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नया हरियाणा

गुरूवार, 19 सितंबर 2019

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करण दलाल ने लिखा राज्यपाल को खत, मनोहर लाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग

पीएलपीए में संशोधन करना हरियाणा सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करता दिखायी दे रहा है.

Karan Dalal wrote to the Governor to remove Khand and Manohar Lal as chief minister, naya haryana, नया हरियाणा

4 मार्च 2019



नया हरियाणा

पीएलपीए में संशोधन करना हरियाणा सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी करता दिखायी दे रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री करण दलाल ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को पद से हटाते हुए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. पत्र में करण दलाल ने लिखा है कि पीएलपीए में संशोधन हजारों करोड़ का फ्रॉड है. इसे सरकार के संरक्षण में अंजाम दिया गया है. इसमें केंद्र व प्रदेश स्तर के भाजपा नेता भी शामिल हैं. पावरफुल बिल्डर और खनन माफिया लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने इस एक्ट में संशोधन किया. इसीलिए उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के संशोधन पर रोक लगाने के मद्देनजर उचित कार्रवाई करते हुए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश दिए जाएं.
वहीं, 'शिवालिक बचाओ' मंच के अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने आरोप लगाया कि वस्तु 18 के तहत वन विभाग, हरियाणा सरकार सदन की पटल पर बिल पेश करने में सक्षम नहीं है. सरकार ने सदन को गुमराह किया है. पूर्व इंदिरा सरकार के समय 1976 में संविधान में 26 वां संशोधन किया गया था. जिसमें अनुच्छेद 48 ए के अनुसार पर्यावरण की रक्षा व सुधार वन व वन्य जीवन की सुरक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकार का संयुक्त दायित्व है. क्योंकि वन समवर्ती लिस्ट में है. बंसल का कहना है कि हरियाणा सरकार ने 2006 में वन नीति बनाई थी.  जिसमें कहा गया था कि हरियाणा में वन क्षेत्र 6% है और 2010 में 10% किया जाएगा तथा 2020 में 20% किया जाएगा. मगर अब तक केवल मात्र 3.5% ही वन क्षेत्र हरियाणा में है. अगर पीएलपीए संशोधन पूरी तरह लागू हो जाता तो हरियाणा में वन क्षेत्र केवल 2% ही रह जाता.


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