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नया हरियाणा

मंगलवार, 18 जून 2019

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स्वामीनाथन आयोग को लेकर विपक्ष व किसान सरकार को घेरने की तैयारी में जुटे

हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है.

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26 मार्च 2019



नया हरियाणा

हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है. इसे लेकर जहां किसानों ने अपनी मोर्चाबंदी की, वही सूबे में विपक्षी दलों ने भी इस मामले पर भाजपा को घेरने की तैयारी कर ली है. लेकिन भाजपा हरियाणा में किसान हित में किए गए अपने कामों और समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी को लेकर न केवल विपक्ष के बाद को जवाब देती है बल्कि किसानों के बीच उनकी भलाई के लिए किए गए कामों का बखान भी करती है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने को लेकर किसानों के साथ छलावा किया गया है. हरियाणा में किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य तक नहीं मिल रहा. मंडी में उनकी फसलों में कुछ ना कुछ कमी निकाल कर उनकी फसल कम रेट में खरीदी जा रही है. यह सब झूठी वाहवाही की लूट है. किसान लागत मूल्य के साथ 50 फीसदी मुनाफा मांग रहा है. लेकिन सरकार अपने हिसाब से रेट लेकर 2022 तक आय दोगुना करने का दावा किए जा रही है. कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने हुड्डा के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि हुड्डा पहले यह बताएं, कि उन्होंने अपने कार्यकाल में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई. अब तो वह विशेष कमेटी के चेयरमैन भी थे .पहली बार सूबे में धान व गेहूं के अलावा सरसों, बाजरे की रिकॉर्ड खरीद सरकार द्वारा की गई है. किसानों को नुकसान न हो. इसके लिए सरसों, बाजरे और चार सब्जियों की फसल को भावांतर भरपाई के अंतर्गत भी लिया गया. किसानों को हर माह आर्थिक लाभ देने के लिए पहली बार हरियाणा में 1500 करोड का बजट का प्रावधान भी किया गया है.


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