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नया हरियाणा

सोमवार , 27 मई 2019

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ट्यूलिप की व्यवसायिक खेती करके किसान कमा सकते हैं अच्छा पैसा

जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर अब हिमाचल प्रदेश में भी ट्यूलिप फूलों की व्यवसायिक खेती हो सकेगी।

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28 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर अब हिमाचल प्रदेश में भी ट्यूलिप फूलों की व्यवसायिक खेती हो सकेगी। हिमाचल की जलवायु ट्यूलिप की खेती के लिए अनुकूल है। हरियाणा में भी इन्हें पॉली हाउस में उगाया जा सकता है। हिमाचल के किसान व बागवान इसकी व्यवसायिक खेती कर अपनी आर्क थि स्थिति को सुदढ़ृ बना सकते हैं। साथ ही हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर ट्यूलिप गार्डन तैयार किया जा सकता है। ट्यूलिप के फूलों की देश की मेट्रो सिटी में भारी डिमांड है।

नौणी विवि ने जम्मू-कश्मीर के डिपॉटमेंट ऑफ फ्लोरीकल्चर से 44 प्रजातियां लाई गई हैं। हिमाचल में ट्यूलिप की व्यवसायिक खेती के लिए यह किस्में मुफीद है। ट्यूलिप कितना लोकप्रिय फूल है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हॉलैंड की इकोनॉमी में इसका अहम भूमिका है। इस फूल का विशेष आकर्षण होता है। जेएंडके के श्रीनगर में स्थापित ट्यूलिप गार्डन को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर ट्यूलिफ फेस्टीवल का भी आयोजन किया जाता है। सोलन जिले के चायल के समीप महोगबाग में भी वर्ष 1990 में उन्नत पुष्प उत्पादक एमके सिंह ने भी ट्यूलिप को लगाया था।

गमलों में उग सकता है ट्यूलिप का फूल ट्यूलिप को गमलों में आसानी से उगाया जाता है। इसके लिए नमी के साथ ठंडा वातावरण होना चाहिए। हिमाचल के सोलन का चायल, शिमला का डोडरा क्वार, मंडी का जंजैहली, चंबा का भरमौर, तीसा, पांगी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर का वातावरण इसके लिए ज्यादा उपयुक्त है। बेकार जमीन पर भी इसे उगाया जा सकता है।

ठंडा वातावरण पैदावार के लिए अनुकूल नौणी के फ्लोरीकल्चर विभाग के एचओडी डॉ. वाईसी गुप्ता ने बताया कि ट्यूलिप की 44 किस्में जेएंडके से मंगवाई हंै। इस पर काम शुरू हो गया है। वैज्ञानिक डॉ. सीताराम धीमान, डॉ. पूजा शर्मा, डॉ. भारती कश्यप इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि नौणी यूनिवर्सिटी में इस फूल को उगाने की पूरी टेक्नोलॉजी मौजूद है।

उत्पादकों तक पहुंचाई जाएगी तकनीक नौणी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एचसी शर्मा ने कहा कि हिमाचल अब पुष्प राज्य की ओर अग्रसर है। इस कड़ी में ट्यूलिप अहम भूमिका निभाएगा। प्रदेश के हाई अल्टीट्यूट क्षेत्रों के पुष्प उत्पादक ट्यूलिप की व्यवसायिक खेती कर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। शीघ्र ही इसकी तकनीक पुष्प उत्पादकों को हस्तांतरित की जाएगी।


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