियाणा लोक सेवा आयोग प्रदेश की भाजपा – जजपा सरकार के हाथों में कठपुतली बन गया है। एचसीएस भर्ती में होने वाले साक्षात्कार में तथाकथित विशेषज्ञों को अंक देने का अधिकार देने से स्पष्ट है कि पारदर्शिता की आड़ में प्रदेश सरकार हरियाणा लोक सेवा आयोग की गरिमा को तार-तार कर रही है और आयोग सरकार के आगे पंगू होकर रह गया है। एचसीएस के साक्षात्कार की कमेटी में आयोग का केवल एक सदस्य व तीन विशेषज्ञ शामिल करने के समाचारों से साफ है कि बीजेपी व जजपा सरकार मिलकर अपने चहेतों को एचसीएस अधिकारी बनाना चाहती है तथा लोक सेवा आयोग ने भी पूरी तरह पंगुता स्वीकार करते हुए सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
प्रदेश सरकार के गजटेड अधिकारियों के चयन के लिए साक्षात्कारों में अंक देना केवल लोक सेवा आयोग का दायित्व और अधिकार रहा है। इससे पहले एचसीएस के साक्षात्कार में अंक देने का कार्य आयोग ही करता था। सरकार को सदस्यों पर भरोसा नहीं है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए और आयोग को भंग कर देना चाहिए। क्या चेयरमैन पर भी सरकार को भरोसा नहीं? अगर भरोसा है तो चेयरमैन खुद अपनी अगुवाई में पूरे आयोग के साथ साक्षात्कार क्यों नहीं ले रहे हैं?
एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों और दायित्वों को किसी और को सौंप सकता है? अगर साक्षात्कार कमेटी में 3 विशेषज्ञ व आयोग का एक सदस्य बैठेंगे तो इसका मतलब होगा कि सरकार तथा आयोग द्वारा बुलाए गए इन तथाकथित विशेषज्ञों के पास नौकरी के चयन के लिए आयोग से तीन गुना अधिक ताकत होगी। ऐसे में उस चयन प्रक्रिया को क्या हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा किया गया चयन माना जा सकता है? यदि उस भर्ती में कोई घोटाला या गलती पाई जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?

 एचसीएस की भर्ती पहले ही सवालों के घेरे में है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा लोक सेवा आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों से पीछे हट रहा है। यह एक सवैंधानिक आयोग है और अपनी मनमर्जी के नियम व कानून नहीं बना सकता।

सवाल यह भी उठता है कि आखिरकार साक्षात्कार के लिए इन विशेषज्ञों का चयन किस आधार पर किया गया है? क्या इसके लिए आयोग को सरकार ने मजबूर किया या फिर आयोग ने अपनी तरफ से यह निर्णय लिया? अगर आयोग ने स्वयं यह फैसला लिया तब भी यह गलत और असंवैधानिक है। आयोग अपने संवैधानिक अधिकार को दरकिनार करके विशेषज्ञों को अपने अधिकार और दायित्व कैसे सौंप सकता है? आयोग एक संवैधानिक पीठ है और वह अपने अधिकार से पीछे नहीं हट सकता है। यदि सरकार ने यह दबाव बना कर करवाया है, तब यह भी गलत और गैर कानूनी होगा।  

यह भी अहम सवाल है कि एचसीएस भर्ती के साक्षात्कार के लिए आखिर किस मापदंड के आधार पर इन तथाकथित विशेषज्ञों का चयन किया गया है? क्या उनसे कोई आवेदन लिए गए थे? क्या कोई विज्ञापन निकाला गया था? विशेषज्ञ के चयन में क्या पारदर्शिता बरती गई? अगर विशेषज्ञ कल को कोई गलत फैसला लेते हैं तो इसके लिए जिम्मेवार कौन होगा? आखिरकार आयोग तथा सरकार नियमों के खिलाफ इस नई प्रथा को क्यों शुरु करना चाहते हैं? अगर कोई गड़बड़ पाई जाती है तो आयोग के सदस्यों पर कानून व नियम लागू होते हैं, इन विशेषज्ञों पर वो नियम कैसे लागू होंगे?

साक्षात्कार के लिए जिन विशेषज्ञों का रखा गया है, वह अधिकत्तर बाहरी राज्यों से बताए जाते हैं। क्या सरकार यह साबित करना चाहती है कि हरियाणा के शिक्षाविदों में योग्यता नहीं है? पिछले साक्षात्कारों में भी बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का चयन बड़ी तादाद में हुआ था तथा चुनाव को सामने देख वो चयन प्रक्रिया सरकार को रद्द करनी पड़ी। ऐसे में साक्षात्कार कमेटी के चयन पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि एचसीएस मेन परीक्षा में रोल नंबर 2069 से 2170 के बीच 41 उम्मीदवारों के पास होने से एचसीएस चयन प्रक्रिया पर बड़ा प्रश्न चिन्ह पहले ही लगा हुआ है। कुल 166 पदों में से जब एक चौथाई पदों के उम्मीदवार पहले ही संदेह के घेरे में हैं तो पूरी परीक्षा की उपयोगिता और प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है और अब इस नए प्रकरण से युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता के प्रति और भी अधिक प्रश्न खड़े हो गए हैं।

इन सब बातों से साफ हो गया है कि पारदर्शिता की आड़ में बड़े स्तर पर हेरा-फेरी करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी मांग है कि राज्यपाल को इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाने चाहिएं। 

 

Tags: hpsc hcs

बाकी समाचार