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नया हरियाणा

बुधवार, 24 अप्रैल 2019

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किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की नीति बनाने की बजाय चुनावी रिश्वत दी केंद्र और हरियाणा सरकार ने – दुष्यंत चौटाला

सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी हरियाणा सरकार के बजट को चुनावी घोषणाओं का पुलिंदा करार दिया।

Instead of forming a policy to make the farmers self-reliant, instead the electoral bribe center and the Haryana government, Dushyant Chautala, naya haryana, नया हरियाणा

25 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

हरियाणा की भाजपा सरकार ने चुनावी वर्ष में लोकलुभावन घोषणाएं कर लोगों को सरकारी रिश्वत देकर चुनाव में फायदा लेने की विफल और अनैतिक कोशिश की है। विधानसभा में अंतरिम बजट के नाम पर दावों और घोषणाओं का लम्बा चौड़ा चिट्ठा पेश किए जाने की जननायक जनता पार्टी ने निंदा की है और इसे आम लोगों और विशेषकर भोले किसानों के साथ धोखा बताया है। जेजेपी नेताओं ने कहा कि अंतरिम बजट में नई घोषणाएं करने की बजाय चुनाव तक का जरूरी सरकारी खर्च और पहले से चल रही योजनाओं के लिए बजट लिया जाता है लेकिन ना तो केंद्र सरकार ने और ना ही अब हरियाणा सरकार ने ऐसी नैतिकता दिखाई और अंतरिम बजट को लोगों को भ्रमित करने वाली बातें करने के लिए इस्तेमाल किया है।
जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि सरकार ने कृषि जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग का बजट सिर्फ 4.5 फीसदी बढ़ाया गया है जबकि कुल बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद यह स्वीकार कर लिया है कि कृषि और किसान उनकी प्राथमिकता में बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खेती का बजट उतना भी नहीं बढ़ाया जितनी आज से समय में महंगाई दर है। यानी किसानों को सरकार वक्त से भी पीछे छोड़ना चाहती है। सरकार को चाहिए था कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संस्थागत और नीतिगत फैसले लेती। उल्टे चुनावी साल में किसानों को भ्रमित करने के लिए उन्हें कुछ नकद पैसे देने की हिम्मत जरूर भाजपा सरकार ने दिखाई जो अनैतिक है और महज दिखावा है। निशान सिंह ने कहा कि साढ़े 4 साल तक किसानों को भगवान भरोसे छोड़ने वाली भाजपा सरकार की नींद चुनाव सामने देखकर टूटी है और अब वे आननफानन में हाथ-पैर मार रहे हैं लेकिन देश का किसान अब इस जनविरोधी सरकार की सभी चाल समझने लगा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर सरकार चुनावी साल में सच्चे-झूठे वादे कर ही रही थी तब भी कृषि क्षेत्र के लिए बजट में एक भी नई योजना क्यों शामिल नहीं कर पाई ? निशान सिंह ने कहा कि उन्होंने बजट पढ़कर देखा है और उन्हें कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोई नई योजना नहीं मिली।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी हरियाणा सरकार के बजट को चुनावी घोषणाओं का पुलिंदा करार दिया। युवा सांसद ने कहा कि सरकार के पास रोजगार, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर ना पहले कोई स्पष्ट योजना थी, ना इस बजट में दिखी। निजी क्षेत्र में स्किल इंडिया के जरिए रोजगार पैदा करने की भाजपा सरकार की योजना औंधे मुंह गिरी है और सरकार के पास बताने के लिए इससे जुड़े आंकड़े तक नहीं है। सांसद ने कहा कि हरियाणा के वित्तमंत्री ने 100 एन्वायरमेंट स्मार्ट गांव बनाने की बात कही है जबकि स्मार्ट सिटी के लिए घोषित हरियाणा के तीन शहरों में बीते 4 सालों में सुधार की बजाय बदहाली ही बढ़ी है। पंचकुला जैसा आधुनिक शहर भी स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप 100 शहरों में जगह नहीं बना पाया, उल्टे हरियाणा के शहर देश के सबसे अस्वच्छ शहरों में शुमार हो गए। इससे दिखता है कि भाजपा सरकारें सिर्फ योजना बनाकर वाहवाही लेती हैं, उन्हें लागू करने में पूरी तरह विफल होती है। सांसद ने कहा कि सरकार ने सिर्फ 164 रोडवेज बसें अपने खेमे में शामिल की जबकि इनके कहीं ज्यादा बसें इस दौरान कंडम हो गई। ना तो सरकार निजी बसें सड़कों पर लाने की कोई व्यावहारिक नीति ला पाती, ना सरकारी बसों की संख्या बढ़ाती। लोग परेशान होते रहें, महंगी गाड़ियों और एरोप्लेन में चलने वाली सरकार के मंत्रियों को कोई लेना देना नहीं।
दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की बार-बार घोषणा करती है जबकि बजट में बमुश्किल 3 जिलों में मेडिकल कॉलेज पर काम होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि वे लगातार हरियाणा के दौरे पर हैं, उन्हें कहीं भी किसी शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम पर कोई ईंट लगती नज़र नहीं आई। अच्छा होता कि वित्त मंत्री बताते कि कौनसा कॉलेज कितना बन गया है और कब तक शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गांवों के विकास के लिए कोई नई योजना बजट में नहीं रखी। वित्तमंत्री ने ना सिर्फ पुरानी योजनाओं का गुणगान बजट में किया बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उन मकानों की संख्या गिनवा दी जो हरियाणा का हाऊसिंग बोर्ड यह योजना घोषित होने के पहले से ही बना रहा था। सांसद ने सवाल किया कि मंत्री जी ने सदन को यह क्यों नहीं बताया कि इस घरों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी या नहीं।


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