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नया हरियाणा

शनिवार, 5 दिसंबर 2020

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बावल विधानसभा का राजनीतिक इतिहास

कुल मिलाकर बावल में शकुंतला भगवाडिया की सक्रियता सबसे अधिक रही है.

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6 अगस्त 2019



नया हरियाणा

बावल विधानसभा अपने अस्तित्व में आने के बाद से ही आरक्षित है. 1967 में पहली बार निर्दलीय कन्हैयालाल यहां से विधायक चुने गए. 1968 में विशाल हरियाणा पार्टी के चौधरी जीसुख कांग्रेस उम्मीदवार को पराजित कर विधायक बने. 1972 में कांग्रेस के चौधरी राम प्रसाद ने विशाल हरियाणा पार्टी के कन्हैयालाल को पराजित किया. 1977 में जनता पार्टी प्रत्याशी शकुंतला भगवाडिया ने विशाल हरियाणा पार्टी के मोहनलाल को पराजित किया. 1982 में भी शकुंतला भगवाडिया ने ही जीत दर्ज की. लेकिन इस बार वे कांग्रेस से लड़ी और लोकदल के मुरालीलाल को पराजित किया. 1987 में लोकदल के डॉ रंगा ने निर्दलीय शकुंतला भगवाडिया को शिकस्त दी.

1991 में कांग्रेस से फिर से शकुंतला भगवाडिया को उम्मीदवार बनाया और जनता पार्टी के प्रत्याशी को पराजित करने में सफल रहीं. 1996 में जसवंत सिंह हविपा के प्रत्याशी थे और उन्होंने शकुंतला भगवाडिया को पराजित किया. 2000 में शकुंतला भगवाडिया ने डॉ. रंगा के हाथों पराजित हो कांग्रेस को निराश किया. 2005 में शकुंतला भगवाडिया विजयी हुई और उन्होंने कांग्रेस के भरत सिंह को हराया. डॉ. रंगा तीसरे स्थान पर रहे. 2009 में इनेलो के रामेश्वर दयाल ने शकुंतला को पराजित किया. 2014 के चुनाव में डॉ. बनवारी लाल ने बावल में कमल खिलाया. उन्होंने इनेलो के श्यामसुंदर को पराजित किया. कांग्रेस के जसवंत सिंह तीसरे स्थान पर रहे. कुल मिलाकर बावल में शकुंतला भगवाडिया की सक्रियता सबसे अधिक रही है. उन्होंने आठ बार चुनाव लड़ा और चार बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा.


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