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नया हरियाणा

रविवार, 9 अगस्त 2020

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दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका ने कुत्तों से की चौकीदारों की तुलना

दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्वत परिषद के सदस्य सुनील शर्मा ने कहा है कि ऐसा विचार ना केवल उनकी खुद की मार्क्सवादी विचारधारा के विरुद्ध है.

Professor of Delhi University, comparison of dogs from chowkidars, naya haryana, नया हरियाणा

25 मार्च 2019



नया हरियाणा

दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस महाविद्यालय में पढ़ाने वाली एक शिक्षका ने जो कि एक प्राध्यापक ग्रुप(DTF) की पदाधिकारी भी हैं और दो बार दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की सदस्य भी रह चुकी हैं, आज  फेसबुक के माध्यम से एक पोस्ट लिखकर देश के चौकीदारों की तुलना कुत्तों से कर दी।
ज्ञात रहे कि ये उसी  वामपंथी दल की सदस्य हैं जो JNU में देश के खिलाफ लगाए जाने वाले नारों का समर्थन बोलने की आजादी के नाम पर करता आया है, लेकिन आज बोलने की आजादी की सारी मर्यादाओं को लांघते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक द्वेष के चलते चौकीदारों की तुलना कुत्तों से कर डाली। हालांकि ये मार्क्सवादी विचार वाले लोग मूलरूप से गरीब लोगों के संरक्षक कहे जाते हैं लेकिन इस पोस्ट को देखकर लगता है कि अब ये वामपंथी विचारधारा के लोग  मोदी के पुनः आगमन के विचार से ही  इतने बोखला गए हैं कि अपनी मूल विचारधारा को छोड़कर पूंजीवादी विचार के पोषक हो गए हैं जिसमें निम्न पदों पर आधारित लोगों को हेय दृष्टि से देखा जाता है।
हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य प्रधायपकों ने इस पर अपनी आपत्ति फेसबुक के माध्यम से दर्ज करवाई है लेकिन फिर भी देखा जाए तो इस मानसिकता के लोग अगर इतने महत्व के विश्विद्यालय में ऐसे विचार रखेंगे तो विद्यार्थियों को भी देश विरोधी विचारों से ही पोषित करेंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्वत परिषद के सदस्य सुनील शर्मा ने कहा है कि ऐसा विचार ना केवल उनकी खुद की मार्क्सवादी विचारधारा के विरुद्ध है बल्कि ये दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रधायपको को भी शोभा नहीं देता है। अगर हमारे खुद के ही विचार ऐसे होंगे तो हम किस प्रकार से अपने विद्यार्थियों के मन का सही परिष्कार कर पाएंगे। उन्होंने अपने बयान से समस्त दिल्ली विश्वविद्यालय को शर्मिंदा किया है। उन्हें भारत के सभी सम्मानित चौकीदारों से माफी मांगनी चाहिए।


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