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नया हरियाणा

मंगलवार, 17 जुलाई 2018

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ब्रह्मांड के रहस्य बताने वाले स्टीफन हॉर्किंग को श्रद्धांजलि

स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान दिया है.

Stefan Horcking, naya haryana, नया हरियाणा

14 मार्च 2018

नया हरियाणा

विख्यात ब्रिटिश भौतिकविद् और कॉस्मोलॉजिस्ट स्टीफन हॉकिंग का 76 की उम्र में निधन हो गया है. परिवार ने इसकी पुष्टि की है. स्टीफन के बच्चे लूसी, रॉबर्ट और टिम ने एक बयान में कहा, हम अपने पिता की मृत्यु से बेहद दुखी हैं. वे एक महान वैज्ञानिक होने के साथ ही शानदार व्यक्ति थे. उनके कार्य और विरासत हमेशा जिंदा रहेंगे. वे लोगों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे. हम उन्हें बहुत मिस करेंगे.

स्टीफन विलियम हॉकिंग  एक विश्व प्रसिद्ध ब्रितानी भौतिक विज्ञानी, ब्रह्माण्ड विज्ञानी, लेखक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र (Centre for Theoretical Cosmology) के शोध निर्देशक हैं.

'अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम' ने मचाया तहलका
स्टीअफन हॉकिंग का जन्मम आठ जनवरी, 1942 को इंग्लैं ड के ऑक्स फोर्ड में हुआ था. वह भौतिक विज्ञानी, ब्रह्मांड विज्ञानी और लेखक थे. वह यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के सेंटर फॉर थियोरेटिकल कॉस्मो लॉजी के रिसर्च विभाग के डायरेक्टमर भी थे. उन्होंजने हॉकिंग रेडिएशन, पेनरोज-हॉकिंग थियोरम्सक, बेकेस्टी.न-हॉकिंग फॉर्मूला, हॉकिंग एनर्जी समेत कई अहम सिद्धांत दुनिया को दिए. उनके कार्य कई रिसर्च का बेस बने. स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान दिया है.

उनके पास 12 मानद डिग्रियां थीं. उन्हें अमेरिका के सबसे उच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया था. ब्रह्मांड के रहस्यों पर उनकी किताब 'अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम' काफी चर्चित हुई थी. इस किताब में उन्होंने बिग बैंग सिद्धांत, ब्लैक होल, प्रकाश शंकु और ब्रह्मांड के विकास के बारे में नई खोजों का दावा कर दुनिया भर में तहलका मचा दिया था. उनकी इस किताब की अब तक करीब 1 करोड़ प्रतियां बिक चुकी हैं.
100 सालों में मानव को दूसरा घर खोजने की दी थी सलाह
स्टीफेन हॉकिंग ने कहा था कि अगर मानव प्रजाति को बचाना है तो आगामी 100 सालों में हमें पृथ्वी से अलग किसी दूसरे ग्रह पर अपना घर तलाशने की शुरुआत करनी होगी. उन्होंने एक थ्योरी की माध्यम से इस बात की संभावना ज़ाहिर की थी कि आने वाले 1000 या 10000 सालों में पृथ्वी पर क्लाइमेट चेंज, महामारी, जनसंख्या वृद्धि या एस्टेरॉयड के टकराने जैसा कोई बड़ा हादसा हो सकता है. अगर हम ब्रह्मांड में दूसरा घर तलाश लेंगे तो मानव प्रजाति को बचाया जा सकता है.


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