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नया हरियाणा

शनिवार, 17 अगस्त 2019

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जानिए रोहतक लोकसभा से कौन कर सकता है दीपेंद्र हुड्डा को ढेर

रोहतक लोकसभा से दीपेंद्र हुड्डा के हारने के समीकरण बने हुए हैं.

दीपेंद्र हुड्डा की हार का समीकरण, बीजेपी की जीत का मंत्र, naya haryana, नया हरियाणा

6 अप्रैल 2019



नया हरियाणा

रोहतक में इस बार बीजेपी के प्रत्याशी के जीतने के चर्चे कम हैं, बल्कि दीपेंद्र हुड्डा की हार के चर्चे ज्यादा चले हुए हैं. इस बार रोहतक लोकसभा से दीपेंद्र हुड्डा की हार के समीकरण बने हुए हैं. जिसका पूरा फायदा बीजेपी उठाने के मूड में दिख रही है. बीजेपी चाह रही है कि दीपेंद्र हुड्डा को बड़े अंतर से हराकर कांग्रेस को पूरी तरह ढेर करने के मूड में है. जिसका फायदा बीजेपी को आने वाले विधानसभा चुनाव में भी मिलेगा.

अगर लोकसभा चुनाव को बीजेपी ने हलके में लेकर लड़ा तो इसका सीधा नुकसान बीजेपी को आने वाले विधानसभा चुनाव में हो सकता है. ऐसे में बीजेपी हाईकमान और हरियाणा बीजेपी के नेता जीत के अंतर को कम करने की भूल नहीं करना चाहेंगे. 

चर्चाएं हैं कि रोहतक से बीजेपी योगेश्वर दत्त को दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार सकती है. योगेश्वर दत्त कुश्ती के दंगल से अब चुनावी दंगल में अपने दांव दिखाते हुए दीपेंद्र हुड्डा को चारों खाने चित्त कर सकते हैं. योगेश्वर दत्त हर पहलू से दीपेंद्र हुड्डा पर भारी पड़ते दिख रहे हैं.

किसी भी चुनाव में जीत के कई मंत्र होते हैं, प्रसिद्धि इनमें से सबसे बड़ा मंत्र होता है, दूसरी तरफ लहर होती है, वो भी मोदी के कारण पूरे भारत में है, हरियाणा में तो वो बहुत आक्रामक ढंग की है. तीसरा होता है संगठन, इस मामले में हरियाणा हाईकमान से लेकर बूथ लेवल तक बहुत मजबूत और मुस्तैद है. चौथा होता है नकारात्मक व सकारात्मक पक्ष. दीपेंद्र हुड्डा व भूपेंद्र हुड्डा दोनों के प्रति नकारात्मकता का माहौल ज्यादा है. जबकि इस मामले में योगेश्वर दत्त पूरी तरह सकारात्मक हैं.

मनोहर लाल की ईमानदारी से नौकरियां देने का मंत्र ओबीसी समाज को बहुत पसंद आ रहा है. जिसने हरियाणा का पूरा राजनीतिक माहौल बीजेपी के पक्ष में मजबूती के साथ खड़ा कर दिया है. दूसरी तरफ शहरी और ग्रामीण वोटरों की बात करें तो दीपेंद्र हुड्डा शहरी वोटरों में अपना जनाधार पूरी तरह खो चुके हैं और ग्रामीण में ओबीसी व एससी वोटर बीजेपी के पक्ष में खड़ा दिख रहा है.

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