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नया हरियाणा

गुरूवार, 20 जून 2019

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बिजली व ऊर्जा क्षेत्र में हरियाणा सरकार के क्रांतिकारी कदमों ने दी प्रगति

बिजली विभाग के 12988.61 करोड़ रुपये और नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के लिए 475.91 करोड़ रुपये का आवंटन

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25 फ़रवरी 2019



नया हरियाणा

बिजली 
वर्ष 2018-19 में, सरकार ने बिजली क्षेत्र में कई नई पहल की हैं, इनमें लम्बित बिजली बकाया की समस्या के समाधान के लिए षुरू की गई ‘बिल निपटान योजना’ षामिल है। इस योजना के तहत 20 किलोवाट तक के स्वीकृत भार वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं और 5 किलोवाट तक के स्वीकृत भार वाले गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के जून, 2005 से पहले के सभी लम्बित बिल माफ कर दिए गए। 19 जनवरी, 2019 तक 13.48 लाख उपभोक्ताओं ने योजना का विकल्प चुना और 437.52 करोड़ रुपये जमा करवाए, जबकि 3808.61 करोड़ रुपये माफ किए गए तथा कुल 4246.12 करोड़ रुपये की राशि का निपटान किया गया है। 

पहली बार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी प्रदान कर बिजली की दरें घटाकर लगभग आधी की गई, इससे 41.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिषत से अधिक है। भुगतान के विभिन्न ऑनलाइन तरीकों की शुरुआत से डिजिटल लेनदेन की संख्या अप्रैल, 2018 के 43.30 लाख से बढ़कर दिसंबर, 2018 में 57.80 लाख हो गई है।

सरकार ने 31 दिसंबर, 2018 तक प्राप्त 85,000 लम्बित आवेदनों के संबंध में कनेक्शन जारी करने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत, 10 बीएचपी तक के आवेदकों के पास डिस्कॉम का ग्रिड कनेक्टिड बिजली कनेक्शन या हरेडा से ऑफ-ग्रिड सोलर पावर्ड कनेक्शन लेने का विकल्प होगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि राज्य में नए नलकूप कनेक्शन अनिवार्य रूप से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और ऊर्जा कुशल पंप सेट के साथ दिए जाएंगे।

रोज़गार
रोजगार विभाग के लिए 365.20 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव जोकि बजट अनुमान 2018-19 के 241.44 करोड़ रुपये के परिव्यय से 51.3 प्रतिषत अधिक है।

श्रम 
 58.57 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव 

सिंचाई एवं जल संसाधन
3,324.51 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित करता हूँ, जोकि संषोधित अनुमान 2018-19 के 3,130.63 करोड़ रुपये के परिव्यय से 6.2 प्रतिषत अधिक है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी 
3,605.32 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित जबकि वर्श 2018-19 का संषोधित अनुमान 3,590.47 करोड़ रुपये था।
 

बिजली सम्प्रेषण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए, वर्ष 2019-20 में 19 सब-स्टेशन बनाने, 89 मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने तथा 1000 से अधिक सर्किट किलोमीटर सम्प्रेषण लाइनें बिछाने की योजना बनाई गई है।

बिजली के उचित वितरण के लिए पिछले चार वर्षों में, 33 केवी के 140 नए सब-स्टेशन स्थापित किये गए, 386 मौजूदा सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई और 1,555 सर्किट किलोमीटर की नई 33 केवी लाइनें बिछाई गई। वर्ष 2019-20 में, 95 नए सब-स्टेशन बनाने, 107 मौजूदा 33 केवी सब-स्टेशनों के संवर्धन तथा नई 700 किलोमीटर लम्बी 33 केवी लाइनें बिछाने की योजना बनाई गई है।

नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा

राज्य सरकार द्वारा प्रदेष में जैव ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मार्च, 2018 में एक जैव ऊर्जा नीति अधिसूचित की गई। इस नीति के तहत वर्ष 2022 तक 150 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

राज्य सरकार किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें सौर वाटर पंपिंग सिस्टम प्रदान करने की एक योजना लागू कर रही है। इस योजना के तहत किसानों को 2 एचपी और 5 एचपी के सौर वाटर पम्पिंग सिस्टम प्रदान किए जाएंगे, जिन पर 75 प्रतिशत राज्य सब्सिडी होगी तथा 25 प्रतिशत राशि उपयोगकर्ता द्वारा वहन की जाएगी।
135    सरकार की 3 एचपी से 10 एचपी क्षमता के 50,000 ऑफ-ग्रिड सोलर पंप स्थापित करने की योजना है जिसे 75 प्रतिशत राज्य सब्सिडी के साथ नाबार्ड से ऋण लेकर दो चरणों में लागू किया जाएगा। वर्ष 2018-19 में प्रथम चरण में 15,000 पंप और वर्ष 2019-20 में दूसरे चरण में 35000 पंप लगाने की योजना है।


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