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नया हरियाणा

शनिवार, 20 अप्रैल 2019

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रोहतक लोकसभा : तीन जीत के बाद भूपेंद्र हुड्डा को देखना पड़ा हार का मुंह, दीपेंद्र जीत चुके हैं तीन चुनाव

रोहतक से दीपेंद्र हुड्डा की सीट इस बार खतरे में है.

Rohtak Lok Sabha, Bhupendra Hooda had to face defeat after three wins, Dipendra has won three elections, naya haryana, नया हरियाणा

2 अप्रैल 2019



नया हरियाणा

हरियाणा की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले जाट बहुल रोहतक संसदीय क्षेत्र कांग्रेस का गढ़  रहा है. ऐसा माना जाता है कि हरियाणा की राजनीति रोहतक से चलती है. यहां हुड्डा परिवार की तीसरी पीढ़ी आज भी सांसद है. विपक्ष यहां से दो बार जीता, वह भी गठबंधन की बैसाखी पर. भाजपा अपने दम पर खाता यहां कभी खोल ही नहीं पाई. जाट हार्टलैंड कहे जाने वाली रोहतक लोकसभा सीट पर 1952 से लेकर अब तक 17  चुनाव हुए. जिनमें से 11 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की. रोहतक हरियाणा की एकमात्र ऐसी लोकसभा सीट है जिस पर हमेशा जाट जाति से ही सांसद बने हैं. यहां उपविजेता भी जाट ही रहे हैं. पार्टियां यहां से जाट उम्मीदवार को भी उतारती आईं हैं. इस सीट पर चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा, लहरी सिंह, प्रो शेर सिंह, हरद्वारी लाल, चौधरी देवीलाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसे दिग्गज सांसद रह चुके हैं.
रोहतक ने जिसे सिर पर चढ़ाया उसे अर्श पर पहुंचा दिया और जिसे छोड़ा उसे कभी उभरने का मौका तक नहीं दिया. देवीलाल को उपप्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने वाले व उन्हें जननायक की उपाधि दिलाने वाले रोहतक ने उन्हें राजनीति में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों लगातार तीन बार हरवाया भी है. बाद में हुड्डा 10 साल सीएम रहे. दरअसल 1989 के लोकसभा चुनाव में देवीलाल ने रोहतक सहित एक साथ तीन लोकसभा क्षेत्रों राजस्थान के सीकर व पंजाब के फिरोजपुर से भी चुनाव लड़ा था. देवीलाल रोहतक व सीकर से जीते. चुनाव के बाद देवीलाल ने सीकर सीट की सदस्यता रखी और रोहतक से इस्तीफा दे दिया. इससे नाराज रोहतक के लोगों ने लगातार 3 बार देवीलाल को सबक सीखाने के लिए यहां से लोकसभा चुनाव हराया और भूपेंद्र हुड्डा को जिताया. भूपेंद्र हुड्डा 1991, 1996, 1998 और 2004 में यहां से चुनाव जीते. उन्होंने देवीलाल को लगातार तीन बार हराया था. तीनों बार देवीलाल अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़े थे. देवीलाल ने यहां से सन 1989 का चुनाव जीता था. 
हुड्डा के बाद इस सीट पर 3 बार से उनके बेटे दीपेंद्र सांसद बनते आ रहे हैं. भाजपा बनने के बाद रोहतक लोकसभा सीट पर कमल एक बार भी नहीं खिल पाया. यहां से जनसंघ को 1971 में कामयाबी मिली थी. उसके बाद 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर प्रो. शेर सिंह, 1980 में जनता पार्टी की टिकट पर ही स्वामी इंद्रवेश, 1989 में भाजपा से गठबंधन के चलते जनता दल के देवीलाल सांसद बने थे. इसी गठबंधन में 1999 के चुनाव में इनेलो के उम्मीदवार कैप्टन इंदर सिंह को जीत मिली थी. उसके बाद विपक्ष करीब 20 साल से इस सीट पर जीत के लिए आंखें गड़ाए बैठा है.


वर्ष                     सांसद                    पार्टी

1952               रणबीर सिंह             कांग्रेस
1957               रणबीर सिंह             कांग्रेस
1962               लहरी सिंह               जनसंघ
1967               रणधीर बैयापुरिया     कांग्रेस
1971               मुख्तयार सिंह           जनसंघ
1977               प्रो. शेर सिंह             जनता पार्टी
1980               स्वामी इंद्रवेश           जनता पार्टी
1984               हरद्वारी लाल            कांग्रेस
1987               हरद्वारी लाल            लोकदल
1989               देवीलाल                  जनता दल
1991              भूपेंद्र सिंह हुड्डा          कांग्रेस
1996              भूपेंद्र सिंह हुड्डा          कांग्रेस
1998              भूपेंद्र सिंह हुड्डा          कांग्रेस
1999               कै. इंद्र सिंह              इनेलो
2004              भूपेंद्र सिंह हुड्डा          कांग्रेस
2005              दीपेंद्र हुड्डा                 कांगेस
2009              दीपेंद्र हुड्डा                 कांगेस
2014              दीपेंद्र हुड्डा                 कांगेस


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