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नया हरियाणा

शनिवार, 20 अप्रैल 2019

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अंबाला संसदीय क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस में रही जंग

अंबाला संसदीय क्षेत्र से एक साथ दो सांसद चुने जाने का रिकॉर्ड है

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29 मार्च 2019



नया हरियाणा

अंबाला संसदीय क्षेत्र से एक साथ दो सांसद चुने जाने का रिकॉर्ड है.  ऐसा अम्बाला सीट के सामान्य और आरक्षित दो भागों में बंटे होने के कारण हुआ था. यही कारण है कि 16 लोकसभा चुनाव में से यहां 17 सांसद चुने गए. लेकिन 2 सांसद चुनने की प्रक्रिया हरियाणा बनने से पहले की बात है. आजादी के बाद हुए 16 लोकसभा चुनाव में अंबाला रिजर्व सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में ही रहा है. एक बार बाजी बसपा के अमन कुमार नागरा के हाथ लगी. जबकि शेष 15 में से 9 बार कांग्रेस और 6 बार भाजपा ने यहां अपना दबदबा बनाया. 
वर्तमान में अंबाला संसदीय सीट तीन जिलों अंबाला, यमुनानगर व कालका तक फैली हुई है. अंबाला हलका आजादी के बाद पटियाला एवम ईस्ट पंजाब स्टेट यूनियन अर्थात पेप्सू का हिस्सा रहा. वर्ष 1962 में आरक्षित चुनाव क्षेत्र घोषित होने के बाद से यह अब तक अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित संसदीय क्षेत्र है. वर्ष 1952 में हुए आम चुनाव में अम्बाला-शिमला लोकसभा क्षेत्र था. उस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टेकचंद चुनाव जीते. तब पटियाला से शिमला और कुरुक्षेत्र तक का क्षेत्र में आता था. वर्ष 1957 में यह सीट अंबाला संसदीय क्षेत्र बन गया. लेकिन यहां से दो सांसद चुने गए. सुभद्रा जोशी और चुन्नीलाल कांग्रेस के ही नेता थे. आरक्षित सीट घोषित होने के बाद यहां से जीत मिली कांग्रेस के चुन्नीलाल को. उसी वर्ष यहां से 2 सांसद की व्यवस्था खत्म हो गई.
अंबाला संसदीय क्षेत्र से सबसे ज्यादा 9 बार चुनाव लड़ने का श्रेय जनसंघ के सूरजभान को जाता है. जबकि केंद्र में 10 साल मंत्री बनने वाली कांग्रेस की कुमारी शैलजा एकमात्र सांसद रही. भाजपा के सूरजभान लोकसभा में उपाध्यक्ष रहे. 13 दिन की अटल सरकार में वे कृषि मंत्री भी रहे. अब तक की सर्वाधिक अंतर की जीत भाजपा के रतन लाल कटारिया के नाम है. जबकि जीत की तिकड़ी बनाने का श्रेय कांग्रेस के रामप्रकाश के नाम है.


सांसद                    पार्टी                      वर्ष

टेकचंद                  कांग्रेस                1952-57
सुभद्रा जोशी          कांगेस                1957-62
चुनीलाल               कांग्रेस                1957-62
        चुनीलाल               कांग्रेस                1962-67        
सूरजभान            भारतीय जनसंघ    1967-71
राम प्रकाश            कांग्रेस                1971-77
सूरजभान           भारतीय लोकसभा  1977-80
सूरजभान             जनता पार्टी          1980-84
राम प्रकाश            कांग्रेस                1984-89
राम प्रकाश            कांग्रेस                1989-91
राम प्रकाश            कांग्रेस                1991-96
सूरजभान             भाजपा               1996-98
अमन कुमार           बसपा                1998-99
रतनलाल              भाजपा            1999-2004
शैलजा                  कांग्रेस             2004-2009
शैलजा                  कांग्रेस             2009-2014
रतनलाल              भाजपा             2014-2019


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