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नया हरियाणा

बुधवार, 20 नवंबर 2019

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AGL मामले की सुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ी

नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड (एजेएल) कंपनी को प्लॉट आवंटन मामले की विशेष कल सीबीआई अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पेश हुए.

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4 अप्रैल 2019



नया हरियाणा

नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड (एजेएल) कंपनी को प्लॉट आवंटन मामले की विशेष कल सीबीआई अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पेश हुए. इस मामले में सीबीआई की ओर से बचाव पक्ष को दस्तावेज पेश किए गए. बचाव पक्ष की ओर से इस मामले में मोतीलाल वोहरा की उम्र और चिकित्सा कारणों के चलते पेशी से स्थाई छूट देने की अर्जी भी लगाई गई. मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होगी जिसमें कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. 
इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोती लाल वोरा को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत से पहले ही जमानत मिल चुकी है. साथ ही दोनों आरोपियों को चार्जशीट की कॉपियां भी दी जा चुकी है. इस मामले में सीबीआई ने 1 दिसंबर, 2017 को विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने मामले में सीबीआई को पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दी थी. इस चार्जशीट में कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा और एजेएल कंपनी को आरोपी बनाया गया है.
मानेसर जमीन घोटाले में आरोपी अतुल बंसल कोर्ट नहीं पहुंचे. अब बंसल को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होनी है तथा अभी चार्जशीट पर बहस भी बाकी है. हुड्डा सरकार के कार्यकाल में 27 अगस्त, 2004 से 27 अगस्त, 2007 के बीच निजी बिल्डरों ने मिलीभगत कर गुरुग्राम में मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांव के किसानों और भू स्वामियों को अधिग्रहण के नोटिस जारी करके डर पैदा किया. इसके चलते किसानों ने बिल्डरों को जमीन बेची. जब बिल्डरों ने जमीन खरीद ली तो जमीन को रिलीज कर दिया गया. 400 एकड़ जमीन ओने-पौने दाम पर खरीद ली गई. प्रदेश सत्ता बदलने के बाद आई भाजपा सरकार ने 2015 में इस मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया था. इस मामले में हुड्डा के पूर्व प्रधान सचिव एमएल तायल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व मुख्य प्रशासक एसएस ढिल्लो, संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य पूर्व आईएएस अफसर छतर सिंह, पूर्व डीपी जसवंत एबीडब्ल्यू बिल्डर्स अतुल बंसल सहित कई बिल्डरों का नाम सामने आया. सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर इसकी सुनवाई की तथा ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के आधार पर अपराधिक मामला दर्ज किया था.


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