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नया हरियाणा

रविवार, 15 सितंबर 2019

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हरियाणा को एक अलग हाईकोर्ट की जरूरत है: पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा

फिलहाल जब तक यह नहीं हो पाता तब तक हरियाणा के जजों का अनुपात बढ़ाना चाहिए.

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28 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मांग की है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के जजों की संख्या पंजाब के जजों के समान अनुपात में होनी चाहिए. उच्च न्यायालय में अभी पंजाब के 60 और हरियाणा के 40 फ़ीसदी जज हैं. जबकि हाईकोर्ट में हरियाणा के केसों की संख्या काफी अधिक है. सीएम हुड्डा का कहना है कि जब तक हरियाणा का अलग हाईकोर्ट नहीं बन जाता तब तक हरियाणा और पंजाब के जजों की संख्या 50:50 तक होनी चाहिए. वर्तमान में यह अनुपात 60 और 40 का है. इससे हरियाणा के मामले लंबित रह जाते हैं.  सबसे पहले यह अनुपात 2:1 एक था. वर्ष 1994 के बाद इसे 60:40 कर दिया गया. वर्तमान में इसे 50:50 का होना चाहिए. 2017 के रिकॉर्ड के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब के पेंडिंग केस 5,17,970 थे, जबकि हरियाणा के 5,90,343 केस थे. इसके अलावा अप्रैल 2017 तक हरियाणा में 2,29,127 और पंजाब में 2,21,994 केस थे. इन केसों में कई केस हाईकोर्ट पहुंचे. ऐसे में हरियाणा को एक अलग हाईकोर्ट की जरूरत है. फिलहाल जब तक यह नहीं हो पाता तब तक हरियाणा के जजों का अनुपात बढ़ाना चाहिए.


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