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नया हरियाणा

गुरूवार, 19 सितंबर 2019

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बहकावे की राजनीति को नकार विकास की राह पर चला नारनौंद

वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने नारनौंद को विकास की राह पर अग्रसर किया.

Denying the politics of seduction, Narnaund walked the path of development, Finance Minister Captain Abhimanyu, naya haryana, नया हरियाणा

3 सितंबर 2019



नया हरियाणा

हरियाणा की राजनीति, पार्टियों की नीतियों और नेताओं के दृष्टिकोण को समझने के लिए उनकी नियत और कार्यशैली को समझना जरूरी है. हिसार हरियाणा के समृद्ध शहरें में माना जाता है और इसी हिसार जिले के नारनौंद हलके का मूल्यांकन करें तो विकास के पैमाने पर कस कर देखने पर साफ पता चलता है कि पिछली सरकारों में यहां केवल बहकावे की राजनीति की गई. विकास की असली बहार 2014 के बाद ही नारनौंद में देखने को मिली. जिस नारनौंद ने एक पार्टी को लंबे अर्से तक जीत भेंट की, उसने भी नारनौंद की तकदीर बदलने का काम नहीं किया.
नारनौंद का राजनीतिक इतिहास
1967 रामेश्वरदत्त कांग्रेस, 1968 जोगिंद्र सिंह SWA, 1972 जोगिंद्र सिंह कांग्रेस, 1977 वीरेंद्र सिंह जनता पार्टी, 1982 वीरेंद्र सिंह लोकदल, 1987 वीरेंद्र सिंह लोकदल, 1991 वीरेंद्र सिंह जनता दल, 1996 जसवंत सिंह हविपा, 2000 रामभगत आजाद, 2005 रामकुमार गौतम बीजेपी, 2009 सरोज मोर इनेलो, 2014 कैप्टन अभिमन्यु बीजेपी
दरअसल नारनौंद को इनेलो का गढ़ कहा जाता है और इनेलो ने इस गढ़ को पूरी तरह से पिछड़ा बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी और बहकावे के सहारे अपनी राजनीति चमकाती रही. नारनौंद में विकास नाम की चीड़िया ने ‘पर’ तक नहीं मारा. नारनौंद हलके के लोगों को बिजली के बिल नहीं भरने के लिए उकसाने वाला चौटाला परिवार अपने सिरसा क्षेत्र में बिल भरवाता रहा. अब नारनौंद की जनता इस बहकावे की राजनीति को समझने लगी है और बिजली के बिल भर कर ज्यादा से ज्यादा बिजली पा रही है. बिजली के बिल नहीं भरने को लेकर ही जींद जिले के कंडेला गांव में चौटाला सरकार ने निहत्थे किसानों पर गोलियां चलवा दी गई थी. बिजली के बिलों को माफ करने के वादे से मुकर कर ही ये कंडेला कांड हुआ था. अब मनोहर सरकार की बिजली नीति के अनुसार जहां पर बिजली के बिलों की अदायगी जितने प्रतिशत होगी, उतनी ही उसे बिजली मिलेगी. अराजक राजनीतिक की तुलना में ये एक सकारात्मक राजनीति है.
हरियाणा बनने से लेकर 2014 से पूर्व नारनौंद हलके में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं था. शिक्षा व स्वास्थ्य आदि के मामले में नारनौंद हरियाणा के अति पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था.  नारनौंद हलके के लोग मजाकिया लहजे में अब भी कहते हैं कि हमें सफेद पट्टी की सड़क देखने के लिए हांसी या हिसार जाना पड़ता था. नारनौंद में लंबे अर्से तक लोकदल के विधायक रहे और इन्होंने यहां की जनता को बहकाने के अलावा कुछ विशेष काम नहीं किए. जनता की मूलभूत जरूरतों जैसे बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल, स्कूल, कॉलेजों आदि की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया. 2014 के बाद नारनौंद की जनता ने पहली बार सरकार का हिस्सा होने का अनुभव महसूस किया. हरियाणा सरकार में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने नारनौंद के पिछड़ेपन को दूर कर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया.
