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नया हरियाणा

रविवार, 1 नवंबर 2020

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पुन्हाना विधानसभा का राजनीतिक इतिहास

पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आया. परिसीमन में तावडू विधानसभा को समाप्त किया गया था.

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6 अगस्त 2019



नया हरियाणा

पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आया. परिसीमन में तावडू विधानसभा को समाप्त किया गया था और पुन्हाना का सृजन हुआ. 2009 के पहले चुनाव में इनेलो के मोहम्मद इलियास और बहुजन समाज पार्टी की दयावती भड़ाना के बीच चुनावी जंग हुई. इलियास दया भड़ाना को कड़े मुकाबले में लगभग ढाई हजार वोटों से हराने में सफल रहे. दया भड़ाना का बहुकोणीय मुकाबले में 16000 वोट पाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं थी. दयावती भड़ाना बंधुओं अवतार सिंह - करतार सिंह की बहन हैं.
2014 में निर्दलीय रहीम खां ने इनेलो के मोहम्मद इलियास को शिकस्त दी. भाजपा के इकबाल तीसरे व कांग्रेस प्रत्याशी चौथे स्थान पर रहे. दयावती भड़ाना ने इस बार भी बसपा से चुनाव लड़ा. लेकिन 10000 वोट लेकर पांचवें स्थान पर रहीं.

तावडू का इतिहास

1977 में सृजित तावडू विधानसभा क्षेत्र से पहली बार जनता पार्टी के खुर्शीद अहमद, कांग्रेस के अपने चिर प्रतिद्वंदी तैयब हुसैन को पराजित कर विधायक निर्वाचित हुए. 1982 में कांग्रेस के कबीर अहमद ने लोकदल के रविंद्र कुमार को पराजित किया. 1987 में चौधरी देवीलाल की आंधी में भी तैयब हुसैन ने यह सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी. इस दफा भी पराजित प्रत्याशी लोकदल के रविंद्र कुमार ही थे. 1991 में तैयब हुसैन के बेटे जाकिर हुसैन ने भाजपा के कंवर सूरजपाल को पराजित किया. लेकिन 1996 में हविपा - भाजपा के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में लड़े कंवर सूरजपाल ने कांग्रेस के जाकिर हुसैन को मात दी. सूरजपाल बंसीलाल सरकार में मंत्री भी रहे. 2000 में जाकिर हुसैन ने कंवर सूरजपाल को पराजित कर दिया. 2005 में इनेलो के साहिबा खान ने जाकिर हुसैन को तकरीबन एक हजार मतों से शिकस्त दी. भाजपा के कंवर संजय सिंह लगभग 25000 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे


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