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नया हरियाणा

गुरूवार, 20 फ़रवरी 2020

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बड़ौदा विधानसभा का राजनीतिक इतिहास

हरियाणा राज्य के निर्माण के बाद हुए पहले चुनाव में गठित बडौदा विधानसभा और 2005 विधानसभा चुनाव तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही.

Political History of Baroda Legislative Assembly, naya haryana, नया हरियाणा

19 अगस्त 2019



नया हरियाणा

हरियाणा राज्य के निर्माण के बाद हुए पहले चुनाव में गठित बरोदा विधानसभा और 2005 विधानसभा चुनाव तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही. इस अवधि में 10 बार चुनाव हुए. 1967 में कांग्रेस के रामधारी वाल्मीकि ने जनसंघ प्रत्याशी को हरा कर विधानसभा में प्रवेश किया. अगले वर्ष हुए मध्यावधि चुनाव में वीरेंद्र सिंह की विशाल हरियाणा पार्टी के श्यामचंद ने कांग्रेस के रामधारी वाल्मीकि को पराजित किया. उनमें चौधरी श्यामचंद कांग्रेस की ओर से लड़े और इस बार भी उन्होंने रामधारी वाल्मीकि को पटखनी दी. रामधारी संगठन कांग्रेस के प्रत्याशी थे.

1977 की इंदिरा विरोधी लहर में जनता पार्टी के भले राम ने निर्दलीय दरिया सिंह को पराजित किया. दोनों पुराने खिलाड़ी रामधारी वाल्मीकि (विशाल हरियाणा पार्टी) व श्यामचंद (कांग्रेस) भी चुनाव लड़े लेकिन तीसरे व चौथे स्थान पर रहे. 1982 भी भालेराम ने अपना कब्जा बरकरार रखा. 1987 में लोकदल प्रत्याशी डॉ. कृपाराम पुनिया ने कांग्रेस के चौधरी श्यामचन्द को पराजित किया. अगले 3 चुनाव 1991, 1996 व 2000 इंडियन नेशनल लोकदल के रमेश खटक ने बरोदा का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया और कांग्रेस के रामधारी वाल्मीकि, हरियाणा विकास पार्टी के चंद्रभान व कांग्रेस के शासन को पराजित किया. 2005 में इनेलो के रामफल चिडाना ने कांग्रेस के रामपाल रुखी को पराजित किया.

सामान्य सीट घोषित होने के बाद 2009 व 2014 में यहां से श्रीकृष्ण हुड्डा विधायक चुने गए और दोनों ही बार उन्होंने इनेलो के डॉ. कपूर नरवाल को पराजित किया. श्रीकृष्ण हुड्डा का अपना पुराना विधानसभा क्षेत्र किलोई था और वहां से वे तीन बार विधायक चुने गए थे. लेकिन 2005 में जब भूपेंद्र हुड्डा मुख्यमंत्री बने तो श्रीकृष्ण हुड्डा ने किलोई सीट से त्यागपत्र दे दिया ताकि भूपेंद्र हुड्डा उपचुनाव के जरिए विधानसभा की सदस्यता हासिल कर सकें. श्री कृष्ण के इस अहसान का बदला भूपेंद्र हुड्डा ने उन्हें बरोदा से चुनाव जितवाकर दिया. बरोदा से निर्वाचित विधायक चौधरी श्याम चंद चौधरी बंसीलाल के कैबिनेट में विकास मंत्री रहे तो डॉ. कृपाराम पुनिया चौधरी देवीलाल के कैबिनेट में उद्योग मंत्री रहे. आईएएस अधिकारी रह चुके डॉ पुनिया को देवीलाल अपने उत्तराधिकारी के रूप में भी देख रहे थे. यदि ये हो जाता तो बरोदा को भी मुख्यमंत्री देने का गौरव हासिल हो जाता और प्रदेश को दलित मुख्यमंत्री भी मिल जाता.

2019 विधानसभा का परिणाम

Haryana-Baroda
Result Status
O.S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 JOGINDER Indian National Lok Dal 3137 8 3145 2.56
2 NARESH Bahujan Samaj Party 3277 4 3281 2.67
3 YOGESHWAR DUTT Bharatiya Janata Party 37530 196 37726 30.73
4 SRI Krishan Hooda Indian National Congress 42379 187 42566 34.67
5 DINESH Bharatiya Samtawadi Party (A) 470 2 472 0.38
6 BHUPINDER MALIK Jannayak Janta Party 32419 61 32480 26.45
7 SHAKUNTALA Jai Maha Bharath Party 172 4 176 0.14
8 SATYANARAYN Loktanter Suraksha Party 2381 1 2382 1.94
9 DHARAMPAL Independent 98 2 100 0.08
10 Lokesh Kumar Independent 178 0 178 0.14
11 WAZIR Independent 55 0 55 0.04
12 NOTA None of the Above 218 1 219 0.18
  Total   122314 466 122780  
 

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