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नया हरियाणा

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

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हिसार जिले के मुकलान गांव के प्रसिद्ध आर्य समाजी बदलूराम आर्य!

मैने कृषक मजदूरों की सूखी वो अन्तड़ियां देखीं।  और भूख की ज्वाला से मैनै जलती झोपड़िया देखी। 

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13 मार्च 2019



नया हरियाणा

तुमने हरे भरे गुलशन में शादी की फुलझड़ियां देखी। 
मैने कृषक मजदूरों की सूखी वो अन्तड़ियां देखीं। 
और भूख की ज्वाला से मैनै जलती झोपड़िया देखी। 
बिना खिले ही कलियों की वो मुरझाई पंखड़ियां देखी। 
बहती बहनों की आंखों से अश्रु की हैं लड़ियां देखीं।। 

 जन्म तिथि व स्थान 

 चौधरी बदलूराम आर्य जी का जन्म 1 जुलाई 1924 हिसार जिले के मुकलान गांव में चौधरी शादीराम जी के घर पर हूआ। इनके पिता पंचायती और सम्पन्न किसान थे। इनकी माता लाडो देवी एक धार्मिक प्रवृत्ति की देवी थी। उस जमाने में शिक्षा के अभाव के कारण इन्होने साधारण शिक्षा ही प्राप्त की। 

विवाह 

 इनका विवाह चौधरी रिसाल सिंह मास्टर (खरकड़ा) की सुपुत्री चन्द्रो देवी से हुआ। समाजसेवा में उनका सहयोग बराबर मिलता रहा। 

कर्मक्षेत्र 

इन्होने सार्वदेशिक सभा के प्रधान आदरणीय स्वामी ओमानंद के जीवन से प्रभावित होकर सन् 1962 में आर्य समाज की दीक्षा ली। ओर लगातार 57वर्षों से आर्य से जुड़े हूए हैं। 

जनजागरण प्रचार यात्रा 

आर्य प्रतिनिधि सभा जिला हिसार वेद प्रचार मंडल के अध्यक्ष बनने के उपरांत स्वामी इन्द्रवेश जी के कहने पर आपने हिसार जिले के स्कूलों व 100गांवों में आर्य समाज का प्रचार किया। आपने जिला हिसार, सिरसा, फतेहाबाद में 15गावों में आर्य समाज की स्थापना की। जिले के समीपवर्ती राजस्थान के अनेकों गांवों में आर्य समाज की स्थापना व वेद प्रचार किया। आप गऊ भक्त होने पर आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य बलदेव जी के साथ सिरसा जिले के 45गांवों में गऊ शालाओं का निरिक्षण किया, इनकी खस्ता हालात देखकर जिंदल हाऊस से उनकी सहायता करवाते रहे। आप एक स्पष्टवादी व पंचायती स्वभाव के होने पर आपने अनेकों पंचायतो की अध्यक्षता की। सन् 1977 में जिला हिसार के गोरछी गांव में 40गांवों की महापंचायत की अध्यक्षता करते हूए एक व्यक्ति को दोषी करार देकर जुर्माने से दंडित किया। आपने कालीरावण खाप 12की पंचायत भिवानी (रुहल)की पंचायत की अध्यक्षता की ओर भाईचारे के मनमुटाव और राजीपे करवाए। 

आपने गत पिछले वर्षों में कालीरावण गौत्र की गांव पूर्णपुरा में महांपचायत अध्यक्षता करते हूए आपस के झगड़े व कत्ल केस में उनको मिलाने का प्रयास किया। आपने धीरणवास गांव में हाई स्कूल में 5 गांव कालीरावणों की एक पंचायत बुलवाकर उसमें हमारे पूर्वजों की यादें दिलाकर भाईचारा संगठन पर प्रकाश डाला। जिसके तुरंत बाद ही भिवानी में खाप का संगठन किया। 

