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नया हरियाणा

सोमवार , 17 जून 2019

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इनेलो के पूर्व अध्यक्ष अशोक अरोड़ा होंगे बीजेपी में शामिल!

इनेलो को एक के बाद एक तगड़े झटके लगते जा रहे हैं।

Ashok Arora, former president of INLD, included in BJP, OP Chautala, Manohar Lal, BJP, INLD, Thanesar assembly, Pehwa assembly, Subhash Sudha, naya haryana, नया हरियाणा

12 जून 2019



नया हरियाणा

हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर दलबदल अभी से शुरू हो गया है। इनेलो और जेजेपी अलग होने से दोनों दलों के नेताओं में दल बदलने में ही अपनी भलाई दिख रही है। इनेलो के काफी नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनेलो को एक के बाद एक तगड़े झटके लगते जा रहे हैं। पार्टी लगातार अपना अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है।

इनेलो ने सोमवार को दिल्ली में बैठक कर संगठन पर मंथन किया। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अरोड़ा बैठक में भी शामिल नहीं हुए। हालांकि, उन्होंने बैठक में न पहुंचने की वजह व्यक्तिगत काम होना बताया है। अरोड़ा ने लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी हार के बाद इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब है कि इंडियन नेशनल लोकदल की 2019 लोकसभा चुनाव में बुरी हार के बाद पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा द्वारा चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को भेजा गया इस्तीफा नामंजूर किया था। चौटाला ने अशोक अरोड़ा को कहा था कि प्रदेश में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव है, इसलिए पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़े।

जब शुरू में इस्तीफा नामंजूर किया गया था और बाद में उसे मंजूर कर लिया गया। दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम से ये साफ संकेत हैं कि अशोक अरोड़ा इनेलो को अलविदा कहने वाले हैं और वो जल्द ही बीजेपी का दामन थामने वाले हैं। हालांकि थानेसर सीट पर बीजेपी के सुभाष सुधा पहले ही विधायक हैं, ऐसे में अशोक अरोड़ा के लिए बीजेपी ने पेहवा या किसी दूसरे हलके से टिकट देने का विचार बनाया होगा।

बीच में चर्चाएं ये भी चली थी कि अशोक अरोड़ा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। ऐसे कयासों के पीछे तो तर्क ज्यादा थे कि बीजेपी अशोक अरोड़ा को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेगी क्योंकि थानेसर में बीजेपी को किसी दूसरे दल के नेता की जरूरत नहीं है। दूसरा तर्क ये दिया जाता था कि सीएम खुद पंजाबी हैं तो दूसरे बड़े पंजाबी नेता को वो बीजेपी में शामिल नहीं करवाएंगे। जबकि बीजेपी के लिए ये दोनों तर्क ज्यादा महत्त्व नहीं रखते। अशोक अरोड़ा को थानेसर के बजाय दूसरे हलके से टिकट दी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि इनेलो की नई कार्यकारिणी के गठन व इनेलो के अध्यक्ष पद नियुक्त होने के बाद ही अशोक अरोड़ा बीजेपी में शामिल होंगे। ताकि इनेलो की साख पर ज्यादा आंच न आएं। ओपी चौटाला ने भी इसी कारण से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। 


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