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नया हरियाणा

शनिवार, 24 अगस्त 2019

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रादौर विधानसभा का राजनीतिक इतिहास

रादौर सबसे पहले 1962 में विधानसभा क्षेत्र (आरक्षित) बना और कांग्रेस के  रणसिंह विधायक बने.

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9 अगस्त 2019



नया हरियाणा

रादौर सबसे पहले 1962 में विधानसभा क्षेत्र (आरक्षित) बना और कांग्रेस के  रणसिंह विधायक बने. 1967 से 1972 तक के तीन चुनावों के दौरान इस क्षेत्र की पहचान बाबैन (आरक्षित) हलके के रूप में रही. यह तीनों चुनाव मूल रूप से रोहतक निवासी चौधरी चांदराम ने जीते. 1967 में चांदराम कांग्रेस प्रत्याशी थे और जनसंघ के प्रत्याशी को पराजित कर विधायक बने थे. 1968 का मध्य अवधि चुनाव और 1972 का मध्य अवधि चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा और दोनों बार कांग्रेस के उम्मीदवारों को पराजित किया.
1977 में जनता पार्टी के प्रत्याशी लहरी सिंह नेहरा ने निर्दलीय मास्टर राम सिंह को परास्त कर यह सीट जीती. 1982 में राम सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ कर ही लहरी सिंह (कांग्रेस) से हार का बदला ले लिया. 1987 में भाजपा के रतन लाल कटारिया ने निर्दलीय लहरी सिंह को शिकस्त दी. 1991 में लहरी सिंह हविपा से चुनाव लड़े और उन्होंने जनता पार्टी के बंता राम वाल्मीकि को पराजित किया. 1996 व 2000 के चुनाव बंता राम वाल्मीकि ने जीते और दोनों बार कांग्रेस के राम सिंह को पराजित किया. 2005 में इनेलो के ईश्वर सिंह पलाका ने कांग्रेस के लहरी सिंह को हराया.
2008 के परिसीमन के बाद रादौर को सामान्य विधानसभा क्षेत्र घोषित कर दिया गया. 2009 में इनेलो प्रत्याशी डॉ. बिशन लाल सैनी कांग्रेस के सुरेश कुमार को पराजित कर विधायक निर्वाचित हुए. 2014 में भाजपा प्रत्याशी श्याम सिंह ने इनेलो के राजकुमार बुबका को पराजित किया.
रादौर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि इस क्षेत्र में जन्मा कोई भी विधायक मंत्री नहीं बना. लेकिन क्षेत्र के नेता अन्य क्षेत्रों से जीतकर मंत्री बने. रादौर हलके के रादौरी गांव के देशराज कंबोज 1977 में करनाल के इंद्री से चुनाव जीतकर 1977 से 1982 तक प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहे. इसी तरह रादौर क्षेत्र के गांव मंधार निवासी कर्णदेव कंबोज इंद्री से ही विजयी होकर खट्टर सरकार में मंत्री बने हैं. इतना ही नहीं, हलके के गांव कंडरौली के मूल निवासी चौधरी वेदपाल करनाल की घरौंडा सीट से जीत कर विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे हैं. 1967, 1968 और 1972 में यहां से विधायक रहे रोहतक में जन्मे चौधरी चांदराव बीरेंद्र सिंह के मंत्रिमंडल के सदस्य रहे.
 


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