जेल यात्रा 
आपने शराब के ठेकों की निलामी पर जिला हिसार में स्वामी इन्द्रवेश के नेतृत्व में गिरफ्तारी दी। और स्वामी अग्निवेश जी के ऐलान पर शराब बंदी के खिलाफ आप अपने साथियों सहित हांसी पुलिस से गिरफ्तार होकर जींद जेल में रखे गये। आप जेल में भी यज्ञ हवन करते रहें। आपके पुरुषार्थ का अनेकों जगह अभिनंदन हूआ। 

 पद 

आपने गांव मुकलान में सन् 1972 में आर्य समाज की स्थापना की। और प्रधान बने जो आज भी हैं। ओर पांच वर्ष तक वेद प्रचार मंडल हिसार के प्रधान रहे। आप गुरुकुल धीरणवास के सरंक्षक व प्रधान रहे। आपने आर्य समाज गुरुकुल आर्य नगर के 10साल तक सेवा में अनेकों पदों की जिम्मेदारी ली आप अखिल भारतीय नशा निषेध परिषद, दिल्ली के अजीवन सदस्य हैं। और आर्य समाज नागोरी गेट के कई वर्षों कर सरंक्षक रहे 29जून 2012 को आर्य समाज नागोरी गेट में आप सर्वसम्मति से प्रधान चुने गये। आपका समर्थन गणमान्य सैकड़ो व्यक्तियों ने सर्वसम्मति से किया। आपका गांव सिसाय में कालीरावण गोत्र की एक महापंचायत में सर्वसम्मति से कालीरावणा खाप का सरंक्षक चुना गया। जो भी खाप की पंचायते होती हैं, उनकी अध्यक्षता आप ही करते हो। 

सुधार कार्य 

आप एक समाज सुधारक, विचारक होने के कारण अपने परिवार में बड़े भाई चौधरी रामधन सिंह आर्य व अपने बेटों के विवाह में सादे समारोह से व दहेजरहित किए। आपने अपने परिवार में पर्दा प्रथा का अंत किया। ओर अपने समाज में इसका विरोध किया। आप गांव मुकलान में गरीब लड़कियों की लाखों रुपए की सहायता कर चुके हैं। साथियों के सहयोग से अब भी हिस्सा ले रहे हैं। आपने अपने गांव मुकलान में सेठ बजरंग लाल गोयल तथा सूबे सिंह आर्य के सहयोग से आसपास के गांव में आर्य समाज के जिला स्तर पर झलसे करवाए। जिनकी रिकार्डिंग सुरक्षित रखने के साथ साथ प्रचार भी किया। ऐसा कोई भी उपदेशक व भजनोपदेशक नहीं जो मुकलान के झलसों में नहीं गया हो। हरियाणा, यू पी, राजस्थान अनेकों जगह से भजन मंडलियां अपना प्रचार करके जाती। आप आज 93वर्ष की उम्र होने पर पूरे स्वतंत्र, बुद्धि पूर्वक सारे गांव के शुभ चिंतक बन कर जी रहे हैं। आपने अपनी जवानी में फौज में रहकर देश की रक्षा की और किसान होने के नाते अन्न पैदा किया और समाज सेवा की, अब यह गीत गा रहें हैं स्वार्थ भाव मिटे हमारा वेद पथ विस्तार हो इदन्न मम का सार्थक प्रत्येक में व्यवहार हो। 

हरियाणा सरकार द्वारा सम्मानित 

 आप कुरूक्षेत्र में आयोजीत "सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग,राज्य स्तरीय वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह में, आपके समाज के प्रति किये गये विभिन्न कार्यों के योगदान को देखते हूए शतवर्षीय पुरस्कार प्रदान किया गया। जिसके अन्तर्गत  50000हजार रुपए प्रशस्ति पत्र एक शाल देकर पुरस्कृत किया। हम सभी की तरफ से उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायुष्य के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं। पुरे आर्य समाज को आप पर नाज है।


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