नारनौंद, खेड़ी चौपटा, उगालन और डाटा में सरकारी कॉलेज (इनमें महिलाओं के कॉलेज अलग से हैं) बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा. उसे सफल भी बनाया. बेटियों की घटती संख्या को बढ़ाया. भकलाना, माजरा प्याऊ, सिसाय तथा राखी गढ़ी में आईटीआई बनवाई और नए अत्याधुनिक कोर्स भी शुरू करवाए ताकि युवाओं की बेरोजगारी को दूर किया जाए. नारनौंद के विकास के मॉडल में नारनौंद को औद्योगिक नगरी बनाने के संकल्प को अमलीजामा पहनाया जा रहा है. ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा सकें.
किसानों के खेतों में भरने वाले पानी को निकालने के लिए करोड़ों रुपए के प्रोजक्ट लगाए गए हैं. सिंघवा खास की सैकड़ों एकड़ जमीन पानी भराव के कारण खराब रहती थी. उस पर करोड़ों के प्रोजैक्ट लगाकर किसानों को बड़ी सौगात दी. 1995 के बाद बंजर हो चुकी जमीन पर अब फसलें लहलहा रही हैं. खराब होने वाली फसलों के लिए करोड़ों रुपए का मुआवजा दिया गया. हर तहसील को ऑनलाइन किया गया ताकि भ्रष्टाचार से मुक्ति मिल सके.
ग्रामीणों और किसानों को पानी की दिक्कत न हो इसके लिए पेटवाड़ डिस्ट्रीबयूट्री तथा बालसमंद ब्रांच नहरों का 100 करोड़ की लागत से नवीनीकरण करवाया. खेड़ी चौपटा क्षेत्र, मसूदपुर, महजत आदि गांवों में भाखड़ा नहर का नीला पानी पहुंचाया. विश्व की सबसे बड़ी धरोहर राखी गढ़ी में विश्व स्तर का म्यूजियम का निर्माण करवाया.
नारनौंद हलके के लगभग सभी गांवों के स्कूलों, पीएचसी, सीएचसी व पशु अस्पतालों का पुनर्निर्माण करवाया. नारनौंद के अस्पताल का 30 बेड से विस्तार करवाते हुए 100 बेड का करवाया. नारनौंद नगरपालिका को उपमंडल का दर्जा दिलवाया. नारनौंद में नई सब्जी मंडी का निर्माण व अनाज मंडी पुर्नउद्धार करवाया. नारनौंद हलके के 59 गावों को आपस में जोड़ने वाली लगभग सभी सड़कों का निर्माण व चौड़ीकरण का काम करवाया. जीर्ण हो चुकी सभी गांवों की चौपालों का पुर्ननिर्माण व निर्माण करवाया. जिन-जिन गांवों में जलघर जीर्ण हालत में थे, उनका पुर्ननिर्माण करवाया. 
खेड़ी चौपटा में अस्पताल का निर्माण, नए कॉलेज का निर्माण, नए बस स्टैंड का निर्माण, नई उपतहसील का निर्माण, नई अनाज मंडी का निर्माण और साथ हरबल पार्क का निर्माण करवाया. बास गांव व सिसाय गांव को नगरपालिका का दर्जा दिलवाया. बास को तहसील का दर्जा दिलवाया. बास में मार्किट कमेटी का निर्माण, पुलिस स्टेशन का निर्माण व नए जलघर का निर्माण कार्य चल रहा है. बास में करोड़ों की लागत से अत्याधुनिक स्कूल का निर्माण करवाया, जो कि हरियाणा के चुनिंदा सरकारी स्कूलों में शुमार है और प्राइवेट स्कूलों से कई गुना बेहतर सुविधा संपन्न है.
एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पेशन लिमिटिड) ओयल डिपो, डाटा- इससे हलके में रोजगार के अवसर बनेंगे.  शिक्षा और स्वास्थ के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांवों में स्टेडियमों का निर्माण करवाया, खेल अकादमियों को आर्थिक सहायता प्रदान की.  परममित्र मानव निर्माण संस्था द्वारा आरो प्लांट  मिर्चपुर, गुराना व भकलाना गांव में लगाए गए हैं. जींद वाया नारनौंद हांसी रेलवे लाइन निर्माण को मंजूरी दी गई है. जिस पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पिछड़े कहे जाने वाले नारनौंद की तसवीर बदल दी. उन्होंने पिछली सरकारों की तरह बदले की भावना से काम नहीं किया, बल्कि बदलाव एवं विकास के मार्ग को अपनाया. जिसकी जीती जागती मिसाल नारनौंद हलके में जाकर खुद देखी जा सकती है.


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